राजपाल के कठिन समय में सोनू सूद ने की मदद:फिल्म का ऑफर और साइनिंग अमाउंट भी दिया, कहा- हम सब एक परिवार हैं
9 करोड़ रुपए के कर्ज और चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने बताया कि वह आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे और मदद के लिए किसी के पास नहीं जा सके। इसी बीच एक्टर सोनू सूद ने उनकी मदद करने का निर्णय लिया। उन्होंने राजपाल को एक फिल्म का ऑफर दिया और साथ ही छोटा सा साइनिंग अमाउंट भी देने की बात कही। सोनू सूद ने X और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राजपाल यादव एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और अविस्मरणीय काम दिए हैं। कभी-कभी जिंदगी अन्यायपूर्ण हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी में टैलेंट की कमी है, बल्कि समय कभी-कभी बहुत कठोर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह वह समय है जब हम सभी प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सहयोगी एक साथ खड़े हों। जो छोटा सा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा, जिसे भविष्य के काम के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है, वह कोई दान नहीं है, बल्कि यह उनका सम्मान और गरिमा है। उन्होंने आगे कहा, जब हमारे अपने में से कोई मुश्किल समय से गुजर रहा हो, तो इंडस्ट्री को उसे यह याद दिलाना चाहिए कि वह अकेला नहीं है। इसी तरह हम दिखा सकते हैं कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। सिर्फ सोनू सूद ही नहीं जेम्स टून म्यूजिक के ओनर राव इंद्रजीत सिंह यादव ने भी राजपाल यादव की मदद के लिए 1.11 करोड़ की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने न सिर्फ एक कलाकार, बल्कि एक इंसान के तौर पर राजपाल यादव का साथ दिया। साथ ही, उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि वे आगे आकर राजपाल यादव और उनके परिवार का सहयोग करें। दरअसल, बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, सरेंडर करने से पहले जब राजपाल यादव से उनके कानूनी मामले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नजर नहीं आता। जब उनसे यह भी पूछा गया कि उन्होंने अपने दोस्तों जैसे प्रियदर्शन से मदद क्यों नहीं मांगी, तो राजपाल ने कहा, सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस संकट का सामना खुद ही करना होगा। पूरा मामला क्या है? दरअसल, यह चेक बाउंस मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और कर्ज चुकाने में देरी हुई। शिकायत के मुताबिक, राजपाल ने कर्ज लौटाने के लिए कंपनी को कुछ चेक दिए थे, जो बैंक में बाउंस हो गए। समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने उच्च अदालत में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।
टी-20 वर्ल्डकप- भारतीय खिलाड़ी परिवार के साथ नहीं रहेंगे:मैनेजमेंट ने मंजूरी मांगी थी, BCCI बोला- खुद के खर्च पर अलग रह सकते हैं
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान भारतीय क्रिकेटर अपने परिवार (पत्नियां और मंगेतर) के साथ नहीं रह सकेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम मैनेजमेंट की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें खिलाड़ियों की पत्नियों और मंगेतरों को टीम होटल में साथ ठहराने की अनुमति मांगी गई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के परिवार को टीम के साथ ठहरने की इजाजत नहीं है। हालांकि, यदि कोई खिलाड़ी चाहे तो अपने परिवार के लिए होटल में अलग ठहरने की व्यवस्था खुद कर सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी उसे उठानी होगी। इसके लिए BCCI की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया जाएगा। भारत टी-20 वर्ल्ड कप का सह-मेजबान है। BCCI का मानना है कि टीम को केवल पाकिस्तान से मुकाबले के लिए श्रीलंका जाना है। ऐसे में खिलाड़यों को परिवार के साथ रहने की जरूरत नहीं है। BCCI ने BGT 2024-25 के बाद नियम बदले थे BCCI की खिलाड़ियों के साथ परिवार के रहने की शर्तें स्पष्ट हैं। मौजूदा नीति के तहत यदि कोई विदेशी दौरा 45 दिनों से ज्यादा लंबा है, तो खिलाड़ियों का परिवार अधिकतम 14 दिन तक साथ रह सकता है। हालांकि, यह नियम किसी भी ICC या मल्टीनेशन टूर्नामेंट पर लागू नहीं होता। कोविड-19 के बाद पूरे दौरे के दौरान परिवार को साथ रखने की परंपरा शुरू हुई थी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 में भारत की 1-3 से हार के बाद BCCI ने अपनी यह पॉलिसी बदल दी है। गाइडलाइंस नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई BCCI ने सभी खिलाड़ियों को जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई है। यदि कोई खिलाड़ी किसी कारणवश इन निर्देशों का पालन नहीं कर पाता है, तो उसे चयनसमिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच से पूर्व अनुमति लेनी होगी। यदि कोई खिलाड़ी नियम तोड़ता है, तो बोर्ड उसे टूर्नामेंट, सीरीज और यहां तक कि IPL में खेलने से भी रोक सकता है। इसके अलावा खिलाड़ियों की सैलरी और कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप 2026, वर्ल्ड चैंपियंस को डरा रहीं एसोसिएट टीमें:नेपाल, अमेरिका और नीदरलैंड ने चौंकाया क्रिकेट की दुनिया का पुराना स्ट्रक्चर बदल रहा है। अब वो दौर गया जब बड़ी टीमें एसोसिएट देशों को नेट प्रैक्टिस समझकर मैदान पर उतरती थीं। टी-20 वर्ल्ड कप के शुरुआती 3 दिनों ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट के 'एलीट क्लब' में अब खौफ का माहौल है। नेपाल ने इंग्लैंड के पसीने छुड़ा दिए, नीदरलैंड ने पाकिस्तान की धड़कनें बढ़ा दीं और अमेरिका ने तो टीम इंडिया तक को चुनौती दे डाली। आज एक बार फिर अमेरिका का सामना पाकिस्तान से है, और यकीन मानिए, दबाव पाकिस्तान पर ज्यादा होगा। पूरी खबर…
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