नाना पाटेकर की आ गई ऑटोप्सी रिपोर्ट, इस वजह से हुई एक्टर की मौत, जानें पूरी रिपोर्ट
Nana Patekar autopsy Report: 8 अक्टूबर को 75 वर्षीय अभिनेता नाना पाटेकर का गोवा में निधन हो गया। अब उनकी ऑटोप्सी रिपोर्ट आ गई है।
बागेश्वर धाम से निकली पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की रथयात्रा पन्ना पहुंची, अजयगढ़ में JCB से बरसाए गए फूल, काफिले में 200 से ज्यादा वाहन
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 3.0 बागेश्वर धाम से रवाना होकर पन्ना जिले के अजयगढ़ पहुंच गई है। दरअसल रास्ते में श्रद्धालुओं ने बुलडोजर और JCB पर खड़े होकर रथ पर फूल बरसाए। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि चाहे कितने भी विरोधी आ जाएं, प्राण चले जाएं लेकिन धर्म नहीं छोड़ना है। यात्रा में 200 से ज्यादा वाहन शामिल हैं। इस दौरान संत राजूदास महाराज ने पंडोखर सरकार से यात्रा का विरोध नहीं करने की अपील की और दामोदर यादव को लेकर विवादित टिप्पणी भी की।
दरअसल बागेश्वर धाम से शुरू हुई इस यात्रा में सबसे आगे बालाजी का वाहन चल रहा है। उसके पीछे धीरेंद्र शास्त्री का रथ और फिर श्रद्धालुओं के वाहन आगे बढ़ रहे हैं। रास्ते में अलग-अलग जगह यात्रा का स्वागत किया गया। श्रद्धालु JCB और बुलडोजर पर खड़े होकर फूल बरसाते नजर आए। यात्रा में कार, बस और ऑटो समेत 200 से ज्यादा वाहन शामिल हैं। बाइक सवार भी काफिले के साथ चल रहे हैं। पूरा काफिला करीब एक किलोमीटर लंबा बताया जा रहा है।
धीरेंद्र शास्त्री बोले – ‘देश की बदनामी नहीं होनी चाहिए’
वहीं रथयात्रा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा सनातन हिंदू एकता के संकल्प और लोगों में जागरूकता लाने के लिए निकाली जा रही है। उनका कहना है कि सभी सनातनी एक हों और समाज में एकता का भाव बढ़े यही यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि चाहे कितने भी विरोधी सामने आएं, प्राण चले जाएं तो भी धर्म नहीं छोड़ना है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश में शांति बनाए रखने और अराजकता से बचने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन किसी भी कीमत पर देश की बदनामी नहीं होनी चाहिए। यात्रा की शुरुआत से पहले बागेश्वर धाम में विशेष पूजा-अर्चना की गई। बालाजी महाराज के दर्शन के बाद ध्वजारोहण हुआ। इसके बाद राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के पाठ के साथ रथयात्रा आगे बढ़ी। यात्रा में शामिल होने के लिए नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे थे लेकिन उन्हें वाहन नहीं मिल पाया। इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने उनसे वहीं बैठकर कीर्तन-भजन करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि शाम तक उनके लिए एक बस भेजी जाएगी।
राजूदास महाराज की टिप्पणी
दरअसल रथयात्रा में शामिल संत राजूदास महाराज ने पंडोखर सरकार से यात्रा का विरोध नहीं करने की अपील की। उन्होंने दामोदर यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा, “दामोदर यादव नहीं, दामोदरुद्दीन हैं।” उन्होंने उनके डीएनए को लेकर भी विवादित बयान दिया। राजूदास महाराज की यह टिप्पणी यात्रा के दौरान चर्चा का विषय बनी। वहीं कथावाचक देवी चित्रलेखा ने यात्रा को संतों के आशीर्वाद से शुरू हुआ एक संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि लोग इस संकल्प में अपनी भागीदारी देने के लिए यहां पहुंचे हैं। यात्रा में कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, जगद्गुरु चिन्ना जियर स्वामी, राजूदास महाराज, मलूक पीठ के गंगादास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज समेत कई संत शामिल हो रहे हैं। रथयात्रा का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच काफिला आगे बढ़ रहा है और अब यात्रा पन्ना जिले के अजयगढ़ पहुंच चुकी है। यहां भी बड़ी संख्या में लोग यात्रा को देखने और स्वागत करने पहुंचे।
लग्जरी वैनिटी वैन को बनाया रथ
वहीं धीरेंद्र शास्त्री इस यात्रा में एक लग्जरी वैनिटी वैन से तैयार किए गए रथ में सवार हैं। इस रथ में हाइड्रोलिक लिफ्ट लगाई गई है जिसकी मदद से शास्त्री ऊपर आकर श्रद्धालुओं को संबोधित कर सकते हैं। वैन पर हनुमान, गदा और सनातन धर्म से जुड़े प्रतीकों की नक्काशी की गई है। दोनों तरफ CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। इसे यात्रा के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यात्रा में कारों, बसों और ऑटो के अलावा बड़ी संख्या में बाइक सवार भी शामिल हैं। काफिले में 200 से ज्यादा वाहन होने की जानकारी दी गई है। सबसे आगे बालाजी का वाहन उसके बाद धीरेंद्र शास्त्री का रथ और फिर समर्थकों के वाहन चल रहे हैं।
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