Video: पति बेरोजगार, पत्नी ने संभाला कारोबार! जैकेट वाली जयमाला देवी जिसे हौसले ने बनाया 'बिजनेस वुमन'
Chapra Jaymala Devi Success Story: कहते हैं आपदा में भी जो अवसर तलाश ले, वही असली सिकंदर है. छपरा के सोनपुर की जयमाला देवी की कहानी कुछ ऐसी ही है. जब कोरोना काल में उनके पति राजेश कुमार की लुधियाना में नौकरी छूट गई. तो घर के सामने दाने-दाने का संकट खड़ा हो गया. राजेश घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. ऐसे मुश्किल वक्त में जयमाला देवी ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने जीविका समूह से ₹2 लाख का लोन लिया और पति के हुनर (जैकेट सिलाई) को ही बिजनेस मॉडल बना दिया. लुधियाना से कपड़ा मंगाकर दोनों ने घर पर ही जैकेट और चीटर बनाना शुरू किया. आज जयमाला खुद एक कुशल कारीगर बन चुकी हैं. उनके बनाए कपड़े सोनपुर मेले से लेकर पटना के स्टॉल्स तक धूम मचा रहे हैं. खास बात यह है कि इस आत्मनिर्भर दंपत्ति ने खुद को ही नहीं संभाला, बल्कि 6 अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है. जयमाला आज उन महिलाओं के लिए मिसाल हैं जो घर की चहारदीवारी से निकलकर आर्थिक आजादी का सपना देखती हैं.
सहरसा के 'ई-रिक्शा वाले वार्ड सदस्य'! सवारी ढोते-ढोते सुलझाते हैं हर समस्या, सादगी देख लोग हुए मुरीद
Saharsa ward member sohan kumar Story: राजनीति के चमक-धमक वाले दौर में सहरसा के बनमा इटहरी प्रखंड से जनसेवा की एक अद्भुत तस्वीर सामने आई है. हरियाणा में कभी मजदूरी करने वाले सोहन कुमार आज वार्ड सदस्य हैं, लेकिन उनकी पहचान आज भी एक ई-रिक्शा चालक के रूप में बरकरार है. सवारी ढोने के दौरान ही वे लोगों की समस्याएं सुनते हैं. उनका समाधान करते हैं. विकास के प्रति समर्पित सोहन ने अपने वार्ड को जल-जमाव जैसी बड़ी समस्या से मुक्ति दिलाई है. उनकी यह कहानी साबित करती है कि जनसेवा के लिए बड़े पद या आलीशान दफ्तर की नहीं, बल्कि सेवा के सच्चे जज़्बे और बड़े दिल की जरूरत होती है.
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