शारदीय Navratri के पहले दिन Vindhyachal Dham में उमड़े तीन लाख भक्त
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, वाराणसी, मथुरा और सहारनपुर समेत राज्य के कई जिलों के मंदिरों में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। मिर्जापुर जिले में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे मंगला आरती के बाद से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
पंडा समाज के सदस्य हर्ष शुक्ला के मुताबिक, पूर्वाह्न 10 बजे तक करीब तीन लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर चुके थे और मंदिर के चारों प्रवेश द्वारों पर लंबी कतारें लगी रहीं। मां के जयकारों से पूरा धाम भक्तिमय हो गया। जौनपुर से आए अंकित वर्मा ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से कतार में लगे हैं, लेकिन भक्तिमय माहौल के कारण उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही है।
प्रयागराज से आए विनय कुमार ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से लगातार दोनों नवरात्र के पहले दिन मां के दर्शन करने आते हैं। उन्होंने कहा कि यहां मिलने वाली आध्यात्मिक अनुभूतियों को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। बिहार के सासाराम से आए दीनानाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विंध्याचल में सुविधाएं बढ़ी हैं और अब दर्शन करने में कम समय लगता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान पुलिस की व्यवस्था से धक्का-मुक्की भी कम होती है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गोपाल लाल गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पेयजल और धूप से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई है। सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है और सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं।
वाराणसी में नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में आने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। नवरात्र का पहला दिन पारंपरिक रूप से देवी शैलपुत्री की पूजा के लिए समर्पित होता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया, “मंदिरों के प्रवेश और निकास द्वारों सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया, भक्तों की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अवरोधक लगाए गए तथा कतार प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।” लखनऊ में नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने कालीबाड़ी, भुइयां देवी मंदिर और शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए।
मथुरा के ऐतिहासिक काली मंदिर में नवरात्र के पहले, आठवें और नौवें दिन आधी रात को विशेष आरती की जाती है। मां काली मंदिर के सेवायत महेश चतुर्वेदी ने कहा, “वैदिक शास्त्रों के अनुसार, नवरात्र का समय बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि ऐसा विश्वास है कि आने वाला समय सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है।” मां काली मंदिर के मीडिया प्रभारी रमन टंडन ने बताया कि मान्यता है कि इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि मंदिर में सुबह से दोपहर तक अनुष्ठान किए गए और नौ दिनों तक चलने वाले इस शुभ त्योहार के लिए मंदिर को सजाया गया।
मथुरा के अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई। सहारनपुर जिले के मां शाकंभरी देवी मंदिर में भी भक्त पहुंच चुके हैं। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मयंक पाठक ने शाकंभरी देवी आने वाले भक्तों और तीर्थयात्रियों से सावधानी बरतने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण शाकंभरी देवी क्षेत्र में नदी के तल में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा है। पाठक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “भक्तों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए लोगों से फिलहाल शाकंभरी देवी मेला क्षेत्र में जाने से बचने का अनुरोध किया गया है।” उन्होंने बताया, “जो भक्त अभी मेला क्षेत्र में हैं, उन्हें नदी के तल और पानी के बहाव वाले रास्तों से दूर रहना चाहिए तथा वहां तैनात पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।” पाठक ने भक्तों को सलाह दी कि वे केवल पुलिस और प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।
PM Modi ने Chennai में 13000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की दी सौगात, CM Vijay संग किया मेट्रो सफर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिल और संस्कृति की प्रशंसा की, तिरुक्कुरल का उल्लेख किया और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मिलकर तमिलनाडु की प्रगति को गति देने का संकल्प लिया। वहीं, विजय ने लोगों के फायदे के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया। अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद, प्रधानमंत्री का तमिलनाडु का यह पहला दौरा था।
इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजय के बीच का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। मोदी ने दो बार यह सुनिश्चित किया कि दोनों नेता संयुक्त रूप से परियोजनाओं का उद्घाटन करें। विजय ने यहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री की अगवानी की और दिल्ली लौटते समय उन्हें विदा भी किया।
