गुजरात सरकार के संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, एशियाई शेरों का दूसरा घर बन रहा बरड़ा वन क्षेत्र
गुजरात में एशियाई शेरों के संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सौराष्ट्र स्थित बरड़ा वन्यजीव अभयारण्य अब गिर के बाद शेरों के दूसरे महत्वपूर्ण आवास के रूप में उभर रहा है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में बरड़ा के जंगलों को शेरों की दीर्घकालिक आबादी के लिए अनुकूल बताया गया है। यह उपलब्धि गुजरात सरकार के वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन प्रयासों को मजबूती देती है।
करीब 192.31 वर्ग किलोमीटर में फैला बरड़ा अभयारण्य पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों में स्थित है। यहां शेरों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास, शिकार की उपलब्धता और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है। ‘Beyond Gir: Barda Wildlife Sanctuary as a Potential Stronghold for Asiatic Lions’ शीर्षक वाला अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल PLOS One में प्रकाशित हुआ है।
144 वर्षों बाद बरड़ा क्षेत्र में शेरों की वापसी हुई
Fry Pan
जबकि एक नर शेर प्राकृतिक रूप से यहां आया था। इस क्षेत्र में शेरों की मौजूदगी राज्य में उनके आवास विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
शेरों के संरक्षण के लिए काम कर रही गुजरात सरकार
गुजरात सरकार शेरों के संरक्षण के लिए निगरानी, आवास सुधार और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने जैसे उपायों पर काम कर रही है। बरड़ा में शेरों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ आवास विकसित करना इसी व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा है।
वन्यजीव विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा महत्वपूर्ण
यह पहल जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ गुजरात की वन्यजीव विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। बरड़ा का विकास एशियाई शेरों की आबादी को एक ही क्षेत्र पर निर्भर रहने से बचाने और उनके दीर्घकालिक अस्तित्व को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
मेरी ईमानदारी का कोई तोड़ नहीं मिला तो विरोधी मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं : CM मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में पहली बार ऐसी सरकार आई है, जो दिन-रात लोगों के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल के कामों से उनकी सरकार ने लोगों का विश्वास जीता है. किसानों को दिन में बिजली और नहरी पानी उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार को हर महीने 15 हजार रुपये की बचत होने तथा धान की खरीद के तुरंत बाद भुगतान का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी सरकार का रिकॉर्ड अपने आप बोलता है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी छवि खराब करने और उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाने की कोशिशें नाकाम रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यालय पर छापेमारी के बाद सीबीआई को खाली हाथ लौटना पड़ा था. उन्होंने दोहराया कि उनके घर के दरवाजे पंजाब के लोगों के लिए हमेशा खुले रहेंगे.
88 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी
‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज मैंने धूरी विधानसभा क्षेत्र के क्रांतिकारी गांव मीमसा में आयोजित जनसभा में अपने लोगों के साथ अपने विचार और दिल की बातें साझा कीं. पिछली सरकारों के खोखले दावों के विपरीत हमने जमीनी स्तर पर बड़े काम किए हैं. किसानों को दिन में बिजली, सिंचाई के लिए 88 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी, 70,685 सरकारी नौकरियां, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं और शून्य बिजली बिलों से प्रत्येक परिवार को सालाना 1.82 लाख रुपये का लाभ मिल रहा है. ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के माध्यम से माताओं-बहनों को दी जा रही मासिक वित्तीय सहायता उनके उचित मान-सम्मान का प्रतीक है.”
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों ने वादे करने वाली सरकारों और परिणाम देने वाली सरकार के बीच अंतर देखा है. हमने बीते साढ़े चार साल के अपने कामों से उनका विश्वास जीता है. सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता का है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से लोगों का पैसा उन्हीं तक वापस पहुंचे.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता का है और हम इसे लोगों के कल्याण पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं. जनता का पैसा राज्य के विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों तक वापस पहुंच रहा है. 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. पंजाब के इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ.”
70 लाख रुपये की बचत हो रही
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार लोगों के लिए काम कर रही है. हमने बिना भ्रष्टाचार के 70 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों में सुधार किया है, स्कूलों और अस्पतालों को मजबूत बनाया है तथा टोल प्लाजा बंद किए हैं, इससे यात्रियों को प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है. पहले यह पैसा अनावश्यक रूप से खर्च होता था. हम गांवों का विकास भी कर रहे हैं और खेल स्टेडियम बना रहे हैं, ताकि हमारे युवा खेलों पर ध्यान केंद्रित करके अपना भविष्य बेहतर बना सकें.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक परिवार की पहुंच में होनी चाहिए. ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के माध्यम से हम प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध करवा रहे हैं. इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकें.”
महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही
‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि 18 वर्ष और इससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को 1 जुलाई से हर माह 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है. सीएम ने कहा, “यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है. पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं.” उन्होंने आगे बताया कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार महिलाओं को मान-सम्मान और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता मिल रही है. 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद के साथ यह योजना पूरे पंजाब के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है.”
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