भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का बहुप्रतीक्षित मुकाबला कोलंबो में तय कार्यक्रम के अनुसार खेले जाने का रास्ता खुल गया। बता दें कि इसके पीछे सोमवार रात श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुई लंबी टेलीफोन बातचीत को निर्णायक माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, श्रीलंका ने इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। रविवार को श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कोलंबो और इस्लामाबाद स्थित दोनों देशों के उच्चायोगों के जरिए पाकिस्तानी पक्ष से संपर्क साधा। इसके बाद तेजी से कूटनीतिक स्तर पर बातचीत आगे बढ़ी और सोमवार रात राष्ट्रपति दिसानायके व प्रधानमंत्री शरीफ के बीच लगभग 30 मिनट तक फोन पर चर्चा हुई। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेरथ ने इसे “क्रिकेट डिप्लोमेसी” करार देते हुए कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।
गौरतलब है कि इस मामले में केवल श्रीलंका ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से औपचारिक अनुरोध किया था। पाकिस्तान सरकार की ओर से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की गई जानकारी में कहा गया कि श्रीलंका, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य सदस्य देशों की ओर से भेजे गए संदेशों पर विचार किया गया। इन संदेशों में पाकिस्तान से मौजूदा गतिरोध का व्यावहारिक समाधान निकालने में नेतृत्व की अपील की गई थी।
पाकिस्तान सरकार के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति दिसानायके और प्रधानमंत्री शरीफ के बीच हुई बातचीत को “गर्मजोशी और मित्रतापूर्ण” बताया गया। दोनों नेताओं ने यह भी याद किया कि कठिन समय में पाकिस्तान और श्रीलंका हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने इस दौरान आग्रह किया कि गतिरोध को आपसी सहमति से सुलझाने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
इसी बीच, राष्ट्रपति दिसानायके ने आधी रात के करीब सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का मुकाबला कोलंबो में तय कार्यक्रम के अनुसार होगा, यह जानकर खुशी हुई। उन्होंने सह-मेजबान होने के नाते आईसीसी और सभी संबंधित पक्षों का आभार जताया। साथ ही 1996 विश्व कप का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जब सुरक्षा कारणों से कई टीमें खेलने से हिचक रही थीं, तब भारत और पाकिस्तान दोनों ने कोलंबो में उतरकर एकजुटता दिखाई थी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भी देर रात एक बयान जारी कर स्थिति की पुष्टि की। आईसीसी के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ संवाद व्यापक चर्चा का हिस्सा था और दोनों पक्ष खेल के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए ईमानदारी, तटस्थता और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने पर सहमत हुए।
Tue, 10 Feb 2026 21:44:25 +0530