पूर्व क्रिकेटर ने अगरकर की चयन समिति पर सवाल उठाए:वसीफ जाफर ने कहा- कमेटी के खराब व्यवहार से नाराज से थे विराट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने समय से पहले विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के लिए अजीत अगरकर की सिलेक्शन कमेटी को जिम्मेदार ठहराया है। जाफर ने कहा कि कोहली चयन पैनल के व्यवहार से नाराज थे। उन्होंने यह भी कहा कि कोहली इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे और अधिक टेस्ट खेल सकते थे। भारत के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा ने पिछले साल एक हफ्ते के भीतर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद भारतीय टीम को इंग्लैंड के पांच टेस्ट की सीरीज के लिए जाना था। अगरकर की चयन समिति पर सवाल कोहली के इस फॉर्मेट से अचानक संन्यास के बाद तत्कालीन BCCI चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर पर सवाल उठे थे। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अगरकर ने कोहली के फैसले में भूमिका निभाई हो सकती है। अब वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कोहली के टेस्ट संन्यास को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोहली ने नाराजगी में संन्यास लिया हो सकता है। जाफर ने अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति पर कोहली के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया। जाफर ने कहा, “ऐसा लगा कि विराट के साथ जिस तरह व्यवहार किया गया, उससे वह थोड़े नाराज थे। विराट जैसा खिलाड़ी दर्शकों को मैदान तक लाता है।” उन्होंने कहा, “उनके बहुत ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह निश्चित तौर पर और टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे। जब तक हम विराट के मुंह से नहीं सुनेंगे, तब तक पता नहीं चलेगा। वह इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे।” कोहली कई रिकॉर्ड के करीब थे कोहली 125 टेस्ट मैच पूरे करने से सिर्फ दो मैच दूर थे। ऐसा करने पर वह टेस्ट मैचों की संख्या के मामले में महान सुनील गावस्कर की बराबरी कर लेते। कोहली टेस्ट में 10 हजार रन पूरे करने से भी केवल 770 रन दूर थे। यह उपलब्धि हासिल करने पर वह गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के बाद ऐसा करने वाले चौथे भारतीय बन जाते। कोहली के पांच और शतक उन्हें 35 टेस्ट शतक पूरे करने वाला दुनिया का आठवां बल्लेबाज बना देते। आखिरी टेस्ट सीरीज में प्रदर्शन कोहली ने 2025 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के लिए अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज खेली थी। उन्होंने उस सीरीज के पांच टेस्ट मैचों में 23.75 की औसत से सिर्फ 190 रन बनाए थे।
माया ने तोड़ा सानिया का 22 साल का पुराना रिकॉर्ड:17 साल की उम्र में बनी भारत की सबसे युवा महिला प्रो टेनिस चैंपियन
भारत की 17 साल की टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। माया ने रविवार को पुर्तगाल के लागोस में ITF W35 टूर्नामेंट का सिंगल्स खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। वह 17 साल 3 महीने की उम्र में इस स्तर का खिताब जीतने वाली सबसे युवा भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सानिया के नाम था, जिन्होंने 2004 में 17 साल 10 महीने की उम्र में खिताब जीता था। माया ने फाइनल में स्पेन की 28 साल की सीलिया सरविनो रुइज को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। उन्होंने यूक्रेन की येलिजवेता कोट्लियार के साथ डबल्स खिताब भी अपने नाम किया। माया ने क्वालीफाइंग राउंड से शुरुआत की थी और पूरे सिंगल्स टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया। सानिया और माया ने लागोस में ही जीते खिताब माया और सानिया की उपलब्धि में एक खास समानता भी है। दोनों ने 17 साल की उम्र में लागोस में खिताब जीते। हालांकि, सानिया ने 10 