आतंकियों को छिपाने और आतंकी नेटवर्क से जुड़े सबूत रखने के लिए इस्तेमाल हुआ था मकान, जांच एजेंसी की कार्रवाई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने श्रीनगर में पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों को पनाह देने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने हजरतबल के दानिहामा गांव में स्थित आरोपी गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा गैस के आवासीय मकान को कुर्क कर लिया है. जांच में सामने आया है कि इस मकान का इस्तेमाल कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकियों को छिपाने और आतंकी नेटवर्क से जुड़े आपत्तिजनक सबूत रखने के लिए किया गया था.
NIA ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, 1967 की धारा 25 के तहत संपत्ति कुर्क की है. इसके लिए एजेंसी के महानिदेशक से आवश्यक पूर्व अनुमति ली गई थी. यह मामला पाकिस्तान से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी षड्यंत्र की जांच से संबंधित है.
मकान में मिले थे दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी
जांच एजेंसी के मुताबिक, 6 अप्रैल 2026 को श्रीनगर के हजरतबल स्थित दानिहामा गांव में गुलाम मोहम्मद मीर के आवास पर तलाशी ली गई थी. इस दौरान अबू हुरैरा और खुबैब नाम के दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी मिले थे. दोनों के लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने का संदेह है.
तलाशी के दौरान विस्फोटक जैसी संदिग्ध सामग्री, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया था. NIA की जांच में आरोप है कि गुलाम मोहम्मद मीर ने जानबूझकर अपने मकान को आतंकियों के छिपने के सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल होने दिया और उनकी गतिविधियों में मदद की.
स्थानीय मददगारों के जरिए चल रहा था आतंकी नेटवर्क
NIA के अनुसार, यह मामला सीमा पार से संचालित आतंकी साजिश से जुड़ा है. जांच में स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के ऐसे नेटवर्क का पता चला है, जो पाकिस्तान में बैठे लश्कर के आकाओं के संपर्क में रहकर कथित तौर पर आतंकियों की घुसपैठ, आवाजाही, ठहरने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में मदद कर रहे थे. जांच एजेंसी को आशंका है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था.
मार्च में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला शुरुआत में 31 मार्च 2026 को श्रीनगर के जकूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 24/2026 के तहत दर्ज किया गया था. बाद में NIA ने जांच अपने हाथ में लेकर इसे दोबारा दर्ज किया. एजेंसी इस मामले की जांच RC-02/2026/NIA/JMU के तहत कर रही है. NIA अब इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य ओवरग्राउंड वर्कर्स, मददगारों और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में रहने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है. जांच एजेंसी का कहना है कि आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है.
ब्लड टेस्ट से लेकर X-RAY तक, अस्पताल को दिखाने होंगे सारे चार्ज, केंद्र ने राज्यों को दिए निर्देश
केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर 2026 को आम नागरिकों को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है. केंद्र सरकार के इस आदेश के तहत अब मरीजों को पहले से पता चल सकेगा इलाज का खर्च कितना आने वाला है. केंद्र सरकार का यह कदम अस्पतालों में मनमानी बिल को लेकर विवाद रोकने की दिशा में कदम माना जा रहा है. अस्पताल को विदेशी मरीजों के लिए भी पैकेज की दरें भी डिस्पले करना अनिवार्य कर दिया है.
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