रोहित शेट्टी फायरिंग केस:हमलावरों के निशाने पर थे निर्देशक, मैकेनिक बनकर लॉरेंस गैंग के लिए काम करता था आरोपी आसाराम फसाले
फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर 31 जनवरी को पांच राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसके बाद से मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि इस फायरिंग में रोहित शेट्टी ही हमलावरों का मुख्य टारगेट थे। इस मामले में पुलिस ने 5 फरवरी को आरोपी आसाराम फसाले को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच के मुताबिक, आसाराम फसाले पिछले चार वर्षों से गैरेज मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था और लॉरेंस गैंग से जुड़ा हुआ था। वह गैंग के मास्टरमाइंड शुभम लोंकर के निर्देश पर हथियारों की सप्लाई करता था। इस केस में पहले से गिरफ्तार चार आरोपियों में से आसाराम फसाले की सीधी पहचान स्वप्निल सकट से थी, जो शुभम लोंकर के जरिए कराई गई थी। बताया जा रहा है कि लोंकर के निर्देश पर फसाले ने ही सकट को हथियार मुहैया कराए थे, जिन्हें बाद में एक अज्ञात शूटर तक पहुंचाया गया। इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल फायरिंग की घटना में किया गया। क्राइम ब्रांच को यह भी जानकारी मिली है कि आसाराम के गैंग से जुड़े होने की भनक उसके कुछ करीबी लोगों को थी। हालांकि, वे लोग कौन हैं और क्या उनका भी लॉरेंस गैंग से कोई सीधा कनेक्शन है, इस एंगल से पुलिस अब जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात के लिए आसाराम ने हथियार कहां से हासिल किए थे और इसके बदले उसे कितनी रकम मिली थी। इस एंगल से भी पुलिस टीम लगातार जांच में जुटी हुई है। जानिए क्या है पूरा मामला? 31 जनवरी की रात करीब 12:45 बजे मुंबई के जुहू इलाके में स्थित फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कम से कम पांच राउंड फायरिंग की गई, जिनमें से एक गोली इमारत में बने जिम के शीशे से जा टकराई थी। वहीं, इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया गया था कि इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली है। यह स्क्रीनशॉट शुभम लोंकर आरजू बिश्नोई नाम के अकाउंट की फेसबुक पोस्ट का है। पोस्ट में लिखा- अगली बार छाती पर गोली लगेगी इस पोस्ट में लिखा गया था, सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर इसने आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी, तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर।" इसी पोस्ट में आगे लिखा था, "और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ, नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा। तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे। हमने जिन-जिन लोगों को फोन कर रखा है, या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ, वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। और जितने भी हमारे दुश्मन हैं, तैयार रहो, जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था, एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग।" कौन है शुभम लोंकर और आरजू बिश्नोई? शुभम लोंकर लॉरेंस गैंग का एक प्रमुख "की ऑपरेटिव" माना जाता है। शुभम एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (अक्टूबर 2024) का मुख्य संदिग्ध और साजिशकर्ता है। उसने फेसबुक पर उस हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। वहीं, आरजू बिश्नोई को गैंग का एक सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया और धमकियों के जरिए गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में मदद करता है। पहले चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार इस मामले में मुंबई पुलिस ने पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान आदित्य ज्ञानेश्वर गायकवाड़ (19), सिद्धार्थ दीपक येनपुरे (20), समर्थ शिवशरण पोमाजी (18) और स्वप्निल बंडू सकट (23) के रूप में हुई थी। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 109 और 61(2) के साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 3 और 25 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 37(1), 37(2) और 135 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 5 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। शुरुआती जांच में सामने आया था कि आरोपियों की भूमिका घटना के लिए वाहन उपलब्ध कराने और साजिश रचने से जुड़ी हुई है। वहीं, पांचवें आरोपी शुभम लोंकर को वांटेड घोषित किया गया है, जिसकी तलाश जारी है।
अभिजीत भट्टाचार्य का कल्ट क्लासिक गाना, माधुरी दीक्षित पर फिदा हुआ हीरो, प्यार में बताया अपने दिल का हाल
नई दिल्ली. शाहरुख खान की फिल्म अंजाम का गाना 'बड़ी मुश्किल है' आज भी हर 90s के बच्चे और शाहरुख फैंस का फेवरेट है. यह गाना सिर्फ एक म्यूजिक ट्रैक नहीं, बल्कि शाहरुख के उस सिग्नेचर चार्म की मिसाल है, जिसे देखकर लोग उनके दीवाने हो गए थे. गाने की सबसे खास बात इसकी सादगी और शाहरुख खान के अतरंगी डांस स्टेप्स हैं. अभिजीत भट्टाचार्य की मखमली आवाज ने इस गाने में ऐसी जान फूंकी कि यह आज भी लोग इस बहुत पसंद करते हैं. आनंद-मिलिंद की धुन में सजे गाने के बोल एक ऐसे आशिक के दिल का हाल बताते हैं, जिसे बस अपनी महबूबा की एक झलक का इंतजार है. भले ही फिल्म अंजाम एक डार्क और थ्रिलर फिल्म थी, लेकिन आनंद-मिलिंद के संगीत ने इस गाने को एक रिफ्रेशिंग टच दिया.
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