T20 World Cup में बड़ा हादसा, दर्द से कराहते हुए मैदान से बाहर गए इटली के कप्तान मैडसन
T20 World Cup Wayne Madsen Injury: अपना पहला टी-20 वर्ल्ड कप खेलने उतरी इटली की टीम को उस वक्त करारा झटका लगा, जब स्कॉटलैंड की पारी के चौथे ओवर में ईडन गार्डंस में उनके कप्तान वेन मैडसन का कंधा उतर गया. बाद में उन्हें मैच में आगे खेलने से रोक दिया गया.
Blue Gold Spice: 'नीला सोना' कहलाता है यह मसाला, 5 बड़े फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान
Blue Gold Spice: अगर आप हल्दी को सिर्फ पीले रंग तक ही जानते हैं, तो अब चौंकने का वक्त है। आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में एक खास मसाला तेजी से चर्चा में है, जिसे नीली हल्दी या ब्लू टरमेरिक कहा जाता है। अपने दुर्लभ रंग, औषधीय गुणों और ऊंची कीमत के कारण इसे आज 'नीला सोना' भी कहा जाने लगा है।
नीली हल्दी न सिर्फ दिखने में अलग है, बल्कि इसके फायदे भी इसे आम हल्दी से कई कदम आगे खड़ा करते हैं। इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर दर्द और सूजन कम करने तक, इसके गुण जानकर आप भी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने के बारे में सोचने लगेंगे।
क्या है नीली हल्दी?
नीली हल्दी का वैज्ञानिक नाम Curcuma Caesia है। यह मुख्य रूप से भारत के कुछ हिस्सों जैसे मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में पाई जाती है। बाहर से यह सामान्य हल्दी जैसी दिखती है, लेकिन काटने पर इसका गूदा नीले या गहरे बैंगनी रंग का होता है। यही वजह है कि इसे ब्लू टरमेरिक कहा जाता है।
क्यों कहलाती है नीला सोना?
नीली हल्दी दुर्लभ होती है और इसकी खेती सीमित क्षेत्रों में ही संभव है। आयुर्वेदिक दवाओं, हर्बल प्रोडक्ट्स और रिसर्च में इसकी मांग काफी ज्यादा है। कम उपलब्धता और ज्यादा फायदे होने के कारण इसकी कीमत आम हल्दी से कई गुना अधिक होती है, इसलिए इसे 'नीला सोना' कहा जाता है।
नीली हल्दी के 5 बड़े फायदे
सूजन और दर्द में असरदार: नीली हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया और मांसपेशियों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
इम्यूनिटी को मजबूत बनाए: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और संक्रमण से लड़ने में सहायक होते हैं।
स्किन के लिए फायदेमंद: नीली हल्दी का इस्तेमाल त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे दाग-धब्बे, एलर्जी और मुंहासों में लाभकारी माना जाता है।
पाचन तंत्र सुधारे: आयुर्वेद में इसे पाचन शक्ति बढ़ाने वाला माना गया है। यह गैस, अपच और पेट की अन्य समस्याओं में राहत दे सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य में सहायक: कुछ शोधों के अनुसार, नीली हल्दी तनाव कम करने और मानसिक शांति बनाए रखने में भी मदद कर सकती है।
कैसे करें नीली हल्दी का इस्तेमाल?
नीली हल्दी का इस्तेमाल पाउडर, काढ़ा या आयुर्वेदिक दवा के रूप में किया जाता है। हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से करना ही बेहतर माना जाता है।
सावधानी भी है जरूरी
नीली हल्दी बेहद प्रभावशाली होती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदेह हो सकता है। गर्भवती महिलाएं और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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(लेखक:कीर्ति)
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