सीहोर में बिजली कटौती से नाराज किसानों ने निकाला मशाल जुलूस, चक्काजाम कर दी आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से किसानों के गुस्से की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिजली की आंख-मिचोली और खेतों में लटकते खतरनाक तारों से परेशान होकर किसानों का सब्र आखिरकार रविवार रात जवाब दे गया। हालात ये हो गए कि अपनी मांगों को लेकर किसानों को रात के वक्त सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करना पड़ा।
किसानों ने किया जोरदार चक्काजाम
दरअसल कल रविवार रात को सीहोर के बरखेड़ी और कुलास विद्युत सबस्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में किसान अचानक जमा हो गए। किसानों ने हाथों में मशालें लेकर जुलूस निकाला और बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं अपनी नाराजगी जताने के लिए किसानों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम भी कर दिया जिससे कुछ देर के लिए आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
बिजली कटने से फसलों की सिंचाई पर पड़ रहा बुरा असर
प्रदर्शन कर रहे किसान एमएस मेवाड़ा और जनपद सदस्यों ने बताया कि उनके इलाके में हालात बहुत खराब हैं। रात 8 बजे से लेकर सुबह तक हर दो घंटे में बिजली काट दी जाती है जिसकी वजह से खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई समय पर नहीं हो पा रही है। इसके अलावा खेतों के ऊपर झूलते 11 केवी के जर्जर तार आए दिन बड़े हादसों और पशुओं की मौत का कारण बन रहे हैं।
पिछले तीन महीनों से आंदोलन कर रहे अन्नदाता
गुस्साए किसानों ने बताया कि वे अपनी इस समस्या को लेकर पिछले तीन महीनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। सीहोर और भोपाल में लगभग 25 से ज्यादा गांवों के करीब 500 किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर चुके हैं। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरने जैसे गांधीवादी तरीके भी अपनाए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है
सीजेपी नेताओं से बॉन्ड भरवाने का मतलब क्या है, ये प्रदर्शन कर पाएंगे?
अभिजीत दीपके अपना पैतृक गाँव लौट गए हैं. सीजेपी के बाक़ी नेता फिर से विरोध प्रदर्शन के लिए पुलिस से इजाज़त मांगने जा रहे हैं.
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