सेंसेक्स में 200 अंक की गिरावट:72,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक नीचे; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली
शेयर बाजार में आज यानी 12 अक्टूबर को गिरावट है। सेंसेक्स करीब 200 अंक की गिरावट के साथ 72,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 50 अंक गिरावट है, ये 22,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT, बैंकिंग और FMCG शेयर्स में आज ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में 9 अक्टूबर को बढ़त रही विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 7 दिनों में 26 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। पिछले हफ्ते बाजार में रही थी बढ़त इससे पहले पिछले हफ्ते के आखिरी यानी 9 अक्टूबर को सेंसेक्स 879 अंक या 1.23% की तेजी के साथ 72,472 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 289 अंक की तेजी रही, ये 22,520 के स्तर पर बंद हुआ था।
उज्जैन में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुर्वेद छात्रों ने की तालाबंदी, पिछले 7 दिन से जारी है प्रदर्शन
उज्जैन के आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के आयुर्वेदिक छात्र स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले 7 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों का प्रदर्शन अब तेज होता दिखाई दे रहा है। अब सोमवार की सुबह इन्होंने महाविद्यालय और चिकित्सालय के गेट पर तालाबंदी कर दी है।
यह विद्यार्थी पिछले 7 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। इनका कहना है कि बार-बार अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने के बावजूद भी उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। यही वजह है कि अब तालाबंदी कर विरोध जताया जा रहा है। इस तरह से मुख्य गेट पर ताला लगाने के बाद अस्पताल आने वाले डॉक्टर स्टाफ और मरीजों को परेशानी हो रही है।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे हैं विद्यार्थियों का कहना है कि बीएएमएस इंटर्न को फिलहाल स्टाइपेंड 9383 रुपए दिया जा रहा है। इसे बढ़ाकर एमबीबीएस विद्यार्थियों की तरह 21 हजार 500 रुपए प्रतिमाह किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों का कहना है कि अन्य राज्यों में इंटर्न को इससे अधिक स्टाइपेंड दिया जाता है। मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इसे नहीं बढ़ाया जा रहा।
विद्यार्थियों का कहना है कि बीएएमएस और एमबीबीएस इंटर्न एक ही तरह की ड्यूटी करते हैं। इसके बावजूद भी दोनों के स्टाइपेंड में बड़ा अंतर है। समान कार्य के लिए समान मानदेय मिलना चाहिए। विद्यार्थियों का कहना है कि स्टाइपेंड तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए।
लंबे समय से चल रहा प्रदर्शन
अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए छात्र-छात्राएं पिछले 7 दिनों से अलग-अलग तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ-साथ उन्होंने रक्तदान और सद्बुद्धि यज्ञ जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए। इसके बावजूद उनकी मांग पर किसी तरह का निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इसी से नाराज होकर सोमवार को कॉलेज और अस्पताल के गेट पर तालाबंदी कर दी गई है।
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