अभिनेता Nana Patekar के निधन से देश में शोक की लहर! 'नाम फाउंडेशन' से लेकर पर्दे तक, नेताओं और दिग्गजों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और संवेदनशील समाजसेवी नाना पाटेकर के अचानक निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर 75 वर्ष की आयु में "गंभीर कार्डियक अरेस्ट" (दिल का दौरा पड़ने) के कारण उनका निधन हो गया। डोना पाउला स्थित घर पर बेहोशी की हालत में पाए जाने के बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ सुबह करीब 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की टीम ने 45 मिनट तक लगातार CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। स्क्रीन पर अपनी बुलंद आवाज और बेमिसाल अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर के चले जाने पर राजनीति, सिनेमा और खेल जगत की हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
परिंदा, क्रांतिवीर, प्रहार, खामोशी, अग्निसाक्षी, नटसम्राट, वेलकम और अन्य कई फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से उन्होंने अमिट छाप छोड़ी। ऑन-स्क्रीन एक्टिंग के अलावा, किसानों, सूखे से प्रभावित लोगों और ग्रामीण समुदायों के लिए नाम फाउंडेशन के ज़रिए किए गए उनके सामाजिक कार्यों से उनकी संवेदनशील सोच का पता चलता है। इस महान कलाकार को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि, जिन्होंने अपनी कला से लाखों लोगों का दिल जीता और सामाजिक ज़िम्मेदारी भी निभाई।"
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर देश में शोक की लहर
उनके निधन पर शोक जताते हुए अभिनेता रितेश देशमुख ने कहा, "मैं स्तब्ध हूं, मेरे पास शब्द नहीं हैं। ऐसा लग रहा है जैसे किसी ट्रक ने मुझे टक्कर मार दी हो। नाना पाटेकर जी के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। वे एक बेहतरीन अभिनेता थे, जिनका कोई सानी नहीं था; उन्होंने अपने अनोखे अंदाज़ और अभिनय शैली से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई। ऐसा कोई रोल या किरदार नहीं था जिसे वे निभा न सकें। उन्होंने हर तरह के रोल बखूबी निभाए - चाहे वह एक बड़े-से-बड़े हीरो का रोल हो, खूंखार विलेन का हो या फिर उनका बेबाक कॉमेडी अंदाज़। वे असल ज़िंदगी में भी एक हीरो थे और लोगों की भलाई के लिए अपनी चैरिटी के ज़रिए लगातार काम करते रहे।
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मुझे 'ब्लफ़मास्टर' और 'हाउसफुल 5' में उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला, लेकिन किसी मराठी फ़िल्म में उनके साथ काम करने की मेरी इच्छा हमेशा अधूरी ही रह जाएगी।
उनके परिवार, चाहने वालों और लाखों शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। सचमुच, एक युग का अंत हो गया। आपकी समझदारी, मुझसे आपकी बातचीत, मेरी पीठ थपथपाना, साथ में हँसना और एक इंसान के तौर पर मुझे बेहतर बनाने के लिए आपका शुक्रिया। आपकी आत्मा को शांति मिले।"
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी - "दिग्गज अभिनेता श्री नाना पाटेकर जी के अचानक निधन की दुखद खबर सुनकर गहरा सदमा लगा और दिल टूट गया।
भारतीय सिनेमा ने अपनी सबसे दमदार, सच्ची और बेमिसाल आवाज़ों में से एक को खो दिया है। नाना जी ने सिर्फ़ रोल नहीं निभाए; उन्होंने हर किरदार में बेबाक और सच्ची सच्चाई फूँक दी। 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'प्रहार' की ज़बरदस्त ऊर्जा से लेकर 'अब तक छप्पन' की ज़बरदस्त तीव्रता तक, उनके काम ने एक ऐसा बेंचमार्क सेट किया, जिस तक पहुँचने की उम्मीद बहुत कम लोग ही कर सकते हैं।
सिल्वर स्क्रीन से परे, उनकी सादगी, गहरा विनम्र स्वभाव और सामाजिक कार्यों व ग्रामीण समुदायों के प्रति निस्वार्थ समर्पण उनकी आत्मा की महानता को दर्शाता था। ईश्वर नाना पाटेकर जी की आत्मा को शांति दे। आपकी आवाज़, आपका जोशीला अंदाज़ और आपकी शानदार विरासत हमेशा हमारे दिलों में बसी रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर के लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।"
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कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार - "कई भाषाओं में काम करने वाले एक्टर, पद्म श्री से सम्मानित और बेहतरीन कलाकार नाना पाटेकर के निधन की खबर से बहुत दुख हुआ है। अपनी अलग-अलग तरह की और शानदार एक्टिंग से उन्होंने भारतीय सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी थी; उन्होंने कन्नड़ फिल्म 'यक्ष' में भी काम किया था। उनका जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐसी कमी है जिसे पूरा नहीं किया जा सकता। उनकी आत्मा को शांति मिले। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनके परिवार, रिश्तेदारों और फैंस को इस दुख को सहने की हिम्मत मिले। ओम शांति।"
क्रिकेटर शिखर धवन - "आज भारतीय सिनेमा ने एक बहुत खास टैलेंट खो दिया है। नाना पाटेकर साहब, आपका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ओम शांति।"
