Responsive Scrollable Menu

UP Industrial City: यूपी के गोरखपुर और बांदा में तैयार होंगी 2 नई इंडस्ट्रियल सिटी! योगी सरकार ने ₹481 करोड़ की DPR को दी मंजूरी

UP Industrial City: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बांदा में नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने ₹481 करोड़ से अधिक की दो परियोजनाओं की DPR को मंजूरी दी है। यूपी में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश के नए अवसर पैदा करने की दिशा में गोरखपुर और बांदा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है

Continue reading on the app

भारतीय जहाजों पर लगातार हमलों से भड़का India ! Ajit Doval ने सीधे Iran के सर्वोच्च नेता के करीबी को घुमाया फोन

पश्चिम एशिया में युद्ध की आग अब भारत के समुद्री हितों और नागरिकों की सुरक्षा तक पहुंच गई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमलों के अगले ही दिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रज़ाई से फोन पर बातचीत की। 12 अक्टूबर 2026 को हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन जिस समय यह संपर्क हुआ, उसने भारत-ईरान सुरक्षा संवाद के सामरिक महत्व को फिर केंद्र में ला दिया है।

भारतीय जहाजों पर लगातार बढ़ते हमलों और भारतीय नाविकों की जान पर मंडराते खतरे ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद अब भारत की सुरक्षा कूटनीति सीधे सक्रिय हो गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 12 अक्टूबर को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रज़ाई से फोन पर बातचीत की। ईरान के सत्ता और सुरक्षा तंत्र में अहम भूमिका रखने वाले रज़ाई तक डोभाल का सीधा पहुंचना ऐसे समय में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जब समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ रहा है और दो भारतीय नाविक अब भी लापता हैं। इस उच्चस्तरीय संपर्क ने साफ कर दिया है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार के हितों को लेकर नई दिल्ली कूटनीतिक स्तर पर पूरी सक्रियता से जुटी हुई है।

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: इधर Saudi Arabia ने वॉर्निंग बंद की, उधर Houthis ने रियाद पर Missile ठोक दी! अब Iran बोला— हम सुलझवाएंगे लड़ाई

दो जहाजों पर हमला, भारतीय नाविकों की जान पर संकट

हम आपको बता दें कि 11 अक्टूबर को दो वाणिज्यिक जहाज हमलों की चपेट में आए। निकारागुआ के ध्वज वाले टैंकर MT Petro Dolphin पर ड्रोन से हमला हुआ। जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से नौ को बचा लिया गया, जबकि दो लापता बताए गए। दूसरी ओर, मार्शल द्वीप के ध्वज वाले MT Valthera पर अज्ञात मिसाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई। उस पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए।

भारत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल तनाव कम करने और बातचीत के जरिए संघर्ष का समाधान निकालने की मांग की। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले बंद होने चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों और संबंधित जहाज प्रबंधन कंपनियों के साथ समन्वय कर रहा है। देखा जाये तो यह केवल दो जहाजों की सुरक्षा का मामला नहीं है। समुद्र में फंसे भारतीय नागरिकों की जान, भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था और पश्चिम एशिया से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति, तीनों दांव पर हैं।

डोभाल-रज़ाई बातचीत के रणनीतिक मायने

ईरानी दूतावास के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों तथा आपसी हितों के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। देखा जाये तो संकट के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर पर सीधा संपर्क अपने आप में महत्वपूर्ण है। खास बात यह है कि ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ईरान के सर्वोच्च नेता के बेहद करीबी भी बताये जाते हैं। इसलिए इस स्तर के संवाद के जरिए भारत अपने सुरक्षा सरोकारों को संबंधित पक्ष के सर्वोच्च सुरक्षा तंत्र तक पहुंचा सकता है, घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण मांग सकता है और भारतीय नागरिकों तथा व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश सकता है।

यहीं डोभाल की भूमिका का वास्तविक रणनीतिक महत्व सामने आता है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संकटों में केवल सार्वजनिक बयान देना पर्याप्त नहीं होता; संवेदनशील संपर्क चैनलों को सक्रिय रखना भी जरूरी होता है। ईरान के साथ संवाद बनाए रखना भारत को अपनी चिंताओं को सीधे रखने और संभावित जोखिमों पर बातचीत करने का अवसर देता है। इस पहल की सफलता का वास्तविक पैमाना हालांकि लापता नाविकों की सुरक्षित वापसी, जहाजों की सुरक्षा और समुद्री आवाजाही में सुधार होगा।

