Supreme Court की ओर बढ़ रहे INDIA गठबंधन नेताओं को दिल्ली पुलिस ने रोका
‘वोट चोरी’ रोकने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च कर रहे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं को सोमवार को पुलिस ने भगवान दास रोड पर रोक दिया। पुलिस ने भगवान दास रोड पर दो जगह अवरोधक लगा रखे थे। पहले अवरोधक को कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने हटा दिया।
इसके बाद उच्चतम न्यायालय के निकट लगाए गए दूसरे अवरोधक पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और ‘इंडिया’ गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता एक एक ट्रक पर सवार होकर बाराखंबा रोड से उच्चतम न्यायालय के लिए रवाना हुए थे। कई नेता और कार्यकर्ता पैदल ही उच्चतम न्यायालय की तरफ रवाना हुए।
कई नेता बसों में सवार थे। इससे पहले विपक्षी दलों के नेता कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से बसों में सवार होकर बाराखंबा रोड पहुंचे थे और वहां एकत्र होने के बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च शुरू किया। ‘इंडिया’ गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को ‘‘चलो दिल्ली—लोकतंत्र के लिए मार्च’’ नाम दिया है। इस मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और भाजपा के खिलाफ पुरजोर नारेबाजी की। राहुल गांधी ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा था कि वह और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य नेता उच्चतम न्यायालय जाएंगे तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करेंगे।
उन्होंने कहा था, ‘‘आज हम और इंडिया गठबंधन के नेता उच्चतम न्यायालय जाएंगे और याचिका दायर करेंगे। जो प्रतिरोध चल रहा है, वह एक दिन की बात नहीं है। हम लगातार यह कर रहे हैं।’’ गांधी ने केंद्र सरकार पर लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी को ‘‘पूरी तरह से किले में तब्दील’’ कर दिया गया है और बड़ी संख्या में पुलिस तथा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
विपक्ष की मांग है कि ‘‘वोट चोरी’’ पर रोक लगाई जाए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया रोकी जाए। इससे पहले, खरगे और गांधी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, ताकि उनके समक्ष कथित ‘‘वोट चोरी’’ का मुद्दा उठाया जा सके और एक ज्ञापन सौंपा जा सके। प्रधान न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार करते हुए कहा था कि इससे जुड़े मुद्दे पहले से उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं।
इसके बाद विपक्षी दलों ने उच्चतम न्यायालय का रुख कर याचिका दायर करने और अपना प्रस्तावित मार्च जारी रखने का फैसला किया। विपक्षी दल पिछले मंगलवार से चुनावों में ‘‘धांधली’’ और ‘‘वोट चोरी’’ को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
राठी नहीं, स्मित मच्छर मेरे आदर्श है, Shiv Sena UBT प्रवक्ता Anand Dubey ने छोड़ी पार्टी
यूबीटी शिवसेना के प्रवक्ता आनंद दुबे ने चुनाव आयोग को लेकर पार्टी के रुख के कारण पार्टी छोड़ दी है। इस्तीफ़े की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके आदर्श स्मिता मच्छर, शिवाजी महाराज और वीर सावरकर हैं, न कि शरजील इमाम, उमर खालिद और ध्रुव राठी। दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन का समर्थन करने के पार्टी के रुख पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मेरा देश पहले आता है, पार्टी और आनंद दुबे बाद में। इससे पहले रविवार को, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता अमित ठाकरे ने मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मुंबई पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
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आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं समेत शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की। आदित्य ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की साड़ी फाड़ दी गई। उन्होंने कहा कि मैं पूरे मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क आने की अपील कर रहा हूं। यह विरोध प्रदर्शन अब नहीं रुकेगा। अगर आप प्रदर्शनकारियों को छूते हैं, तो यह आंदोलन तब तक और तेज़ होगा जब तक गद्दार (मुख्य चुनाव आयुक्त) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते।
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वोट चोरी के मामले में INDIA गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे
INDIA गठबंधन के नेता 'वोट चोरी' के आरोपों और वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को रोकने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को ज्ञापन सौंपने के लिए मार्च कर रहे हैं। इस मार्च की अगुवाई लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कभी भी भारत की आवाज़ को दबा नहीं पाएंगे। गांधी ने दिल्ली पुलिस द्वारा CJP प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर तंज कसा और कहा कि विपक्षी नेता प्यार, भाईचारे और देशभक्ति" के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे।
सरकार ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई किया
इस बीच, सरकार ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया है और तीन अन्य जगहों की घोषणा की है जहां अब विरोध-प्रदर्शन किए जा सकेंगे। 11 अक्टूबर, 2026 के इस आदेश पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने हस्ताक्षर किए। आदेश में कहा गया है कि पूर्वी दिल्ली में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान को अब विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नई जगहों के तौर पर तय किया गया है। आदेश में कहा गया भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने मौजूदा 'तय जगह' के बजाय नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए वैकल्पिक और उपयुक्त जगहों की जांच करने के लिए एक समिति बनाई थी। इसमें आगे कहा गया इन तीन जगहों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी। यह पहले के स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर L&O/48/22 (दिनांक 28.04.2022) में आंशिक बदलाव है।
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