क्या है रस्म सप्तपदी का असली मतलब? पंडितजी ने दूल्हा-दुल्हन को सिंपल अंदाज में समझाया
हिंदू शादी का एक अहम हिस्सा है सप्तपदी, लेकिन इसका असली मतलब बहुत कम लोग जानते हैं। हाल ही में एक पंडितजी ने दूल्हा-दुल्हन को सात फेरों के हर वचन और उसके महत्व को इतने प्यारे ढंग से समझाया कि उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
जैविक उत्पादों के वैश्विक व्यापार मेले बायोफैच 2026 में भारत ‘कंट्री ऑफ द इयर’ नामित
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। जैविक उत्पादों के लिए विश्व के अग्रणी व्यापार मेले बायोफैच 2026 में भारत को ‘कंट्री ऑफ द इयर’ नामित किया गया है। इसका आयोजन 10 से 13 फरवरी 2026 तक जर्मनी के नूरेमबर्ग में किया जा रहा है। यह जानकारी मंगलवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से दी गई।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) बायोफैच 2026 में भारत की प्रमुख और प्रभावशाली भागीदारी का आयोजन कर रहा है। इसमें भारत की भागीदारी देश की समृद्ध कृषि विरासत और जैविक उत्पादों के प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में इसकी मजबूत क्षमता को दर्शाएगी।
जर्मनी में आयोजित बायोफैच जैविक खाद्य पदार्थों और कृषि को समर्पित विश्व की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनी है। एपीडा एक दशक से अधिक समय से बायोफैच में भाग ले रहा है और इसमें लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है।
मंत्रालय ने बयान में आगे कहा कि बायोफैच 2026 में भारत की भागीदारी पिछले संस्करणों की तुलना में इस बार महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है जो भारतीय जैविक निर्यात के बढ़ते प्रभाव, जैविक उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग और निर्यातकों, संघों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की बढ़ती हिस्सेदारी को प्रतिबिंबित करती है।
बायोफैच 2026 में एपीडा की ओर से बनाया गया भारत का राष्ट्रीय मंडप 1,074 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा और इसमें जैविक उत्पादों के निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों, जैविक प्रयोगशालाओं, राज्य सरकारी संगठनों और कमोडिटी बोर्ड सहित 67 सह-प्रदर्शक शामिल होंगे। भारतीय मंडप में चावल, तिलहन, जड़ी-बूटियां, मसाले, दालें, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम की प्यूरी और आवश्यक तेलों सहित विभिन्न प्रकार के जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।
मंत्रालय के मुताबिक,भारत के मंडप में 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शक भाग ले रहे हैं जो देश की व्यापक कृषि और क्षेत्रीय विविधता को दर्शाते हैं। इनमें असम, मेघालय, मणिपुर, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं। यह भागीदारी अलग-अलग क्षेत्रों के विशिष्ट जैविक उत्पादों और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों को दर्शाने के साथ अंतरराष्ट्रीय जैविक व्यापार में भारत की वार्षिक वृद्धि को प्रदर्शित करती है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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