वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम में हुई 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी, रिकॉर्ड 1.47 लाख करोड़ रुपए का कारोबार
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (एच1) में भारत का सिक्योरिटाइजेशन (प्रतिभूतिकरण) बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कुल सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम यानी मात्रा 1.47 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक है।
आईसीआरए (आईसीआरए) की रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी तिमाही में गतिविधियों में तेज उछाल देखने को मिला और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम 86,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
इस वृद्धि को मुख्य रूप से गोल्ड लोन सेगमेंट में बढ़ती मांग, वाहन ऋण सिक्योरिटाइजेशन में सुधार तथा एमएसएमई और बिजनेस लोन पोर्टफोलियो में लगातार बने आकर्षण का समर्थन मिला।
आईसीआरए के अनुसार, सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम में तेजी का एक प्रमुख कारण गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा अपनी फंडिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए इस माध्यम पर बढ़ती निर्भरता भी रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि गोल्ड लोन इस वृद्धि का सबसे बड़ा चालक रहा। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में गोल्ड लोन सिक्योरिटाइजेशन का वॉल्यूम सालाना आधार पर लगभग डेढ़ गुना बढ़ गया।
आईसीआरए के वाइस प्रेसिडेंट और स्ट्रक्चर्ड फाइनेंस रेटिंग्स के सह-समूह प्रमुख सचिन जोगलेकर ने कहा कि वाहन, एमएसएमई या व्यावसायिक लोन और मॉर्गेज जैसे पारंपरिक सेगमेंट भी स्थिर गति से बढ़ते रहे, जिससे कुल वॉल्यूम को मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन से आईसीआरए के उस अनुमान को समर्थन मिलता है, जिसके अनुसार पूरे वित्त वर्ष 2026-27 में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम 2.6 लाख करोड़ से 2.7 लाख करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।
हालांकि सबसे अधिक वृद्धि गोल्ड लोन श्रेणी में रही, लेकिन वाहन लोन सिक्योरिटाइजेशन ने भी अपनी खोई हुई हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा वापस हासिल किया है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुल सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वाहन ऋणों का रहा, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसकी हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत थी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ऋणदाताओं ने दोबारा इस बाजार में प्रवेश किया है, जबकि कुछ ने दूसरी तिमाही में अपनी बिक्री की मात्रा बढ़ाई है।
गोल्ड लोन और वाहन लोन के बाद मॉर्गेज लोन, स्मॉल बिजनेस लोन और माइक्रोलोन अन्य प्रमुख परिसंपत्ति श्रेणियां रहीं, जिनकी हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (एच1) की कुल वॉल्यूम में 12 से 15 प्रतिशत के बीच रही।
लेनदेन संरचना के लिहाज से सिक्योरिटाइजेशन बाजार में पास-थ्रू सर्टिफिकेट (पीटीसी) और डायरेक्ट असाइनमेंट (डीए) दोनों मार्गों की हिस्सेदारी लगभग बराबर रही। यह रुझान पिछली तिमाही जैसा ही बना रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड लोन, वाहन लोन और एमएसएमई फाइनेंसिंग जैसे क्षेत्रों की मजबूत मांग, साथ ही एनबीएफसी की बढ़ती फंडिंग जरूरतें, आने वाले महीनों में भी सिक्योरिटाइजेशन बाजार को गति देती रह सकती हैं।
--आईएएनएस
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राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ प्रधानमंत्री ने 25 वर्ष तक की राष्ट्रसेवा: CM पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष की राष्ट्रसेवा सेवा, सुशासन, संकल्प और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने सदैव राष्ट्रनीति को राजनीति से ऊपर रखते हुए देशहित और जनकल्याण को प्राथमिकता दी है. मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की जनता की ओर से प्रधानमंत्री को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. हरिद्वार में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी. उनके नेतृत्व में भारत विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उत्तराखंड को अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात मिली है. इसी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए राज्य
मंत्रिमंडल ने मां गंगा का पूजन कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने के साथ रक्षा, विज्ञान, नवाचार, खेल और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. इससे देशवासियों का आत्मविश्वास बढ़ा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता दी है. युवाओं के लिए स्टार्टअप और कौशल विकास की योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहल की गई हैं. जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है.
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से मजबूत हुआ भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सेना और सैनिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है. चार दशक के इंतजार के बाद सैनिकों को वन रैंक, वन पेंशन योजना का लाभ मिला. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ कार्रवाई का संदेश दिया है. पहले भारत रक्षा सामग्री के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था, जबकि अब देश अनेक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है.
उत्तराखंड में कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिली गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़क, रेल, हवाई संपर्क और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिली है. ऑल वेदर रोड के निर्माण से चारधाम यात्रा को सुविधाजनक बनाने में मदद मिली है. मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष की चारधाम यात्रा में अब तक 58 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री के आदि कैलाश दौरे के बाद इस क्षेत्र में तीर्थाटन को बढ़ावा मिला है. वहीं, हर्षिल से शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन मिलने से राज्य में वर्षभर पर्यटन की संभावनाएं मजबूत हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका को लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने माणा गांव पहुंचकर सीमांत गांवों को देश के प्रथम गांव के रूप में पहचान दिलाने का संदेश दिया. इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं बढ़ी हैं.
हर मुश्किल समय में मिला सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग हादसे, धराली आपदा और सहस्रताल ट्रैक पर फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने जैसे कठिन अवसरों पर केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को सहयोग दिया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग ढाई घंटे में पूरी हो रही है . भविष्य में हरिद्वार को भी इससे जोड़ने की योजना है. हरिद्वार में विकास कार्यों के साथ जल्द ही दूसरे मेडिकल कॉलेज को शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ पुनर्विकास परियोजनाओं से तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार हुआ है. केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं के साथ सौंग, जमरानी और लखवाड़ बांध परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है.
2.25 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं पर काम
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में करीब 2.25 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है. जौलीग्रांट एयरपोर्ट से 45 से अधिक विमान सेवाएं संचालित हो रही हैं, जबकि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है. किच्छा में एम्स के सैटेलाइट सेंटर को शुरू करने की तैयारी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री 28 से अधिक बार उत्तराखंड आ चुके हैं. विदेश दौरों के दौरान उत्तराखंड के उत्पादों को विदेशी मेहमानों को उपहार में देकर उन्होंने राज्य के स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में योगदान दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की है.
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