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Parent Child Bonding : क्या सच में मां के लाडले होते हैं बेटे और पिता की प्रिंसेस होती हैं बेटियां? साइकोलॉजी में छिपा है गहरा राज

Parent Child Bonding : बचपन से ही हमने अक्सर यह सुना होगा कि "बेटा मां का लाडला होता है" और "बेटी पिता की आंख का तारा यानी प्रिंसेस होती है." क्या यह सिर्फ एक आम कहावत है या इसके पीछे कोई गहरा मनोवैज्ञानिक सच छिपा है? आइए, मनोविज्ञान और वैज्ञानिक शोधों की नजर से इस दिलचस्प रिश्ते के हर पहलू को बेहद आसान भाषा में समझते हैं.

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राहुल गांधी के बयान पर BJP का पलटवार, शिवराज सिंह बोले “राम का विरोध करने वाले शिव की बारात की बात कर रहे”

वोट चोरी के विरोध में आंदोलन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका लगाने का ऐलान किया है, उन्होंने आज प्रेस कांफ्रेंस की और लोगों से इसमें उनका साथ देने के अपील की, देश की जनता से कनॉट प्लेस में इकट्ठा होने का आह्वान किया, उन्होंने इसे शिव की बारात कहा, भारतीय जनता पार्टी ने इसपर कड़ा ऐतराज जताया और पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा श्री राम का विरोध करने वाले शिव जी की बारात की बात कर रहे हैं। ये शिव जी की बारात नहीं है, अराजकता फैलाने वाले दंगाइयों की जमात है।

राहुल गांधी के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात की उन्होंने कहा, पिछले कई वर्षों से कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है। हद तो ये हो गई कि पार्टी चुनाव की हार का दोष भी संवैधानिक संस्थानों पर मढ़ती है। कांग्रेस की हार का सिलसिला लगातार जारी है।

कांग्रेस की हार का कारण विचार शून्य नेतृत्व

अभी उपचुनाव में क्या हुआ? असम में कांग्रेस की स्थिति क्या है? स्थानीय निकाय चुनाव में त्रिपुरा में क्या हुआ, राजस्थान में क्या हुआ, उससे पहले हिमाचल में क्या हुआ? एक के बाद एक चुनाव में हारना और उसकी खीज आंदोलन कर सड़कों पर निकालना, ये कांग्रेस की नियति बन गई है। लेकिन आज मैं कांग्रेस के मित्रों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग नहीं है, कांग्रेस की हार का कारण कांग्रेस का विचार शून्य नेतृत्व  है।

नता की नजरों से, जनता के दिलों से भी उतर गई  है कांग्रेस 

शिवराज सिंह चौहान ने कहा,  आज कांग्रेस की हालत क्या है? उत्तर प्रदेश में जूतमपैजार हो रही है, पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलना पड़ा है। अलग-अलग जगह नेतृत्व के झगड़े चल रहे हैं। मैं फिर से कह रहा हूं कि हार का कारण कांग्रेस का नेतृत्व है जो देश को नहीं जानता, देश की जनता को नहीं जानता, यहां की परंपराओं को नहीं जानता… कांग्रेस नेतृत्वहीन है। नाच न जाने आंगन टेढ़ा, कांग्रेस जनता की नजरों से भी उतर गई है और जनता के दिलों से भी उतर गई है।

शिवराज ने बताया कितने कितने वर्षों से किन राज्यों में नहीं कांग्रेस 

उन्होंने कहा ये क्या संविधान की बात करेंगे, 90 से ज्यादा बार उन्होंने चुनी हुई सरकारों को बदलने का पाप किया है। कपड़ों की तरह ये मुख्यमंत्री बदलते थे। देश में लोकतंत्र का गला घोंटकर आपातकाल इन्होंने लगाया। आज कांग्रेस का हाल कैसा है? देश के प्रमुख राज्यों में कांग्रेस का लगभग सफाया हो चुका है। तमिलनाडु में लगभग 59 वर्षों से कांग्रेस नहीं है, पश्चिम बंगाल में 49 वर्षों से, सिक्किम में 42 वर्षों से, उत्तर प्रदेश में 37 वर्षों से, बिहार में 36 वर्षों से, त्रिपुरा में 33 वर्षों से, गुजरात में 31 वर्षों से, ओडिशा में 26 वर्षों से, नागालैंड में 23 वर्षों से, गोवा में 15 वर्षों से, दिल्ली में वर्षों से… पूरा हिसाब देखिए, कांग्रेस बची कहां है? तीन-चार राज्य अगर छोड़ दें तो कांग्रेस दूसरे राज्यों में केवल जूनियर पार्टी बनकर रह गई है।

कुर्सी के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही कांग्रेस 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कांग्रेस कुर्सी के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है। वो जनता का दिल नहीं जीत सकती है, इसलिए परेशान कांग्रेस संवैधानिक संस्थानों को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता और दंगे फैलाकर, झूठ बोलकर, गुमराह करके अब कुर्सी चाहती है। कांग्रेस की हालत ये है कि कोर्ट का फैसला उसके पक्ष में नहीं आता है तो कोर्ट पर हमले करती है। चुनाव हारती है, तो चुनाव आयोग पर हमला करती है। भारतीय सेना जब आतंकवादियों को ठोकती है, तो सेना पर हमले करती है। भारत की प्रगति और 140 करोड़ देशवासियों के भरोसे को बचा पाना कांग्रेस के लिए असंभव हो गया है। कांग्रेस अब देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ हाथ मिला रही है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह दिशाहीन है।

