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अमिताभ बच्चन ने फैन से हाथ मिलाने से किया इनकार:सिक्यॉरिटी तोड़कर करीब आई बच्ची; सुरक्षा टीम से दूर ले जाने को कहा

अमिताभ बच्चन ने अपने जन्मदिन के मौके पर छोटी फैन से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। दरअसल अमिताभ के 84वें जन्मदिन पर उनके मुंबई स्थित आवास 'जलसा' के बाहर फैंस की भीड़ जुटी। इस दौरान हमेशा की तरह 'संडे दर्शन' की परंपरा निभाते हुए अमिताभ बच्चन बाहर आए। तभी एक बच्ची सिक्यॉरिटी तोड़कर अमिताभ से हाथ मिलाने के लिए उनके करीब पहुंच गई। इस घटना का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है। सुरक्षा टीम से बच्ची को दूर ले जाने को कहा वीडियो में देखा जा सकता है की जब महिला प्रशंसक अमिताभ बच्चन के करीब जाने की कोशिश करती है, तब उनके बॉडीगार्ड्स बीच में आकर उसे रोकते हैं। वह लगातार उनसे हाथ मिलाने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान अमिताभ लगातार उससे मिलने से बचते नजर आए और उन्होंने उससे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। वीडियो में एक जगह वे अपनी सुरक्षा टीम को इशारा करके उस महिला को वहां से ले जाने के लिए कहते हुए भी दिख रहे हैं। जन्मदिन पर जलसा के बाहर जुटी थी फैंस की भीड़ अपने पसंदीदा सुपरस्टार को जन्मदिन की बधाई देने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से फैंस मुंबई में जलसा के बाहर पहुंचे थे। प्रशंसक अपने साथ केक, गिफ्ट्स और अमिताभ बच्चन के आइकॉनिक किरदारों वाले पोस्टर्स लेकर आए थे। फैंस ने उनके लिए एक बड़ा हार भी तैयार किया था, जिसके सामने खड़े होकर अमिताभ ने तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने हाथ हिलाकर सभी का शुक्रिया अदा किया और फिर अपने घर के अंदर चले गए। ऐश्वर्या राय समेत कई फिल्मी सितारों ने दी बधाई जन्मदिन के इस खास मौके पर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए अमिताभ बच्चन को शुभकामनाएं दीं। इनमें चिरंजीवी, प्रभास, कमल हासन, अजय देवगन, काजोल और फराह खान शामिल हैं। अमिताभ बच्चन की बहू और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी सोशल मीडिया पर अमिताभ की पोती आराध्या के साथ एक तस्वीर शेयर कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल में आएंगे नजर अमिताभ बच्चन 84 साल की उम्र में भी फिल्मों में सक्रिय हैं। हाल ही में वे फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में 'अश्वत्थामा' के किरदार में नजर आए थे। अब वे इस फिल्म के सीक्वल में एक बार फिर से इसी रोल को दोहराते हुए दिखाई देंगे। ये खबर भी पढ़ें अमिताभ बच्चन @84: मीम्स से लेकर क्रिप्टिक पोस्ट तक चर्चा:नंबरिंग की गलती पर माफी मांगी; हेल्थ और रिटायरमेंट की अफवाह पर भी सफाई दी अमिताभ बच्चन आज 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। पांच दशक से लंबे करियर में उन्होंने पर्दे पर कई यादगार किरदार निभाए हैं। सोशल मीडिया पर भी उनका अंदाज किसी सुपरस्टार से कम नहीं है। कभी फैंस उनकी पोस्ट का मतलब खोजते हैं, तो कभी छोटी-सी गलती इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ ला देती है। पूरी खबर पढ़ें

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UP Election 2027 बाराबंकी जिले की 6 सीटों पर 2027 से पहले सपा-कांग्रेस में छिड़ी जंग...

UP Election 2027: लखनऊ से सटा बाराबंकी जिला यूपी की उन गिनी-चुनी जगहों में है, जहां 2022 में भाजपा और सपा ने बराबर-बराबर यानी तीन-तीन सीटें बांटी थीं. यहां के चुनावी आंकड़े इतने करीबी रहे कि दो सीटों का फैसला तीन सौ वोट से भी कम में हो गया. 2027 से पहले जिले की सियासत इसलिए भी गरम है, क्योंकि लड़ाई अब सिर्फ भाजपा बनाम विपक्ष की नहीं रही. यहां विपक्षी खेमे के भीतर भी सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो चुकी है. आइए 2027 से पहले जानते हैं जिले की 6 सीटों पर सपा-कांग्रेस में क्या जंग चल रही है?