राज्य के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान, मोदी ने लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के साथ मेट्रो ट्रेन में सफर भी किया। कार्यक्रम में अपने आधिकारिक संबोधन में, मुख्यमंत्री विजय ने मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य तमिल को बनाने के लिए कदम उठाने और समग्र शिक्षा अभियान योजना के तहत 5,110 करोड़ रुपये की बकाया केंद्रीय धनराशि को बिना किसी शर्त के जारी करने का अनुरोध किया।
दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक एवं प्रमुख विजय ने कहा, ‘‘जब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करती है, तो उसका फायदा सीधे लोगों के जीवन में दिखना चाहिए, और यही हमारा उद्देश्य है।’’ मुख्यमंत्री का केंद्र के साथ सहयोग करने की अपनी सरकार की नीति को रेखांकित करना, पिछली द्रमुक सरकार के केंद्र और राजभवन के साथ नीट समेत कई मुद्दों पर रहे तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में हुआ है। विजय ने चेन्नई मेट्रो परियोजना के तीसरे चरण (जो लगभग 65 किलोमीटर तक होगा) के लिए जल्द मंज़ूरी देने का अनुरोध किया, ताकि कनेक्टिविटी और बेहतर हो सके। साथ ही, उन्होंने कोयंबटूर और मदुरै में मेट्रो रेल के प्रस्ताव और तमिलनाडु के होसुर से कर्नाटक में बेंगलुरु के पास बोम्मासंद्रा तक एक अंतर-राज्यीय मेट्रो रेल लाइन के प्रस्ताव पर फिर से विचार करने की भी मांग की।
उन्होंने चेन्नई से कन्याकुमारी और चेन्नई से कोयंबटूर तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का भी आग्रह किया। नयी मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाते और परियोजनाओं का उद्घाटन करते समय प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि विजय उनके साथ ही मौजूद रहें। हालांकि, सरकारी कार्यक्रमों के दौरान उनकी बातचीत कम ही हुई, लेकिन जब वह मुख्यमंत्री मोदी के साथ मंदिर गए, तो उनके बीच अच्छा तालमेल साफ दिखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले, लोगों के आशीर्वाद से मैंने शासन प्रमुख के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे किए - यह एक अहम पड़ाव है। अक्टूबर 2001 में मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। तब से, लोगों ने मुझे उनकी सेवा करने का मौका दिया - पहले मुख्यमंत्री के तौर पर और बाद में प्रधानमंत्री के तौर पर।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान हमारे लोकतंत्र की दो बड़ी ताकतों पर मेरा विश्वास और भी मजबूत हुआ है।
पहली, देश की जनता और दूसरी, सहकारी संघवाद।’’ तमिलनाडु का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब वह (गुजरात के) मुख्यमंत्री थे, उस समय (तमिलनाडु का नेतृत्व कर रहे) एम. करुणानिधि और जे. जयललिता से उन्होंने मुलाकात की थी। और, प्रधानमंत्री बनने के बाद, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्रियों - ओ. पनीरसेल्वम, एडप्पादी के. पलानीस्वामी और एम. के. स्टालिन के साथ काम करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन तमिलनाडु के विकास और राज्य के लोगों की सेवा करने का मेरा संकल्प दृढ़ है।
लोगों की सेवा करने के इसी संकल्प के साथ, मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर हम राज्य के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।’’ टीवीके के संस्थापक विजय ने तमिलनाडु में अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव जीतकर पार्टी की पहली सरकार बनाई। बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए युवाओं के सशक्तीकरण, राष्ट्रीय एकता और तमिल विरासत के शाश्वत ज्ञान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय नए और अभिनव समाधान तलाशने में जुटा है।
मोदी ने छात्रों से कहा कि उनमें इन समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता है। मोदी ने तमिल और संस्कृति की सराहना की तथा प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ को जीवन जीने का एक महान मार्गदर्शक ग्रंथ बताया। मोदी ने उस अविस्मरणीय अवसर को याद किया, जब उन्हें इस महान कृति को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हाल में, मैंने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट किया था। तिरुक्कुरल उन लोगों के लिए एक अनूठा मार्गदर्शक है, जो जीवनभर सीखते रहना चाहते हैं। तिरुवल्लुवर अपने एक प्रसिद्ध कुरल के माध्यम से हमें सिखाते हैं कि केवल कुछ नया सीखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस सीख को अपने जीवन में व्यवहार में लाना भी आवश्यक है।
यह सभी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि साथ ही, वैश्विक स्तर पर भारतीय शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति भी मजबूत हो रही है। मोदी ने कहा, ‘‘मेरी यात्राओं ने मुझे देश की विविधता को और करीब से समझने के अवसर दिए हैं।
इन्हीं अनुभवों के माध्यम से तमिल और संस्कृति के प्रति मेरा प्रेम और बढ़ा है। इसलिए मैं आपको भारत को जानने और समझने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। आप जहां भी जाएं, तमिल संस्कृति को अपने साथ लेकर जाएं।
अपने मित्रों के साथ तमिल कविता, कहानियां और परंपराएं साझा करें।’’ प्रधानमंत्री ने आईआईटी-मद्रास परिसर और वहां के ‘ब्रेन रिसर्च सेंटर’ का दौरा किया और परिसर में स्थित एक मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनामल्ली-वडापलानी खंड का उद्घाटन किया, जिसे लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
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