उज्जैन में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुर्वेद छात्रों ने की तालाबंदी, पिछले 7 दिन से जारी है प्रदर्शन
उज्जैन के आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के आयुर्वेदिक छात्र स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले 7 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों का प्रदर्शन अब तेज होता दिखाई दे रहा है। अब सोमवार की सुबह इन्होंने महाविद्यालय और चिकित्सालय के गेट पर तालाबंदी कर दी है।
यह विद्यार्थी पिछले 7 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। इनका कहना है कि बार-बार अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने के बावजूद भी उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। यही वजह है कि अब तालाबंदी कर विरोध जताया जा रहा है। इस तरह से मुख्य गेट पर ताला लगाने के बाद अस्पताल आने वाले डॉक्टर स्टाफ और मरीजों को परेशानी हो रही है।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे हैं विद्यार्थियों का कहना है कि बीएएमएस इंटर्न को फिलहाल स्टाइपेंड 9383 रुपए दिया जा रहा है। इसे बढ़ाकर एमबीबीएस विद्यार्थियों की तरह 21 हजार 500 रुपए प्रतिमाह किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों का कहना है कि अन्य राज्यों में इंटर्न को इससे अधिक स्टाइपेंड दिया जाता है। मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इसे नहीं बढ़ाया जा रहा।
विद्यार्थियों का कहना है कि बीएएमएस और एमबीबीएस इंटर्न एक ही तरह की ड्यूटी करते हैं। इसके बावजूद भी दोनों के स्टाइपेंड में बड़ा अंतर है। समान कार्य के लिए समान मानदेय मिलना चाहिए। विद्यार्थियों का कहना है कि स्टाइपेंड तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए।
लंबे समय से चल रहा प्रदर्शन
अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए छात्र-छात्राएं पिछले 7 दिनों से अलग-अलग तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ-साथ उन्होंने रक्तदान और सद्बुद्धि यज्ञ जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए। इसके बावजूद उनकी मांग पर किसी तरह का निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इसी से नाराज होकर सोमवार को कॉलेज और अस्पताल के गेट पर तालाबंदी कर दी गई है।
सीहोर में बिजली कटौती से नाराज किसानों ने निकाला मशाल जुलूस, चक्काजाम कर दी आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से किसानों के गुस्से की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिजली की आंख-मिचोली और खेतों में लटकते खतरनाक तारों से परेशान होकर किसानों का सब्र आखिरकार रविवार रात जवाब दे गया। हालात ये हो गए कि अपनी मांगों को लेकर किसानों को रात के वक्त सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करना पड़ा।
किसानों ने किया जोरदार चक्काजाम
दरअसल कल रविवार रात को सीहोर के बरखेड़ी और कुलास विद्युत सबस्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में किसान अचानक जमा हो गए। किसानों ने हाथों में मशालें लेकर जुलूस निकाला और बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं अपनी नाराजगी जताने के लिए किसानों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम भी कर दिया जिससे कुछ देर के लिए आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
बिजली कटने से फसलों की सिंचाई पर पड़ रहा बुरा असर
प्रदर्शन कर रहे किसान एमएस मेवाड़ा और जनपद सदस्यों ने बताया कि उनके इलाके में हालात बहुत खराब हैं। रात 8 बजे से लेकर सुबह तक हर दो घंटे में बिजली काट दी जाती है जिसकी वजह से खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई समय पर नहीं हो पा रही है। इसके अलावा खेतों के ऊपर झूलते 11 केवी के जर्जर तार आए दिन बड़े हादसों और पशुओं की मौत का कारण बन रहे हैं।
पिछले तीन महीनों से आंदोलन कर रहे अन्नदाता
गुस्साए किसानों ने बताया कि वे अपनी इस समस्या को लेकर पिछले तीन महीनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। सीहोर और भोपाल में लगभग 25 से ज्यादा गांवों के करीब 500 किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर चुके हैं। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरने जैसे गांधीवादी तरीके भी अपनाए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है
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