हिंदू आबादी करीब 77 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 23 प्रतिशत है

जनगणना 2011 के अनुसार बाराबंकी जिले की आबादी करीब 32 लाख 61 हजार थी. इसमें पुरुष करीब 17 लाख 7 हजार और महिलाएं करीब 15 लाख 54 हजार दर्ज हुईं. यहां हर हजार पुरुषों पर 910 महिलाएं हैं. जिले की साक्षरता दर करीब 62 प्रतिशत रही, जिसमें पुरुष साक्षरता करीब 70 प्रतिशत और महिला साक्षरता करीब 52 प्रतिशत थी. जानकारी के मुताबिक जिले की लगभग 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और सिर्फ 10 प्रतिशत शहरों में रहती है. धर्म के हिसाब से देखें तो यहां हिंदू आबादी करीब 77 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 23 प्रतिशत है. 

जिले में छह सीटें, दो आरक्षित

बाराबंकी जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं, जिनके नाम हैं कुर्सी, रामनगर, बाराबंकी (सदर), जैदपुर, दरियाबाद और हैदरगढ़. इनमें जैदपुर और हैदरगढ़ अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि बाकी चारों सीटें सामान्य श्रेणी की हैं. बता दें रामनगर, बाराबंकी, जैदपुर और हैदरगढ़ पांच सीटें बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र में आती हैं, जबकि दरियाबाद सीट जिले में होने के बावजूद लोकसभा के लिहाज से फैजाबाद यानी अयोध्या संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है.

भाजपा और सपा के बीच बराबरी का रहा था मुकाबला 

2022 में हुए विधानसभा की बात करें तो जिले की तीन सीटें भाजपा के खाते में गईं और तीन सपा के खेमे में गई थीं. आइए आपको डिटेल में सभी छह सीटों के बारे में बताते हैं...

कुर्सी सीट की बात करें तो यहां भाजपा के सकेंद्र प्रताप वर्मा ने सपा के राकेश कुमार वर्मा को सिर्फ 217 वोट से हराया. उन्हें 1 लाख 18 हजार 720 वोट मिले, जबकि राकेश वर्मा के खाते में 1 लाख 18 हजार 503 वोट आए थे. 

रामनगर सीट पर सपा के फरीद महफूज किदवई ने भाजपा के शरद अवस्थी को महज 261 वोट से शिकस्त दी थी. 

बाराबंकी (सदर) सीट पर सपा के धर्मराज सिंह यादव ने भाजपा की डॉ. रामकुमारी मौर्या को 35 हजार 50 वोटों से हराया था. 

जैदपुर (सुरक्षित) सीट पर सपा के गौरव रावत ने भाजपा के अंबरीश रावत को करीब 2 हजार 982 वोटों से हराया था.

दरियाबाद सीट पर भाजपा के सतीश चंद्र शर्मा ने सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप को करीब 32 हजार वोटों के अंतर से मात दी थी.

हैदरगढ़ (सुरक्षित) सीट पर भाजपा के दिनेश रावत ने सपा के राम मगन को हराकर सीट अपने नाम की थी. चुनाव आयोग के मुताबिक उन्हें 1 लाख 17 हजार 133 वोट मिले थे.

कभी था कांग्रेस-भाजपा का गढ़, अबकी बार ये पार्टियां ठोक रहीं ताल 

राजनीतिक जानकारों की मानें तो बाराबंकी का मौजूदा सियासी नक्शा 2008 के परिसीमन के बाद बना है. बता दें नई सीटों पर पहला चुनाव 2012 में हुआ था. उस समय सपा का पलड़ा भारी रहा था। इसके बाद 2017 में भाजपा लहर रही, इस दौरान जिले की छह में से पांच सीटें भाजपा ने जीती थी. उस समय केवल बाराबंकी सदर सीट पर सपा का प्रत्याशी जीता था. जानकारी के अनुसार बाराबंकी सदर सीट पर 2012, 2017 और 2022 में धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव लगातार तीन बार सपा के टिकट पर जीते हैं और हर बार उनकी जीत का अंतर बढ़ता गया है. इसके अलावा जैदपुर सीट के बारे में बताएं तो इस सीट का पुराना नाम मसौली था और यहां मोहसिना किदवई के परिवार का लंबे समय तक दबदबा रहा है. इसी तरह हैदरगढ़ सीट पर राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री रहते हुए उपचुनाव लड़ा था. इस सीट को परंपरागत रूप से कांग्रेस और भाजपा का मजबूत इलाका माना जाता रहा है. लेकिन बावजूद इसके 2017 और 2022 में यहां भाजपा ने का कब्जा किया.

बाराबंकी जिले की 6 सीटों अब क्या हैं मौजूदा हालात?