होर्मुज़: दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा की धड़कन

हम आपको बता दें कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। युद्ध से पहले वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इस संकरे समुद्री गलियारे से गुजरता था। यहां नाकेबंदी, बारूदी सुरंगों या जहाजों पर हमलों का असर क्षेत्रीय सीमाओं से बहुत दूर तक पहुंच सकता है।

ईरान ने मार्च 2026 से जारी संघर्ष के दौरान इस मार्ग पर नाकेबंदी लागू की है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने चेतावनी दी है कि नेविगेशन और पहचान प्रणाली बंद करके गुजरने वाले जहाजों को शत्रुतापूर्ण माना जा सकता है। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने एक अन्य तेल टैंकर के समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने की भी खबर दी है। ये घटनाएं समुद्री जोखिमों की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। साथ ही इस स्थिति का भारत के लिए सीधा अर्थ है कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का खतरा, माल ढुलाई और बीमा लागत में वृद्धि तथा ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान की आशंका। समुद्री संकट जितना लंबा खिंचेगा, भारतीय अर्थव्यवस्था पर उसका दबाव उतना बढ़ सकता है।

भारत की कूटनीति की असली परीक्षा

देखा जाये तो ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की सितंबर में भारत यात्रा और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संदर्भ में हुए संपर्कों के बाद डोभाल-रज़ाई वार्ता भारत-ईरान संवाद की निरंतरता को दर्शाती है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत में नागरिकों की मौजूदगी वाले जहाजों पर हमले रोकने की जरूरत उठा चुके हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत के लिए चुनौती स्पष्ट है। ईरान के साथ संवाद बनाए रखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करनी है वह भी बिना किसी सैन्य टकराव में अनावश्यक रूप से उलझे हुए। वैसे यह संतुलन आसान नहीं है, क्योंकि क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के साथ अन्य क्षेत्रीय तनाव भी जुड़े हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत वैश्विक नाविक कार्यबल में लगभग 12.16 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 139 भारतीय होर्मुज़ क्षेत्र में फंसे हुए बताए गए हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 11 भारतीय नाविकों की मौत की भी सूचना दी गई है। ये आंकड़े समुद्री सुरक्षा को भारत की विदेश नीति का केंद्रीय मुद्दा बनाने की जरूरत दिखाते हैं।

बहरहाल, होर्मुज़ में संकट भारत के लिए सिर्फ कूटनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं, बल्कि नागरिकों की जान, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार से जुड़ी वास्तविक चुनौती है। डोभाल की ईरानी समकक्ष से बातचीत इस चुनौती से निपटने के लिए महत्वपूर्ण संवाद-चैनल है। लेकिन अब असली कसौटी परिणाम होंगे। लापता नाविकों का पता लगाना, भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना कि पश्चिम एशिया का युद्ध भारत के समुद्री हितों को और नुकसान न पहुंचाए, बहुत जरूरी है।

Continue reading on the app

  Sports

SL vs PAK: भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज नहीं खेले, अब पाकिस्तान जाएंगे! श्रीलंका ने टीम में किए बड़े बदलाव

Sri Lanka announced team for Pakistan test series: श्रीलंका ने पाकिस्तान के खिलाफ नौ नवंबर से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है. कुसल मेंडिस टीम की कमान संभालेंगे, जबकि पूर्व कप्तान धनंजय डिसिल्वा को भी जगह मिली है. चोट के कारण भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर रहे पाथुम निसांका की वापसी हुई है, जबकि अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल भी टीम में लौटे हैं. Tue, 13 Oct 2026 14:08:55 +0530

  Videos
See all

Supreme Court On Rahul Gandhi Live : Gyanesh Kumar पर राहुल गांधी को SC से झटका ! | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-13T09:11:15+00:00

Mamata Banerjee News। West Bengal। Kolkata। CEC पर ममता की ‘यलगार’, CM शुभेंदु की पुलिस भी तैयार! #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-13T09:10:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers