Navratri Diet में रोज न खाएं तला हुआ कुट्टू का आटा, बिगड़ सकती है Gut Health
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से हो रही है। नवरात्रि में नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। इस दौरान व्रती कुट्ट के आटे की पकौड़ी का सेवन सबसे ज्यादा करता है। उपवास के समय अपनी हेल्थ और डाइट का भी खासा ध्यान रखना है। इस दौरान ज्यादा तला-भुना या मीठी चीजें खाने से सेहत बिगड़ सकती हैं। नवरात्रि में कुट्टू के आटे की पूरी और पकौड़ी घरों में खूब खाई जाती है। ऐसे में रोजाना कुट्टू का आटे का सेवन सेहत बिगड़ सकता है। आइए आपको बताते हैं रोजाना कितनी मात्रा और किस तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है।
कुट्टू के आटे के फायदे
- कुट्टू का आटा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है, जो कि लंबे समय तक पेट को भरा रखती है।
- इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बेहद कम होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है।
- इतना ही नहीं, इसमें मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और आयरन जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। जो कि बोन हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
- यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और गट हेल्थ को बेहतर बनाता है।
- इसमें पाए जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद होती है।
क्या नवरात्रि में रोजाना कुट्टू की पूरी और पकौड़ी खाना सही है?
वैसे तो कुट्टू के आटे में फाइबर और मिनरल्स से पाए जाते हैं और यह ग्लूटेन-फ्री होता है। हालांकि नवरात्रि में सबसे ज्यादा कुट्टू की पूरी और पकौड़े खाने से सेहत पर काफी बुरा असर देखने को मिलता है। पूरी और पकौड़ी को डीप-फ्राई किया जाता है। जिससे तेल सबसे ज्यादा अब्जॉर्ब होता है। जिसके सेवन से एसिजिटी, पेट फूलना, अपच और सुस्ती हो सकती है। इसके अधिक सेवन से पेट में समस्या हो सकती है, जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या किडनी से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नवरात्रि के व्रत में कुट्टू के आटे की कितनी मात्रा सही?
नवरात्रि के व्रत में हेल्दी रहने के लिए, नौ दिनों के दौरान कुट्टू से बनी तली हुई चीजें दो-तीन बार ही खाएं। कुट्टू की रोटी, भाप में पकी या उबली हुई व्रत वाली सब्जियां, फल, नट्स और छाछ जैसे हेल्दी ऑप्शन चूज करें। इसलिए आप नारियल पानी, नींबू पानी या हर्बल चाय पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें।
सही मात्रा- एक बार में एक- दो छोटी पूरी या चार-पांच पकौड़े खाएं, रोज नहीं। पाचन में मदद के लिए फाइबर से भरपूर सलाद या दही के साथ खाएं। यदि आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या पाचन संबंधित जुड़ी समस्या हो सकती है, तो व्रत रखने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
World Mental Health Day पर Screen Time घटाएं, दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
हर साल 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है। गौरतलब है कि आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और लैपटॉप हमारी जिंदगी का जरुरी हिस्सा बन चुका है। जब हम सभी सुबह उठते हैं, तो सबसे पहले फोन चेक करना, दिनभर स्क्रीन पर काम करना और रात को सोने से पहले सोशल मीडिया चलाना हमारी आदत बन गई है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फोन को घंटों तक इस्तेमाल करना, नींद न पूरी होना और हर समय ऑनलाइन रहने का प्रभाव हमारे दिमाग पर असर जरुर डालता है।
हम आपको वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे 2026 के मौके पर डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल करते हुए अपने दिमाग की सेहत को कैसे बचाएं और कौन-सी आदतें आपकी मदद कर सकते हैं, जानें।
डिजिटल दौर में दिमाग को हेल्दी कैसे रखें?
अगर आप डिजिटल दुनिया से पूरी तरह से दूर रहना चाहते हैं, तो लेकिन फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल किस तरह करते हैं, इस पर ध्यान देना जरुरी है। लगातार नोटिफिकेशन चेक करना, देर रात तक रील्स देखने और काम के बीच आराम न करना हमारी नींद और ध्यान लगाने की क्षमता पर बुरा असर डाल सकता है।
असल में मेंटल हेल्थ का संबंध केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल, खून की नसों, नींद और हमारी रोजाना की आदतों से भी है। इसलिए दिमाग को हेल्दी रखने के लिए स्क्रीन टाइम के साथ-साथ अपनी पूरी दिन की रुटीन पर भी ध्यान देना चाहिए।
ऑनलाइन रहने का दबाव दिमाग को कैसे प्रभावित करता है?
खासकर ऑफिस के मैसेज, सोशल मीडिया की लगातार अपडेट और घर की जिम्मेदारियों के बीच कई लोग तनाव से घिर जाते हैं। ऐसे में तनाव लंबे समय तक बना रहता है। काम के बीच आराम करना, अच्छी नींद लेना और तनाव को कम करना भी काफी जरुरी है।
मेंटल हेल्थ के लिए इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर आप डिजिटल स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करते हैं, तो आपके आंखों में थकान, गर्दन में दर्द और सिरदर्द हो सकता है, लेकिन हर परेशानी की वजह स्क्रीन ही हो, यह जरुरी नहीं है।
लगातार बढ़ता सिरदर्द
अचानक चक्कर आना,
धुंधला दिखाई देना
याददाश्त से जुड़ी परेशानी होना
हाथ-पैर में कमजोरी होना
बोलने में दिक्कत महसूस होना
अचानक चेहरे का एक हिस्सा लटकना
यदि आपको ये सभी लक्षण नजर आएं, तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं। ये स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं।
डिजिटल युग में दिमाग को हेल्दी रखने के तरीके
- रात में मोबाइल चलाने का समय कम करें और सोने-जागने का समय फिक्स कर लें।
- हर घंटे कुछ देर के लिए स्क्रीन से नजर हटाएं और थोड़ा दूर चलें।
- रोजना पैदल चलें, अपने क्षमता के अनुसार करीब 30 मिनट टहलने की कोशिश करें।
- वर्क और आराम के बीच बैलेंस बनाए रखें। जरुरत पड़ने पर किसी भी एक्सपर्ट से बात जरुर करें।
- इनका बढ़ा हुआ लेवल दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है।
- हर समय ऑनलाइन रहने से बचना जरुरी है। अपने फोन के नोटिफिकेशन की सीमित करें और दिन में कुछ समय बिना स्क्रीन के बिताएं।
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