संगठन की मजबूती के दम पर तय हो सीटों का बंटवारा: Anupriya Patel
अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी पूरे प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए काम कर रही है। यहां मधुबन विधानसभा क्षेत्र के गोफा गांव में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हर राजनीतिक दल अपने संगठन का विस्तार करना चाहता है और अपना दल (एस) भी पूरे उत्तर प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करें।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी घटक दल की प्रमुख पटेल ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट-बंटवारे के मुद्दे पर पत्रकारों से कहा कि किस गठबंधन सहयोगी को किस सीट से चुनाव लड़ना चाहिए, इसका फैसला उस निर्वाचन क्षेत्र में संबंधित दलों की संगठनात्मक ताकत और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के आधार पर होना चाहिए। अयोध्या से चुनाव लड़ने के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री की चुनौती पर यादव की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि वह इसका सामना करने से हिचकिचा रहे हैं। हाल ही अयोध्या गए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी।
योगी आदित्यनाथ ने इसे स्वीकार करते हुए यादव को ख़ुद आकर सामने-सामने चुनाव लड़ने का न्यौता दिया।
Siliguri में हिंदू दुकानों से Biryani और पूजा सामग्री खरीदने की अपील वाले पोस्टरों पर विवाद
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर में हिंदू जागरण मंच द्वारा लोगों से हिंदुओं की दुकानों से बिरयानी और पूजा सामग्री खरीदने की अपील को लेकर चलाये गये पोस्टर अभियान से विवाद खड़ा हो गया है। दुर्गा पूजा उत्सव से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन हिंदू जागरण मंच ने शहरभर में ये पोस्टर लगाए थे। संगठन ने स्पष्ट किया कि ‘‘हिंदू दुकान से बिरयानी खाएं” और ‘‘हिंदू दुकानों से पूजा सामग्री खरीदें’’ जैसे संदेश कोई फरमान नहीं हैं।
इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हिंदू जागरण मंच के सदस्य अभिषेक दास ने कहा, ‘‘यह कोई फरमान नहीं, बल्कि एक अपील है। यदि लोग हिंदुओं द्वारा संचालित कारोबारों का समर्थन करते हैं, तो इसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।’’ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की। भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश में इस तरह के पोस्टर लगाना अपराध है।
प्रशासन को न केवल इन पोस्टरों को हटाना चाहिए, बल्कि इस सांप्रदायिक अभियान में शामिल लोगों को गिरफ्तार भी करना चाहिए।’’ भाजपा के एक नेता ने कहा कि हिंदू जागरण मंच एक स्वतंत्र संगठन है और इस अभियान में सत्तारूढ़ पार्टी की कोई भूमिका नहीं है। इन पोस्टरों की कुछ स्थानीय निवासियों ने आलोचना की। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में लोग परंपरागत रूप से बिरयानी खाते आए हैं और इसे बनाने वाले व्यक्ति की धार्मिक पहचान के बारे में पूछताछ नहीं करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गा पूजा की सामग्री बनाने वाले कई कारीगर मुस्लिम हैं। उन्होंने इस अपील को पश्चिम बंगाल की सामाजिक परंपराओं के विपरीत बताया। वामपंथी दलों ने भी इस अभियान की आलोचना करते हुए कहा कि संविधान सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकारों की गारंटी देता है और किसी व्यक्ति की आजीविका उसके धर्म के आधार पर तय नहीं होनी चाहिए।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








