न ज्यादा आराम, न ज्यादा भागदौड़! यूनानी चिकित्सा से जानें स्वस्थ जीवन का मंत्र
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। यूनानी चिकित्सा में सेहत को बनाए रखने का सबसे बड़ा मंत्र है हरकत-ओ-सुकून बदनी (शरीर की सही गति और आराम का संतुलन)। इसका मतलब शरीर को हिलना-डुलना भी चाहिए और समय पर आराम भी करना चाहिए। सही संतुलन बनाए रखने से हमारी सेहत, ताकत और मन दोनों मजबूत रहते हैं।
मनोरंजन से आगे, पॉप संगीत अब बदलाव का जरिया:स्विफ्ट की अपील से लाखों वोटर जुटे, महिलाओं की आवाज बनीं बियॉन्से
पॉप-कल्चर पहले ट्रेंड फॉलो करता था, लेकिन 2026 की दुनिया में ट्रेंड वही बनता है जिसे टेलर स्विफ्ट और बियॉन्से छू देती हैं। वे सिर्फ गानों के जमाने नहीं बदल रहीं, वे तय कर रही हैं कि समाज किन मुद्दों पर बात करेगा। राजनीति, पहचान और नस्ल जैसे मुद्दों पर आज बहस किस दिशा में जाएगी, यह इन कलाकारों की आवाज से तय होता है। उनके एक फैसले से शहरों की अर्थव्यवस्था बदल जाती है। डिजिटल समुदाय सक्रिय होते हैं और इंडस्ट्री अपने नियम फिर से लिखने को मजबूर हो जाती है। यही वजह है कि इस समय पॉप-कल्चर को समझना मतलब इन दो कलाकारों के प्रभाव को समझना है। बियॉन्से: जहां पहुंचीं वहां संस्कृति बदली 2016 के एल्बम ‘लिमनेड’ से साबित कर दिया कि पॉप सिर्फ धुन नहीं, इतिहास और पहचान भी हो सकता है। नस्ल, स्त्री-शक्ति और परिवार की राजनीति जैसे भारी विषयों को उन्होंने ऐसे पिरोया कि पूरा अमेरिका सुनने को मजबूर हुआ। चैंपियनशिप मैच सुपर बोल 2016 में बियॉन्से के ‘ब्लैक पैंथर’-स्टाइल प्रदर्शन ने उन्हें कलाकार से आगे, एक सांस्कृतिक आइकन बना दिया। इनकी ‘बेहाइव’ ऑनलाइन कम्युनिटी उनकी बात को तेजी से फैलाती है। शरीर-छवि, मातृत्व और सत्ता जैसे मुद्दों पर बियॉन्से की आवाज लाखों लोगों को रास्ता दिखाती है। इनके रेनेसां टूर (2023) ने लगभग 4.5 अरब डॉलर की कमाई का माहौल बनाया। जहां शो हुए, वहां होटल भरे, रेस्तरां की बिक्री बढ़ी। लोकल बिजनेस के रिकॉर्ड टूटे। उनकी सरप्राइज एल्बम रिलीज शैली ने पूरा तरीका बदल दिया। अब वे खुद तय करती हैं कि दुनिया क्या सुनेगी और कब सुनेगी। टेलर स्विफ्ट: अपने नियम बनाए, इंडस्ट्री ने माने शुरुआत पॉप संगीत की सरल कहानियों से की। 2018 के बाद वे सिर्फ कलाकार नहीं रहीं, सामाजिक संकेत बन गईं। टेलर की एक वोटिंग अपील पर 1.66 लाख नए नाम जुड़ गए। ये आंकड़ा बताता है कि उनकी बात सिर्फ सुनी नहीं जाती, मानी जाती है। 2020-24 में उन्होंने महिला अधिकार, एलजीबीटीक्यू सुरक्षा और कलाकारों की ओनरशिप पर खुलकर आवाज उठाई और ‘सेलेब्रिटी न्यूट्रेलिटी’ का पुराना दौर लगभग खत्म कर दिया। इनके एरस टूर (2023-24) ने दुनिया भर में 5.7 अरब डॉलर की हलचल पैदा की। शहरों में होटल महंगे, फ्लाइटों में भीड़ और टिकटिंग सिस्टम को फॉर्मूला बदलने पर मजबूर होना पड़ा। उनकी री-रिकार्डिंग ने रिकॉर्ड लेबल्स को कलाकार-अधिकारों पर नए नियम लिखने पर विवश किया। टेलर की कहानी बताती है, आज पॉप संगीत डिजिटल दौर की शक्ति है।
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