रणजी ट्रॉफी मैच में साई सुदर्शन चोटिल:लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए, पिछले महीने चोट से लौटे थे
भारतीय क्रिकेटर साई सुदर्शन सोमवार को जयपुर में एक रणजी मैच के दौरान चोटिल हो गए। वे कवर पर करण लांबा का ड्राइव रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह गेंद पी. सरवाना कुमार ने फेंकी थी। चोट लगने के बाद वे एक सपोर्ट स्टाफ का सहारा लेकर लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए। हालांकि, साई सुदर्शन चोट गंभीर नहीं दिखी। यह मैच तमिलनाडु और राजस्थान के बीच खेला जा रहा है। इंडिया ए में चुने गए हैं साई सुदर्शन साई सुदर्शन को न्यूजीलैंड में होने वाले तीन रेड-बॉल मैचों के लिए इंडिया ए की टीम में भी चुना गया है। ये मैच 26 अक्टूबर से शुरू होंगे। साई सुदर्शन हाल ही में चोट से उबरकर मैदान पर लौटे थे। उन्होंने पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई सीरीज से वापसी की थी। आखिरी समय पर प्लेइंग-11 में जगह मिली साई सुदर्शन को राजस्थान के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच के लिए तमिलनाडु की टीम में शुरुआत में शामिल नहीं किया गया था। हालांकि, मैच से एक रात पहले रात 10 बजे पहुंचने के बाद उन्हें आखिरी समय में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। ---------------------------------------------- रणजी ट्रॉफी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पहले दिन शमी ने 4 विकेट झटके, रिंकू सिंह का नाबाद शतक, जडेजा की फिफ्टी रणजी ट्रॉफी के पहले दिन मोहम्मद शमी ने 4 विकेट लिए। उनके प्रदर्शन के दम पर बंगाल ने दिल्ली को 240 रन पर ऑलआउट कर दिया। वहीं उत्तर प्रदेश के लिए खेल रहे रिंकू सिंह ने बिहार के खिलाफ नाबाद शतक लगाया। पढ़ें पूरी खबर
Russia Ukraine War | Donald Trump के 'एनर्जी सीज़फ़ायर' के दावे से हैरान हुए ज़ेलेंस्की, बोले- 'रूस तैयार तो हम भी सहमत'
मॉस्को और कीव के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के बीच मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीज़फ़ायर' (ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम) के अचानक किए गए ऐलान को ज़ेलेंस्की ने अपने लिए "नई खबर" बताया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूस इसके लिए तैयार होता है, तो यूक्रेन भी इस युद्धविराम के लिए पूरी तरह सहमत है। उन्होंने 'एक्सियोस' (Axios) से कहा, "यह ऐलान मेरे लिए नई खबर थी। लेकिन अगर रूसी 'एनर्जी सीज़फ़ायर' के लिए सहमत होते हैं, तो यूक्रेन भी सहमत होगा।"
बाद में, ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को अभी भी इस प्रस्ताव से जुड़ी जानकारी का इंतज़ार है; हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर यह 'हकीकत' बनती है तो यह घटनाक्रम 'सभी के लिए अच्छी खबर' होगी।
रूस द्वारा यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले
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उन्होंने कहा कि रूस लगातार 'शाहिद' (Shahed) ड्रोन के ज़रिए यूक्रेन और उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि रविवार शाम खार्किव में एक पावर प्लांट पर भी हमला किया गया। ज़ेलेंस्की ने बताया कि पिछले हफ़्ते रूसियों ने यूक्रेन की बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन सुविधाओं पर लगभग 200 हमले किए और गैस व तेल सुविधाओं पर 17 हमले किए।
उन्होंने कहा कि इन हमलों में 150 से ज़्यादा लोग मारे गए और 700 से ज़्यादा घायल हुए।
उन्होंने 'X' (ट्विटर) पर कहा, "यूक्रेन ने तनाव कम करने के कई कदम उठाने का प्रस्ताव दिया है। पुतिन के पास उन सभी का एक ही जवाब था - 'न्येत' (नहीं)। हमें उम्मीद है कि वे आखिरकार अमेरिका, यूक्रेन और पूरी दुनिया से कुछ ऐसा कहेंगे जिससे वास्तविक और सम्मानजनक शांति की राह खुलेगी।"
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उन्होंने आगे कहा, "यूक्रेन शांति चाहता है। सवाल यह है कि क्या रूस भी ऐसा चाहता है। यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं को सभी उचित आदेश मिल चुके हैं। हम अमेरिका और रूस के बीच बातचीत की स्पष्ट जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं - और हमें उम्मीद है कि पुतिन राष्ट्रपति ट्रंप की कही बातों पर अमल करेंगे।"
ज़ेलेंस्की की यह टिप्पणी तब आई जब ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीज़फ़ायर' का ऐलान किया और कहा कि यह तुरंत लागू होगा। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों पक्ष इसके लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन उन्होंने कोई और जानकारी नहीं दी। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, "अभी से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में 'एनर्जी सीज़फायर' (ऊर्जा के मामले में युद्ध-विराम) लागू हो गया है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। इसे तोड़ें नहीं।"
ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच मतभेद
ज़ेलेंस्की और ट्रंप के बीच मतभेद तब सामने आए जब ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को एक नए राष्ट्रपति की ज़रूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ अपने देश के युद्ध को खत्म करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं और अमेरिका में डीज़ल की ऊंची कीमतों के लिए उन्हें ही ज़िम्मेदार ठहराया।
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यह बात तब सामने आई जब उन्होंने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की ऊंची कीमतों की समस्या से निपटने के लिए रूस से डीज़ल खरीदने का समझौता किया था।
ट्रंप ने कहा, "मेरा सुझाव है कि उन्हें एक नया नेता चुनना चाहिए जो समझौता कर सके, क्योंकि वे कई समझौते कर सकते थे, लेकिन किसी वजह से उन्होंने ऐसा कभी नहीं किया।" उन्होंने आगे कहा, "वे दुनिया के लिए मुश्किलें खड़ी करना चाहते हैं। वे डीज़ल ईंधन के ज़रिए हमारे किसानों और पशुपालकों के लिए समस्याएं पैदा करना चाहते हैं।"
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