जापान के संसदीय चुनाव में ताकाइची की ऐतिहासिक जीत, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने दी बधाई
सोल, 9 फरवरी (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सोमवार को जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को संसदीय चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। ली ने उम्मीद जताई कि उनकी लीडरशिप में जापान विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।
रविवार को हुए संसदीय चुनाव में ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को 465 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में दो-तिहाई बहुमत मिला। योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई संदेश पोस्ट किया।
ली ने लिखा, मैं आपको चुनाव में जीत के लिए दिल से बधाई देता हूं। मुझे उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में जापान और तरक्की करेगा।
ली ने कहा कि सोल और टोक्यो ने जनवरी में जापान के नारा में हुई शिखर वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के अगले 60 साल को आकार देने की दिशा में पहला कदम उठाया था और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर बल दिया था।
ली ने कहा, मुझे उम्मीद है कि दोनों देश विश्वास और दोस्ती के आधार पर संबंधों को व्यापक और गहरा करेंगे, और कहा कि वह निकट भविष्य में शटल डिप्लोमेसी के अगले दौर के माध्यम से ताकाइची का दक्षिण कोरिया में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
जापानी प्रधानमंत्री के पद संभालने के कुछ ही दिनों बाद, दोनों नेताओं ने पिछले अक्टूबर में ग्योंगजू में एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन फोरम के मौके पर शिखर वार्ता की थी।
बाद में उन्होंने पिछले महीने नारा, जो ताकाइची का गृहनगर है, में शटल डिप्लोमेसी के नाम से जाने जाने वाले नेता-स्तरीय एक्सचेंज प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर दूसरा शिखर सम्मेलन किया था।
नारा में हुई बातचीत के दौरान, ली और ताकाइची ने सप्लाई चेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की थी। ली ने अपने गृहनगर एंडोंग में अगला शिखर सम्मेलन आयोजित करने का विचार भी रखा था।
ली ने जापान के साथ कूटनीति के लिए दो-तरफा दृष्टिकोण अपनाने का वादा किया है, जिसमें भविष्य-उन्मुख सहयोग का विस्तार किया जाएगा, साथ ही जापान के 1910-45 के कोरिया पर औपनिवेशिक शासन से उत्पन्न अनसुलझे युद्धकालीन मुद्दों को भी संबोधित किया जाएगा।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नेपाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में 5 मार्च 2026 को चुनाव होने जा रहा है। आगामी चुनाव को लेकर तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 63 अलग-अलग राजनीतिक दलों के कुल 3,135 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनके पास 57 इलेक्शन सिंबल हैं।
चुनाव आयोग की ओर से जारी लिस्ट में 1,772 महिला और 1,363 पुरुष उम्मीदवार शामिल हैं। नेपाल के संविधान में अनुच्छेद 84 और 86 के मुताबिक महिलाओं के लिए कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण जरूरी है। 2023 से 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक सदन में कुल 275 में से 91 महिलाएं थीं। मुख्य पार्टियों में नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल शामिल हैं, जिनमें महिलाओं का काफी बड़ा प्रतिनिधित्व है। 2019 की रिपोर्ट के अनुसार 14,352 महिलाएं लोकल सरकारी पदों के लिए चुनी गईं।
चुनाव को देखते हुए सुरक्षा को लेकर तैयारी पुख्ता की जा रही है। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके साथ ही सुरक्षित वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए नेपाल-भारत के सुरक्षा अधिकारियों ने 72 घंटे के लिए सीमा चौकियों को बंद रखने का फैसला किया है।
शुक्रवार को मोरंग जिले के बीरतनगर में नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और भारत के सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के बीच आयोजित 16वीं उप महानिरीक्षक (डीआईजी) स्तरीय समन्वय बैठक हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने चुनावों में बाधा उत्पन्न कर सकने वाले अवांछित तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा नियंत्रण को कड़ा करने पर सहमति व्यक्त की।
एपीएफ के प्रवक्ता डीआईजी बिष्णु प्रसाद भट्ट ने आईएएनएस को बताया कि हमने भारतीय पक्ष से चुनाव से दो दिन पहले सीमा चौकियों को बंद करने का अनुरोध किया था और वे हमारे प्रस्ताव पर सहमत हो गए। समझौते के अनुसार, चुनाव दिवस सहित तीन दिनों (72 घंटे) के लिए सीमा चौकियां बंद रहेंगी।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले सीमा चौकियों को बंद करना दोनों देशों में एक प्रथा है। भट्ट ने आगे कहा कि चूंकि चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती होती है, इसलिए सीमा पार अवांछित समूहों की आवाजाही को रोकना आवश्यक है।
एपीएफ के अनुसार, दोनों पक्षों ने सीमा सुरक्षा, सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण, तीसरे देशों के नागरिकों के अवैध प्रवेश की रोकथाम, मानव तस्करी, नकली मुद्रा, हथियार और गोला-बारूद, साथ ही नशीले पदार्थों की तस्करी और व्यापार पर भी चर्चा की।
--आईएएनएस
केके/एएस
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