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी - "भारतीय फिल्म जगत के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। मैं उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। नाना और मेरे बीच बहुत करीबी और दोस्ताना रिश्ते थे। अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर नाना पाटेकर ने पांच दशकों से भी ज़्यादा समय तक मराठी और हिंदी सिनेमा के ज़रिए समझदार दर्शकों के दिलों पर राज किया। डायलॉग बोलने के अपने खास अंदाज़ से उन्होंने फिल्मों में कई किरदारों को अमर बना दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनका जाना भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान है। 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिए महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण और वॉटरशेड मैनेजमेंट के क्षेत्र में उन्होंने जो काम किया, वह काबिले तारीफ और अहम है। आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की उन्होंने जो मदद की, वह कई परिवारों के लिए सहारा बनी। नाना न सिर्फ़ एक बेहतरीन कलाकार-एक्टर थे, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील इंसान भी थे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।"
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ - "जाने-माने एक्टर, बेहतरीन थिएटर आर्टिस्ट और संवेदनशील सोशल वर्कर, पद्म श्री नाना पाटेकर जी का निधन कला की दुनिया के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। अपनी शानदार एक्टिंग से उन्होंने भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और सामाजिक सरोकारों के ज़रिए समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई। भगवान श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।"
डॉक्टर ने क्या कहा?
पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, पाटेकर की मौत सुबह करीब 5:20 बजे हुई। 45 मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देने के बावजूद, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉ. सालकर ने बताया कि एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।
Nana Patekar Death | अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, देर रात आया कार्डियक अरेस्ट, 45 मिनट CPR के बाद भी नहीं बची जान
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर "गंभीर कार्डियक अरेस्ट" (दिल का दौरा पड़ने) के कारण 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें डोना पाउला स्थित उनके घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, पाटेकर का निधन सुबह करीब 5:20 बजे हुआ। 45 मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देने के बावजूद, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉ. सालकर ने बताया कि एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है।
अपनी दमदार एक्टिंग और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी के लिए मशहूर नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई दशकों तक शानदार करियर बनाया। 'क्रांतिवीर', 'परिंदा', 'नटसम्राट', 'अब तक छप्पन' और 'वेलकम' जैसी फिल्मों में उनके बेहतरीन अभिनय ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में से एक के तौर पर स्थापित किया। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस को गहरा सदमा लगा है।
परिवार गोवा के लिए रवाना
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने उनके निधन की पुष्टि की और बताया कि परिवार गोवा के लिए रवाना हो गया है। नाना पाटेकर कुछ निजी काम के सिलसिले में गोवा में थे।
मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर दोपहर बाद पुणे लाया जाएगा।
उन्होंने 1978 की फ़िल्म 'गमन' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। 2000 के दशक की शुरुआत में, पाटेकर को 'शक्ति: द पावर' (2002), 'अब तक छप्पन' (2004), 'अपहरण' (2005) और 'टैक्सी नंबर 9211' (2006) में अपनी एक्टिंग के लिए तारीफ़ मिली। उन्हें कॉमेडी फ़िल्म 'वेलकम' (2007) और इसके सीक्वल 'वेलकम बैक' (2015) में गैंगस्टर 'उदय शेट्टी' का किरदार निभाने के लिए भी काफ़ी तारीफ़ मिली।
इस एक्टर ने कॉमेडी थ्रिलर 'हाउसफुल 5' में भी एक सपोर्टिंग रोल निभाया। वह पॉलिटिकल थ्रिलर 'राजनीति' (2010) का भी हिस्सा थे - जिसने उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड के लिए पाँचवीं बार नॉमिनेशन दिलाया।
2016 में, उन्हें मराठी फ़िल्म 'नटसम्राट' में अपनी एक्टिंग के लिए बेस्ट एक्टर का फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला। पाटेकर को पद्म श्री भी मिला था - यह सम्मान उन्हें 2013 में सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया था।
वे 'यशवंत' (1997), 'वजूद' (1998) और 'आंच' (2003) जैसी फ़िल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी जाने जाते थे।
नाना पाटेकर आखिरी बार चार दिन पहले गोवा के डोना पाउला में सार्वजनिक रूप से देखे गए थे, जहाँ वे 'सम्राट क्लब इंटरनेशनल' के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए और उन्होंने वहाँ लोगों को संबोधित भी किया।
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