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कैंसर की दवाओं के दाम 70% तक घटेंगे, मरीजों को ₹2500 करोड़ सालाना बचत का अनुमान

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कैंसर दवाओं की MRP में 70 फीसदी तक कमी की जा सकती है. (File Photo)

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'इतनी मोटी रकम मिलती है...' 2026 में टीम इंडिया के फ्लॉप शो पर पूर्व कोच का बयान वायरल, जानें फील्डिंग कल्चर पर क्या कहा?

Team India : भारतीय क्रिकेट टीम अपने मुकाबले जीत रही और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है. टीम इंडिया को उनके बल्लेबाज और गेंदबाज अपने दम पर जीत दिला लेते हैं. लेकिन कई मौकों पर टीम इंडिया की फील्डिंग उनकी कमजोरी उजागर कर देती है. भारतीय टीम का 2026 में फील्डिंग में फ्लॉप शो जारी रहा है. इसी महीन में भारत को न्यूजीलैंड का दौरान शुरू करना है. न्यूजीलैंड के मौसम में भारतीय फील्डिंग यूनिट की परीक्षा होगी. रेड बॉल क्रिकेट में भारतीय फील्डिंग की कलाई खुल सकती है. 

ऐसे में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने 'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में आईएएनएस के साथ में बात करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम की फील्डिंग की कमियों को उजागर किया है. इसके साथ ही उन्होंने 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले न्यूजीलैंड दौरे से पहले टीम इंडिया के फील्डिंग कोच को भी सचेत किया है. उन्होंने ऐसा क्या कहा है, आइए जानते हैं. 

2026 में टीम इंडिया का फील्डिंग में फ्लॉप शो

दरअसल, आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में टी20 मुकाबलों में भारतीय क्रिकेट टीम की फील्डिंग का स्तर गिरा है. कैच पकड़ने की क्षमता के मामले में टीम इंडिया टॉप 10 देशों में दूसरे-आखिरी स्थान पर है. उनके कैच का प्रतिशत 73.4 है. टीम ने चौंकाने वाले 58 कैच छोड़े हैं. भारतीय फील्डरों ने भले ही 129 रन बचाए हों, लेकिन कैच छोड़ने और ग्राउंड-फील्डिंग की गलतियों के कारण 226 रन अतिरिक्त बने है, जिससे कुल मिलाकर 97 रनों का नुकसान हुआ है. वहीं भारतीय क्रिकेट टीम रनआउट के मौके चूकने के मामले में सभी टीमों में सबसे आगे है. टीम इंडिया ने रन आउट के 19 मौके चूके हैं, जबकि टीम ने 14 रनआउट किए भी हैं. भारतीय विकेटकीपरों ने स्टंपिंग के पांच मौकों में से दो मौके गंवाए. 

टीम इंडिया की फील्डिंग पर पूर्व कोच ने उठाए सवाल

आर. श्रीधर ने ​​कहा कि, 'भारतीय टीम की फील्डिंग का फॉर्म अच्छा नहीं है. न सिर्फ पिछले कुछ मुकाबलों में बल्कि पिछले कुछ महीनों में भी अच्छा नहीं रहा है. हमने टी20 वर्ल्ड कप जीता, लेकिन उस टूर्नामेंट में भी हम एक अच्छी फील्डिंग यूनिट के आसपास भी नहीं थे. उस सेमीफाइनल में शायद अक्षर पटेल ने ही हमें हारने से बचाया था. इसलिए हमें अपनी फील्डिंग में सुधार करने की जरूरत है'.

उन्होंने आगे कहा कि, 'मुझे लगता है फील्डिंग के मामले में और एक खास संस्कृति बनाने के मामले में अब फील्डिंग को निश्चित रूप से कम प्राथमिकता दी जा रही है. जैसा कि हम देख सकते हैं, भारतीय टीम की बैटिंग में एक कल्चर नजर आता है. इसी तरह, तेज गेंदबाजों के इस्तेमाल में भी एक साफ कल्चर है, खासकर वनडे में, जहां शुभमन गिल पिच पर जोरदार गेंदें फेंकना पसंद करते हैं, लेकिन फील्डिंग में ऐसा कल्चर नहीं दिखता. चिंता की बात यह है कि टीम में आने वाले नए खिलाड़ियों की फील्डिंग क्षमता उतनी अच्छी नहीं है. कुछ तेज गेंदबाज हैं, कुछ बल्लेबाज हैं, लेकिन जो भी आ रहा है, वह कोहली, सूर्यकुमार या श्रेयस जैसा फील्डर नहीं लगता, उस पीढ़ी की बात कर रहा हूं, क्योंकि ऐसा लगता है कि उन्हें सिर्फ एक ही स्किल, यानी बैटिंग, पर तैयार किया गया है'.