ये शिव की बारात नहीं, अराजकता फैलाने वाले दंगाइयों की जमात  

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, राहुल गांधी अभी कह रहे थे कि कांग्रेस तो शिव जी की बारात है। श्री राम का विरोध करने वाले शिव जी की बारात की बात कर रहे हैं। ये शिव जी की बारात नहीं है, अराजकता फैलाने वाले दंगाइयों की जमात है । उन्होंने कहा कांग्रेस ऐसे उपद्रवियों का समूह है जो सड़कों पर अराजकता फैलाना और व्यवस्था का विरोध करना चाहते हैं। कांग्रेस और INDI गठबंधन एक खतरनाक कॉम्बिनेशन बन गए हैं। अब यह विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गई है। सत्ता के लिए वे कभी बम बनाने वालों, कभी कॉकरोच, कभी जॉर्ज सोरोस जैसी देश-विरोधी ताकतों और कभी NGO का सहारा लेते हैं।

 

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  Sports

Ranji Trophy में Tushar Deshpande ने ली हैट्रिक, Mumbai को मिली 351 रन की बढ़त

भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद अपनी गेंदबाजी से जवाब देने उतरे मुंबई के तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे ने रणजी ट्रॉफी में ऐसा प्रदर्शन किया कि चंडीगढ़ की टीम संभलने का मौका भी नहीं पा सकी। अपने फर्स्ट क्लास करियर का 50वां मुकाबला खेल रहे देशपांडे ने केवल 20 गेंदों के भीतर 5 विकेट लेकर चंडीगढ़ की पारी समेटने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 7 ओवर में 17 रन देकर 5 विकेट लिए और इस दौरान हैट्रिक भी पूरी की। उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर मुंबई ने चंडीगढ़ को पहली पारी में महज 78 रन पर समेट दिया।

मुंबई और चंडीगढ़ के बीच रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप डी का मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुंबई ने पहली पारी में 429 रन बनाए थे। इसके जवाब में चंडीगढ़ की टीम 19.1 ओवर में ही ढेर हो गई। मुंबई को पहली पारी में 351 रन की बड़ी बढ़त मिली और उसने मेहमान टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला लिया। फॉलोऑन के बाद भी चंडीगढ़ की मुश्किलें कम नहीं हुईं। दिन के आखिरी ओवर में देशपांडे ने विषु कश्यप को बोल्ड कर दिया। इसके साथ ही चंडीगढ़ ने बिना रन बनाए अपना पहला विकेट गंवा दिया।

देशपांडे ने चंडीगढ़ के खिलाफ अपनी गेंदबाजी की शुरुआत सातवें ओवर में अर्सलान खान को 2 रन पर बोल्ड करके की। इसके बाद 11वें ओवर में उन्होंने अर्जुन आजाद को 20 रन पर आउट किया। आजाद का कैच सिल्वेस्टर डिसूजा ने लॉन्ग लेग पर पकड़ा। अगली ही गेंद पर शिवम भांबरी तेज गेंद पर बोल्ड हो गए, जबकि दीपिंदर कुश को यशस्वी जायसवाल ने पहली स्लिप में लपक लिया। इस तरह देशपांडे ने हैट्रिक पूरी कर ली।

गौरतलब है कि देशपांडे मुंबई की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले छठे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले जहांगीर खोत, उमेश कुलकर्णी, अब्दुल इस्माइल, रॉयस्टन डायस और शार्दुल ठाकुर यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। शार्दुल ने 2025-26 सत्र में मेघालय के खिलाफ हैट्रिक ली थी। देशपांडे ने राज अंगद बावा को एलबीडब्ल्यू आउट करके अपना पांचवां विकेट पूरा किया। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का छठा पांच विकेट वाला प्रदर्शन है। चंडीगढ़ ने 11वें ओवर में 25 रन पर 1 विकेट गंवाया था, लेकिन इसके बाद केवल 4 रन जोड़कर 5 विकेट और खो दिए।

इससे पहले मुंबई ने दिन की शुरुआत 249 रन पर 5 विकेट से की थी। कप्तान सिद्धेश लाड 86 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शम्स मुलानी ने 39 रन बनाए। बाद में तनुष कोटियन ने 58 रन, मोहित अवस्थी ने नाबाद 56 रन और देशपांडे ने 44 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। मुंबई ने 136.5 ओवर में 429 रन बनाए। कोटियन और अवस्थी ने नौवें विकेट के लिए 67 रन जोड़े। चंडीगढ़ की ओर से राज अंगद बावा और रोहित धांडा ने 4-4 विकेट लिए। बावा ने 73 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि धांडा ने 78 रन दिए।

बता दें कि देशपांडे को न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली भारत की ए टीम में जगह नहीं मिली थी। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ पांडिचेरी में दूसरे बहुदिवसीय मुकाबले में 52 रन बनाकर भारत ए को मैच बचाने में मदद की थी। चंडीगढ़ की टीम 2018-19 सत्र से घरेलू क्रिकेट खेल रही है और 78 रन उसका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक का सबसे कम स्कोर है। मंगलवार को मुंबई की टीम इस मुकाबले को बोनस अंक वाली जीत में बदलने की कोशिश करेगी।

Mon, 12 Oct 2026 19:29:00 +0530

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