करिश्मा कपूर का 3.51 मिनट का कालजयी गाना, 'मेहंदी' रस्म की खूबसूरती करता है बयां, जिसके बिना हर शादी अधूरी
नई दिल्ली: हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, वह गाना शादी में 'मेहंदी' रस्म की खूबसूरती और अहमियत को बयां करता है. फिल्म 'जुबैदा' के गाने में रिश्तों की जटिलता और प्रेम की खूबसूरती जाहिर हुई है. अलका याग्निक की आवाज में गाए गाने 'मेहंदी है रचने वाली' को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया था और जावेद अख्तर ने इसके बोल लिखे थे. यह गाना परंपराओं और संस्कृति को दर्शाने के साथ-साथ किरदारों की भावनाओं और उथल-पुथल को भी बखूबी दिखाता है. 'जुबैदा' का निर्देशन श्याम बेनेगल ने किया है और इसे खालिद मोहम्मद ने लिखा है. करिश्मा कपूर और मनोज बाजपेयी के साथ इसमें रेखा, सुरेखा सीकरी, रजित कपूर, लिलेट दुबे, अमरीश पुरी, फरीदा जलाल और शक्ति कपूर भी नजर आते हैं. फिल्म को बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था और करिश्मा कपूर को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस (क्रिटिक्स) का अवॉर्ड भी मिला था.
अलग कहानी और अनोखे अंदाज़ के निर्देशक केसी बोकाडिया, जिनकी फिल्में आज भी दर्शकों को बांधे रखती
मुंबई, 9 फरवरी (आईएएनएस)। अलग कहानी और अनोखे अंदाज के साथ फिल्म निर्माण की बात हो तो शानदार निर्देशकों में से एक केसी बोकाडिया का नाम जरूर से आता है, जिन्होंने अलग कहानी और अनोखे अंदाज से फिल्में बनाकर दर्शकों का दिल जीता। लिहाजा, आज भी सालों पुरानी फिल्में पूरी दिलचस्पी के साथ देखी जाती हैं।
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