गंभीर और सुभादीप घोष को दिया खास मैसेज

श्रीधर ने आगे कहा कि, 'यह थोड़ी चिंता की बात है, लेकिन भारतीय टीम की चिंता का विषय नहीं है. यह पूरे सिस्टम के लिए जागने और सच्चाई को समझने का समय है. तो बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन फील्डिंग कोच के सामने इन युवा खिलाड़ियों को तुरंत मैच प्रैक्टिस के लिए तैयार करने की चुनौती होगी. मुझे लगता है कि वे 18 तारीख को भारत से निकलेंगे और 19 तारीख को पहुंचेंगे और 22 तारीख को उनका (टी20) मैच है, जो बहुत चुनौतीपूर्ण है. लेकिन आज के दौर में क्रिकेट तो हालात के हिसाब से ढलने के बारे में ही है, है ना? इसीलिए तो आपको इतनी मोटी रकम मिलती है. मैं यह देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं कि भारतीय टीम कैसे हालात के हिसाब से खुद को ढालती है. हो सकता है कि वे टी20 फॉर्मेट में बहुत अच्छी तरह ढल जाएं, लेकिन जब रेड बॉल की बात आएगी, तो मामला बिल्कुल अलग होगा'.

ये भी पढ़ें : 'बेंच पर बैठकर कौन सा खिलाड़ी तैयार होता है...', वैभव सूर्यवंशी के कोच ने खुलेआम दिया बड़ा बयान, बोले- 'मैनेजमेंट तानाशाही कर रहा है...'

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  Sports

London में Prince William ने Sourav Ganguly और Ajinkya Rahane संग खेला Cricket

लंदन की मशहूर सड़क द मॉल पर मंगलवार को नजारा कुछ अलग देखने को मिला। आमतौर पर शाही जुलूस और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होने वाली इस सड़क पर ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ने क्रिकेट का मैदान सजा दिया। इस अनौपचारिक मुकाबले में कई मौजूदा और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शामिल हुए। खास बात यह रही कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे भी इस आयोजन का हिस्सा बने।

बकिंघम पैलेस की बैकड्राप में हुए इस खेल में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा, इंग्लैंड के जो रूट और हैरी ब्रूक भी मौजूद रहे। यह आयोजन ब्रिटिश शाही परिवार से जुड़े एक सम्मान समारोह से पहले किया गया था। इसमें खिलाड़ियों ने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला और खेल के मैदान से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं।

प्रिंस विलियम ने भी हाथ में बल्ला थामा और सौरव गांगुली की गेंदों का सामना किया। शर्ट और स्वेटर पहने प्रिंस ने कुछ शॉट लगाए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। जब गांगुली से प्रिंस विलियम की बल्लेबाजी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने ठीक-ठाक बल्लेबाजी की।

गौरतलब है कि द मॉल लंदन के बीचोंबीच स्थित एक प्रमुख सड़क है, जो बकिंघम पैलेस की ओर जाती है। यहां आमतौर पर शाही समारोह, परेड और राष्ट्रीय उत्सव आयोजित होते हैं। ऐसे स्थान पर क्रिकेट का आयोजन अपने आप में खास रहा, क्योंकि इसने खेल को शाही परंपराओं से जुड़े एक अलग माहौल में पेश किया।

अजिंक्य रहाणे ने बुधवार को लिंक्डइन पर अपनी इस मुलाकात का अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया के कई शानदार मैदानों पर क्रिकेट खेलने का मौका मिला है, लेकिन बकिंघम पैलेस के सामने द मॉल पर टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव रहेगा।

रहाणे ने प्रिंस विलियम के साथ समय बिताने और सौरव गांगुली, ब्रायन लारा, जो रूट, हैरी ब्रूक तथा दूसरे खिलाड़ियों से मिलने को भी खास बताया। उनके मुताबिक, इस दौरान क्रिकेट की उस ताकत पर चर्चा हुई, जो अलग-अलग देशों और लोगों को एक साथ जोड़ती है। खिलाड़ियों ने इंग्लैंड और भारत में खेलने के अपने अनुभवों के साथ खेल के भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी पर भी बात की।

बता दें कि क्रिकेट केवल मैदान पर जीत और हार तक सीमित नहीं है। यह अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों और प्रशंसकों को जोड़ने का माध्यम भी है। भारत, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के दिग्गजों का एक साथ आना इसी भावना को दिखाता है। प्रिंस विलियम की इस पहल ने क्रिकेट को शाही समारोह से पहले एक अनौपचारिक और दोस्ताना रंग दिया है, जिसे खिलाड़ी लंबे समय तक याद रखने वाले हैं।

Wed, 14 Oct 2026 21:08:00 +0530

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