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दलेर मेहंदी का गाना, शादी से करता है सावधान! 16 साल से बैचलर्स का बना हुआ है फेवरेट

शादियों का सीजन है और आपके आस-पास न जाने कितने गाने बज रहे होंगे जो शादी की थीम पर है. अगर आप भी ये गाने सुन-सुनकर बोर हो गए हैं और आपकी शादी में कोई दिलचस्पी नहीं है तो ये गाना आपके लिए ही बना है. 16 साल पहले आया बॉलीवुड का ये गाना आज भी बैचलर्स का फेवरेट बना हुआ है. दलेर मेहंदी और ऋचा शर्मा की आवाज में ये गाना किसी भी पार्टी में मूड सेट कर सकता है. अक्षय कुमार और ऐश्वर्या राय का ये गाना चार्टबस्टर था. इसका म्यूजिक जितना कमाल का है, उतने ही कमाल के इसके बोल हैं- ‘जोर का झटका हाय जोरों से लगा, शादी बन गयी उम्र कैद की सजा, हां सजा ये है उदासी जान की प्यासी. शादी से अच्छा तुम ले लो फांसी, लाखों दुखों की होती है ये वजह, हां वजह जोर का झटका…’ . अब अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर इतने कमाल के बोल किसकी कलम से निकले हैं तो बता दें ये इरशाद कामिल के बोल हैं जो एक बार सुनते जुबां पर चढ़ जाते हैं.

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कभी चोट लगी, कभी थकान, पर हार नहीं मानी, जानिए खंडवा के पहलवान रेहान खान की कहानी

Rehan Khan Wrestler: अगर जज़्बा मजबूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो मिट्टी से निकलकर भी इंसान बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है. खंडवा से जुड़ी ऐसी ही एक कहानी है पहलवान रेहान खान की, जिन्होंने कुश्ती के अखाड़े में नाम कमाया और उसी दम पर खंडवा में सरकारी नौकरी भी हासिल की.

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  Sports

Jadeja vs Axar: रवींद्र जडेजा को ग्रेड-ए में एंट्री तो ऑल फॉर्मेट अक्षर को क्यों ग्रेड-C में रखा गया? क्या है ग्रेडिंग का पैमाना?

Jadeja vs Axar: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के 2025-26 के एनुअल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सामने आते ही दिलचस्प बहस शुरू हो गई- चर्चा इसी को लेकर हो रही कि आखिर रवींद्र जडेजा को टॉप ग्रेड-ए में क्यों रखा गया जबकि टी20 टीम के उपकप्तान अक्षर पटेल को ग्रेड-सी में जगह मिली? पहली नजर में दोनों ऑलराउंडर एक जैसे लगते हैं, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन और उपयोगिता के आधार पर बोर्ड ने अंतर साफ दिखाया है।

सबसे पहले ग्रेड-ए की बात करें तो इसमें सिर्फ तीन खिलाड़ी शामिल हैं- रवींद्र जडेजा, शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह। वहीं बड़े नाम रोहित शर्मा और विराट कोहली को ग्रेड-बी में डाल दिया गया है। ग्रेड ए प्लस को खत्म कर दिया गया है। यह फैसला साफ करता है कि बीसीसीआई अब भारतीय क्रिकेट में स्टारडम नहीं, बल्कि टीम के लिए खिलाड़ी की भूमिका और उपयोगिता को ज्यादा अहमियत दे रहा।

जडेजा को क्यों ग्रेड-ए में रखा गया?
जडेजा का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उनका मल्टी-फॉर्मेट प्लेयर या असर है। उन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20 इंटरनेशनल से दूरी बना ली है, लेकिन टेस्ट और वनडे में वह अभी भी टीम इंडिया की रणनीति का अहम हिस्सा हैं। यही दो फॉर्मेट भारत के लिए लंबे समय तक टीम बिल्डिंग की नींव माने जाते हैं। इसलिए एक फॉर्मेट छोड़ने के बावजूद उनकी अहमियत कम नहीं हुई है।

इसके अलावा जडेजा की सबसे बड़ी ताकत उनका थ्री-डायमेंशनल खेल है। वह मिडिल ओवर में गेंद से कंट्रोल देते हैं, जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं और फील्डिंग में मैच का रुख पलटने की काबिलियत भी रखते हैं। ऐसे खिलाड़ी टीम संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे कप्तान और कोच के लिए प्लेइंग इलेवन तय करना आसान हो जाता है।

जडेजा का हालिया प्रदर्शन भी उनके पक्ष में गया। 2025 के आखिर में गुवाहाटी टेस्ट में जब भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी, तब जडेजा ने अकेले मोर्चा संभाला। गेंद और बल्ले दोनों से असर डालकर उन्होंने दिखाया कि दबाव में टीम को संभालने की क्षमता अभी भी उनके पास है।

रोहित-विराट क्यों ग्रेड-बी में हैं?
अब सवाल उठता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ग्रेड-बी में हैं जबकि जडेजा ग्रेड-ए में। दरअसल बीसीसीआई ने ए+ कैटेगरी खत्म कर टॉप टियर को छोटा और ज्यादा भार सहने वाला बनाया है। यानी ऐसे खिलाड़ी जो टीम बैलेंस तय करते हैं और जिनकी जगह भरना मुश्किल है, उन्हें तरजीह दी गई है। 

अक्षर पटेल को क्यों ग्रेड-सी में रखा गया?
अक्षर पटेल की बात करें तो वह भी ऑलराउंडर हैं लेकिन उन्हें हर फॉर्मेट में ऑटोमैटिक स्टार्ट (प्लेइंग-11 में पहली पसंद का खिलाड़ी) नहीं माना गया। हाल के रिकॉर्ड देखें तो उनका आखिरी वनडे अक्टूबर 2025 और आखिरी टेस्ट नवंबर 2025 में था। इससे संकेत मिलता है कि वह टीम में रोटेशन या जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल हो रहे हैं, जबकि जडेजा ज्यादातर प्लेइंग इलेवन का स्थायी हिस्सा रहे।

बीसीसीआई ने कोई फॉर्मल ग्रेडिंग फॉर्मूला नहीं दिया है, इसलिए सबसे साफ मतलब लिस्ट में ही स्क्वाड बनाने के सिग्नल से ही पता चलता है। 2025-26 में, ग्रेड C में ऐसे खिलाड़ी हैं जो या तो रेगुलर प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं रहते हैं या फॉर्मेट-स्पेसिफिक/रोटेशन ऑप्शन हैं जबकि टॉप टियर में ऑटोमैटिक स्टार्टर्स होते हैं जो सभी फॉर्मेट में टीम बैलेंस बनाते हैं।

कुल मिलाकर बीसीसीआई का यह फैसला खिलाड़ियों की लोकप्रियता से ज्यादा टीम की जरूरत और संतुलन पर आधारित है। जडेजा अभी भी टीम इंडिया के लिए ऑल-वेदर सॉल्यूशन हैं, इसलिए उन्हें ग्रेड-ए में बरकरार रखा गया है जबकि अक्षर पटेल तीनों फॉर्मेट में खेलने के बावजूद ग्रेड-सी में रखे गए।

Tue, 10 Feb 2026 17:11:17 +0530

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