2024 के लोकसभा चुनाव में बाराबंकी संसदीय सीट कांग्रेस के तनुज पुनिया के खाते में गई थी जो इंडिया गठबंधन के तहत सपा के समर्थन से लड़े थे. हाल की रिपोर्टों के मुताबिक बाराबंकी सपा और कांग्रेस के बीच 2027 की सीट बंटवारे की सबसे बड़ी परीक्षा वाले जिलों में गिना जा रहा है. सपा के नेता जिले की सभी छह सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं और अपनी तैयारी में जुटे हैं, जबकि कांग्रेस जिले में कम से कम तीन सीटों की मांग पर अड़ी है और सांसद तनुज पुनिया इस मसले पर समझौते के मूड में नहीं दिख रहे हैं. दूसरी ओर भाजपा दरियाबाद और हैदरगढ़ जैसी अपनी मजबूत सीटों को बचाने के साथ कुर्सी पर पकड़ बरकरार रखने की कोशिश में है. उधर, सपा बाराबंकी सदर को अपना गढ़ मानते हुए पीडीए समीकरण के सहारे जिले की बाकी सीटों पर भी बढ़त बनाने की रणनीति पर काम कर रही है. 

जिले की छह सीटों पर समझें जातीय समीकरण

कुर्सी सीट पर कुर्मी मतदाता सबसे बड़ा समूह है. यहां मुस्लिम, यादव, ठाकुर और दलितों की संख्या भी ठीक ठाक है. 

रामनगर सीट पर मुस्लिम, यादव और कुर्मी समुदायों के साथ सवर्ण वोट भी अहम है. यहां किदवई परिवार का काफी प्रभाव माना जाता है.

बाराबंकी (सदर) सीट पर स्थानीय अनुमानों में यादव करीब 20 प्रतिशत के साथ सबसे बड़े समूह हैं. इसके अलावा यहां मुस्लिम और कुर्मी करीब 16-16 प्रतिशत हैं. 

जैदपुर (सुरक्षित) सीट पर मुस्लिम, वर्मा (कुर्मी) और रावत तीनों करीब 68-68 हजार, यादव करीब 54 हजार, गौतम करीब 40 हजार, ब्राह्मण और अन्य पिछड़ा वर्ग करीब 35-35 हजार के आसपास माने हैं. 

दरियाबाद सीट पर ब्राह्मण, कुर्मी, यादव और दलित मतदाताओं का मिलाजुला असर है. 

हैदरगढ़ (सुरक्षित) सीट पर रावत समाज का बोलबाला है. इसके बाद वर्मा, यादव, ब्राह्मण, गौतम और ठाकुर अलग अलग संख्या में हैं. 

FAQ

Q. बाराबंकी जिले में कुल कितनी विधानसभा सीटें हैं?
A. बाराबंकी जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं, कुर्सी, रामनगर, बाराबंकी (सदर), जैदपुर, दरियाबाद और हैदरगढ़.

Q. बाराबंकी जिले में कौन-सी सीटें आरक्षित हैं?
A. जैदपुर और हैदरगढ़ सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं, बाकी चारों सीटें सामान्य श्रेणी की हैं.

Q. 2022 चुनाव में बाराबंकी जिले में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
A. भाजपा को तीन सीटें (कुर्सी, दरियाबाद, हैदरगढ़) और सपा को तीन सीटें (रामनगर, बाराबंकी सदर, जैदपुर) मिलीं.

Q. किन सीटों पर सबसे करीबी मुकाबला हुआ था?
A. कुर्सी सीट पर भाजपा सिर्फ 217 वोट से और रामनगर सीट पर सपा सिर्फ 261 वोट से जीती थी. जैदपुर में भी जीत का अंतर तीन हजार से कम रहा.

Q. बाराबंकी जिले की आबादी में हिंदू और मुस्लिम समुदाय का हिस्सा कितना है?
A. जनगणना 2011 के अनुसार जिले में हिंदू आबादी करीब 77 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 23 प्रतिशत है.

Q. जिले में किस पार्टी का ऐतिहासिक तौर पर दबदबा रहा है?
A. 2012 में सपा आगे रही, 2017 में भाजपा ने छह में से पांच सीटें जीतीं और 2022 में दोनों दल तीन-तीन सीटों पर बराबर रहे. बाराबंकी सदर पर लगातार तीन चुनावों से सपा काबिज है.

Q. 2027 से पहले जिले का राजनीतिक माहौल कैसा है?
A. भाजपा अपनी तीन सीटें बचाने और कुर्सी में पकड़ मजबूत करने में जुटी है, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन में सपा और कांग्रेस के बीच जिले की सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है. सपा सभी छह सीटों का दावा कर रही है और कांग्रेस कम से कम तीन सीटें मांग रही है.

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