IIT बॉम्बे-साहिल ने नकल करते पकड़ाने पर माफी मांगी थी:दूसरा मौका देने को भी कहा; छात्र ने 18 सितंबर को सुसाइड किया था
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे ने परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ाने के बाद संस्थान को लिखित माफी दी थी। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि साहिल ने लिखित बयान में कहा था कि उसने पेपर की अच्छी तैयारी नहीं की थी। उसने अपनी गलती मानी और दूसरा मौका देने की मांग की थी। मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला समेत 40 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं। साहिल के पिता रवींद्र ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने संस्थान में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करने की बात बताई थी। उन्होंने कहा- जिन लोगों ने मेरे बेटे को प्रताड़ित किया, उन्हें जेल में डालना चाहिए। 22 साल का साहिल IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेड सेकेंड ईयर का छात्र था। 18 सितंबर की शाम वह हॉस्टल के कमरे में मृत मिला। मौत से कुछ घंटे पहले वह मिड-सेमेस्टर एग्जाम में मोबाइल फोन से साथ पकड़ा गया था। 18 सितंबर के एग्जाम हॉल की CCTV फुटेज में साहिल नजर आया क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल परीक्षा के दौरान बार-बार नीचे झुककर कुछ देखता नजर आया। 54 सेकेंड की फुटेज में साहिल आगे की सीट पर बैठा दिखाई दे रहा है। प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला उसके पास आते हैं और उससे बात करते हैं। इसके बाद साहिल अपना मोबाइल फोन और आंसर शीट उन्हें देता है और एग्जाम हॉल से बाहर चला जाता है। CCTV के अनुसार, साहिल करीब 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचा और फिर बाहर नहीं निकला। बाद में वह कमरे में मृत मिला। क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच कर रही है। प्रोफेसर पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच के तहत IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे और प्रोफेसर दुल्ला के बयान भी दर्ज किए हैं। साहिल के पिता की शिकायत पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज की थी। पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया है। प्रोफेसर दुल्ला ने पुलिस को दिए बयान में साहिल के माता-पिता द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। IIT बॉम्बे ने 10 सदस्यीय कमेटी बनाई IIT बॉम्बे ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय हाईलेवल कमेटी बनाई है। इसकी अध्यक्षता IIT पालक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. रमेश वेंकटेश्वरन करेंगे। कमेटी साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की जांच करेगी और एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी। IIT ने पहले नकल का आरोप लगाया, फिर बयान वापस लिया IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था और ChatGPT पर प्रश्नपत्र अपलोड करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, 21 सितंबर को संस्थान ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले ऐसा बयान देना उचित नहीं था। छात्रों की 18 मांगों में से 2 पर सहमति साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन तीन दिन चला। छात्रों ने 18 मांगों का चार्टर दिया था, जिसमें स्वतंत्र जांच, संबंधित प्रोफेसर पर कार्रवाई, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और संस्थागत फैसलों में छात्रों की भागीदारी जैसी मांगें शामिल थीं। 20 सितंबर की रात करीब तीन घंटे की बैठक के बाद IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने चार्टर पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, संस्थान ने कहा कि कुछ मांगों पर नियमों के तहत आगे प्रक्रिया की जाएगी। IIT बॉम्बे में इस साल 3 सुसाइड, देश में 9वां मामला साहिल की मौत इस साल IIT बॉम्बे में तीसरा मामला है, जबकि देश के IITs में यह नौवां मामला बताया गया है। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की है।
बीजेपी महिला सांसद राष्ट्रपति से मिलेंगी:JNU से बर्खास्त कांग्रेस सांसद के मामले पर दखल की मांग; 11 छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोप
बीजेपी की महिला सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल जेएनयू के प्रोफेसर पद से हटाए गए कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल आकोइजाम का मुद्दा उठाएगा। बीजेपी के मुताबिक, सांसद डी. पुरंदेश्वरी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। इसमें बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी, दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज और अन्य नेता शामिल होंगे। राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात मंगलवार दोपहर राष्ट्रपति भवन में तय है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने प्रोफेसर और इनर मणिपुर से कांग्रेस लोकसभा सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया था। यूनिवर्सिटी ने उन्हें 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का दोषी पाया। बर्खास्तगी तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। यह कार्रवाई यूनिवर्सिटी की इंटरनल कमेटी (IC) की जांच के निष्कर्षों के आधार पर की गई। 2023 में मणिपुर हिंसा के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में वे कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 'इनर मणिपुर' सीट से लड़े और भाजपा उम्मीदवार को 1 लाख से ज्यादा वोटों से हराकर सांसद चुने गए। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन यह मुलाकात सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हुए बीजेपी महिला मोर्चा के प्रदर्शन के एक दिन बाद हो रही है। बीजेपी महिला मोर्चा ने हिमाचल प्रदेश में कई जगहों पर भी प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस से इनर मणिपुर के सांसद आंगोमचा बिमोल आकोइजाम को पार्टी से निकालने की मांग की थी। दिल्ली के प्रदर्शन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, कई महिला सांसद और बीजेपी कार्यकर्ता शामिल हुए थे। वाइस चांसलर से शिकायत की अकोइजाम को हटाने की कार्रवाई से पहले दिल्ली कमीशन फॉर विमेन (DCW) ने मामले पर JNU प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने 11 छात्राओं के आरोपों पर सितंबर में यह रिपोर्ट मांगी थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उन्होंने मई 2026 में JNU की वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित को प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दी थी। छात्राओं का आरोप था कि उस समय उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। गुप्ता ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा था। 2023 मे मणिपुर हिंसा के बाद सक्रिय अंगोम बिमोल अकोइजाम जेएनयू (JNU) के प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं। वे मणिपुर के रहने वाले हैं और राज्य के सामाजिक व मानवाधिकार मुद्दों पर लंबे समय से मुखर आवाज रहे हैं। 2023 में मणिपुर हिंसा के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। बिमोल की सांसदी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है, क्योंकि कानून के मुताबिक सांसदी तभी रद्द होती है जब किसी आपराधिक मामले में अदालत कम से कम 2 साल की जेल की सजा सुनाए। संसद में वे मणिपुर में शांति बहाली, पीड़ितों के पुनर्वास और पूर्वोत्तर के अधिकारों पर अपने तीखे व प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं। JNU में छेड़छाड़ पिछली घटनाएं मार्च 2024: 19 साल की छात्रा के साथ कैंपस के पास छेड़छाड़ हुई, जिसके बाद भारी विरोध हुआ। अक्टूबर 2024: फ्रेशर्स पार्टी के दौरान हुई घटना को लेकर 47 छात्राओं ने मिलकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायतों का रिकॉर्ड 2017 से 2024 तक: आंतरिक शिकायत समिति (ICC) बनने के बाद कुल 151 शिकायतें आईं। 2015-16: एक ही साल में रिकॉर्ड 39 मामले दर्ज हुए थे। हाल के वर्ष: 2022-23 और 2023-24 में हर साल 30-30 शिकायतें सामने आईं। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल में पोर्न वीडियो मिले:जेल से जब्त हुआ था; पूर्व PM का पोता रेप केस में उम्रकैद काट रहा बेंगलुरु की जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल में कई पोर्न वीडियो और पेन ड्राइव में वेब सीरीज मिली हैं। शनिवार को फोन और अन्य डिवाइस की फोरेंसिक जांच में इसका पता चला। पूरी खबर पढ़ें…
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