Gajkesari Yog in Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि में बनेंगे 5 गजकेसरी और सर्वार्थसिद्धी योग, जानें कौन सी राशियों को लाभ होगा?
Gajkesari Yog in Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. 11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर 2026 तक शारदीय नवरात्रि का पर्व रहने वाला है. ये 9 दिनों का महापर्व होता है, जिसमें दो-दो दुर्लभ संयोग बन रहे हैं. इस नवरात्रि में दो बार गजकेसरी योग और तीन बार सर्वार्थसिद्धी योग रहने वाला है. पहला गजकेसरी योग 11 अक्टूबर को बन गया था और अब दूसरा दुर्लभ योग 19 अक्टूबर को बनने वाला है. इसके अलावा, 14, 18 और 19 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा. महाष्टमी और महानवमी को सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाया जाएगा. इस बार नवरात्र में पांच दिन बेहद खास रहने वाले हैं. ज्योतिषाचार्यों की मानें तो यह दुर्लभ संयोग से चार राशियों को लाभ मिलने वाला है.
नवरात्रि 2026 में 4 राशियों को होगा लाभ (4 Lucky Zodiac Signs of Navratri 2026)
1.मेष राशि (Aries)
मेष राशि के लोगों को इस दौरान लंबित कार्यों में गति देखने को मिलने वाली है. इन्हें करियर में ग्रोथ दिखेगी और नए अवसर आपके पास आएंगे. आर्थिक मामलों में भी आप लोगों को राहत मिलेगी. इसके साथ ही आप लोगों को अचानक धन प्राप्ति के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. सामाजिक जीवन में आपका मान-सम्मान बढ़ने की उम्मीद है. परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. इससे आप अपने तय लक्ष्यों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएंगे. इस दौरान अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने और उपलब्ध अवसरों का सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ध्यान देने की जरूरत है.
2.मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि के लोगों को नौकरी और कारोबार के लिहाज से समय अच्छा दिखाई दे रहा है. कार्यक्षेत्र में आप लोगों को अपनी योग्यता और प्रतिभा दिखाने के मौके मिलेंगे. पेशेवर मोर्चों पर बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन निवेश करते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए. किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करें. सोच-समझकर बनाई गई योजनाएं आगे चलकर लाभ मिलने वाला है. इस दौरान अपनी मेहनत को सही दिशा में लगाना चाहिए और काम के प्रति गंभीरता बनाए रखें.
3.सिंह राशि (Leo)
नवरात्रि 2026 में सिंह राशि के नौकरी करने वाले लोगों को अपने काम के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है. अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता के दम पर आप लोगों को एक नई पहचान मिल सकती है. व्यापारियों के लिए भी आगे बढ़ने के नए अवसर मिलने वाले हैं. ऐसे में अपनी क्षमताओं पर भरोसा जरूर रखें. आने वाले नए अवसरों को पहचानकर उनका पूरा लाभ उठाने का प्रयास करें. मेहनत से सही दिशा में किए गए प्रयास आपको प्रोफेशनल लाइफ के करीब पहुंचने में मदद करेगा.
4.तुला राशि (Libra)
तुला राशि के लोगों को भी आर्थिक मामलों में राहत मिलने वाली है. नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. लंबे समय से अटका हुआ धन, अब प्राप्त हो सकता है. आप लोगों की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है. नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को भी नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं. अविवाहित लोगों की विवाह को लेकर बातचीत हो सकती है. करियर और पर्सनल लाइफ में भी ग्रोथ मिलने की पूरी उम्मीद बनी हुई है. मन को सकारात्मक रखें.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
अस्पताल के इलाज का खर्च प्रमुखता से प्रदर्शित करें, केंद्र ने सभी राज्यों को दिए निर्देश
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। पारदर्शिता, जवाबदेही और मरीज केंद्रित हेल्थकेयर सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे क्लिनिकल संस्थानों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं के लिए ली जाने वाली दरों को साफ तौर पर प्रदर्शित करें।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में लागू नियमों के पालन की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने को कहा है कि हेल्थकेयर सेवाओं के चार्ज की जानकारी मरीजों और उनके साथ आए लोगों को साफ तौर पर दिखे और आसानी से मिल सके।
हेल्थकेयर की कीमतों में पारदर्शिता के महत्व पर जोर देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि कीमतों को साफ तौर पर दिखाने से मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के संभावित खर्च को समझने, हेल्थकेयर से जुड़े सही फैसले लेने और अपने मेडिकल खर्च की योजना बनाने में मदद मिलेगी। अधिक पारदर्शिता से अनावश्यक कन्फ्यूजन और बिलिंग से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, हेल्थकेयर सिस्टम में भरोसा और विश्वास भी बढ़ेगा।
यह पत्र क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010 और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (सेंट्रल गवर्नमेंट) रूल्स, 2012 का जिक्र करता है, जो क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (नियम-कानून का ढांचा) तय करते हैं। इन नियमों के तहत, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह एक्ट लागू है, वहां क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स को मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दी जाने वाली हर तरह की सर्विस और उपलब्ध सुविधाओं के रेट्स (दरें) एक ऐसी जगह पर दिखाने होंगे जो आसानी से दिखाई दे। ये कीमतें स्थानीय भाषा और अंग्रेजी में होनी चाहिए।
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह एक्ट लागू नहीं है, वहां क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स को संबंधित राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के नियमों के तहत रेगुलेट किया जाता है। इनमें से कई नियमों में हेल्थकेयर सर्विसेज और सुविधाओं के रेट्स दिखाने से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने मुख्य सचिवों से कहा है कि वे संबंधित अधिकारियों के जरिए नियमों का असरदार तरीके से पालन सुनिश्चित करें।
पत्र में अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए हेल्थकेयर की कीमतों में पारदर्शिता पर भी खास जोर दिया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे मेडिकल या आयुष वीजा पर भारत आने वाले विदेशी मरीजों के लिए पैकेज रेट को प्रमुखता से दिखाने (जहां भी लागू हो) को बढ़ावा दें। इससे अंतरराष्ट्रीय मरीज सही जानकारी के आधार पर फैसले ले पाएंगे, कीमतों और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों को कम करने में मदद मिलेगी और मेडिकल और आयुष देखभाल के लिए एक भरोसेमंद जगह के तौर पर भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने मुख्य सचिवों से संबंधित अधिकारियों और क्लिनिकल संस्थानों को जरूरी कार्रवाई के लिए उचित सलाह जारी करने का अनुरोध किया है। इसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि लागू नियमों के अनुसार रेट ऐसी जगहों पर दिखाए जाएं जो प्रमुख हों, साफ तौर पर दिखाई दें और आसानी से पहुंचने लायक हों।
यह पहल भारत सरकार की हेल्थकेयर सेवा को ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और मरीजों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि हेल्थकेयर के खर्चों के बारे में साफ जानकारी मिलना मरीज-केंद्रित देखभाल का एक अहम हिस्सा बन जाए।
--आईएएनएस
ओपी/पीएम
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