अक्टूबर 2004 को नाइजीरिया के लागोस में खिताब जीता था, जबकि माया ने 11 अक्टूबर 2026 को पुर्तगाल के लागोस में जीत हासिल की। सानिया उस समय 17 साल 10 महीने की थीं, जबकि माया ने 17 साल 3 महीने की उम्र में खिताब जीतकर उनका रिकॉर्ड तोड़ा। यानी माया ने सानिया से करीब 7 महीने कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। पहले राउंड में 0-5 से पिछड़ने के बाद टॉप सीड को हराया दुनिया की 1038वें नंबर की खिलाड़ी माया ने मुख्य ड्रॉ के पहले राउंड में टॉप सीड और वर्ल्ड नंबर-246 जुस्तिना मिकुलस्काइट को 7-6(1), 6-1 से हराया। पहले सेट में वह 0-5 से पिछड़ गई थीं, लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए सेट टाईब्रेकर में जीत लिया। दूसरे राउंड में माया ने अर्जेंटीना की बर्टा बोनार्डी को 6-2, 6-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में आठवीं सीड तियान जियालिन को 6-2, 6-1 से मात दी। सेमीफाइनल में ब्रिटेन की ब्रिट डु प्री के खिलाफ वॉकओवर मिलने के बाद वह फाइनल में पहुंचीं। दबाव कम करने के लिए मन में गाना गुनगुनाया फाइनल में पहला सेट जीतने के बाद माया को अपना पहला प्रोफेशनल खिताब जीतने का दबाव महसूस होने लगा। इसी दौरान उन्हें सुबह सुने एक गाने की धुन याद आई और उन्होंने मन ही मन गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया। माया ने कहा, “मुझे लगा कि मैं बहुत ज्यादा दबाव ले रही हूं। तनाव कम करने के लिए मैंने मन में गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया। इससे मुझे काफी मदद मिली। मैच पॉइंट आने पर भी मैंने उसे खास पॉइंट की तरह नहीं लिया। मेरे लिए वह एक सामान्य पॉइंट था।” उन्होंने कहा, “पहला खिताब हमेशा खास होता है। इस हफ्ते की कई अच्छी यादें मेरे साथ रहेंगी। इस जीत से मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं बड़े स्तर पर मुकाबला कर सकती हूं।” डबल्स फाइनल में पहला सेट हारने के बाद जीतीं माया ने यूक्रेन की येलिजवेता कोट्लियार के साथ डबल्स खिताब भी जीता। फाइनल में उनकी जोड़ी ने मिन लियू और कार्लोटा मोचिया को 0-6, 6-2, 10-7 से हराया। पहला सेट 0-6 से गंवाने के बाद माया और कोट्लियार ने दूसरे सेट में वापसी की। इसके बाद निर्णायक सुपर टाईब्रेकर 10-7 से जीतकर खिताब अपने नाम किया। 15 साल की उम्र में मुंबई ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं कोयंबटूर की माया ने 2025 में 15 साल की उम्र में मुंबई ओपन WTA 125 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड से शुरुआत की थी। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार WTA रैंकिंग मिली और वह सीधे दुनिया की 642वें नंबर की खिलाड़ी बन गईं। माया ने शुरुआती करियर में स्पेन की राफेल नडाल एकेडमी में ट्रेनिंग ली। अब वह फ्रांस के कान्स स्थित एलीट टेनिस सेंटर में अभ्यास करती हैं। जूनियर सर्किट में भी माया ने इस साल फ्रांस के बियोलियू-सुर-मेर और जर्मनी के बामबर्ग में J300 खिताब जीते हैं। पिछले साल उन्होंने नई दिल्ली में J300 टूर्नामेंट जीता था। पिछले महीने वह जापान के ओसाका में J500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। ------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान का टी-20 इंटरनेशनल में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर:श्रीलंका को 82 रन से हराया: माज सदाकत शतक से चूके; सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त पाकिस्तान ने दूसरे टी-20 इंटरनेशनल में श्रीलंका को 82 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। रविवार को टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 215 रन बनाए। यह टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। टीम का सर्वोच्च स्कोर 232/6 है, जो उसने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। पूरी खबर
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