मुंबई के Shivaji Park में कॉजपा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, Anjali Damania हिरासत में
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया सहित दर्जनों लोगों को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थन में रविवार को आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क के पास हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दमानिया को शिवाजी पार्क के पास रोका गया और एक वाहन में ले जाया गया।
दमानिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कॉजपा के समर्थन में शिवाजी पार्क पहुंचते ही सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने मुझे हिरासत में ले लिया। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और मुझे नहीं पता कि वे मुझे कहां ले जा रहे हैं।’’ अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाकों से हिरासत में लिए गए अधिकतर लोगों को शिवाजी पार्क थाने ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को आसपास के अन्य थानों में ले जाया गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन के लिए एकत्र होने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इतनी डरी हुई है कि मुंबई में भी सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण लेकिन बेखौफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है। वर्ली के विधायक ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सत्तारूढ़ दल की आलोचना की और हिरासत में लिये जा रहे लोगों को समर्थन देने की पेशकश की।
ठाकरे ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि मुंबई पुलिस को अब सबसे ऊपर बैठे लोगों के आदेश मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ये वही लोग हैं, जो पुलिस बल के बैरिकेड के पीछे छिपे हुए हैं। हमें बताएं कि आप सभी को कहां ले जाया जा रहा है।
हम आ रहे हैं। हम कानूनी मदद के लिए भी आपके साथ खड़े रहेंगे।’’ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष अमित ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के कारण पर सवाल उठाया। अमित ठाकरे ने कहा, ‘‘कल से हमारे मनसे कार्यकर्ता वहां (प्रदर्शन करने के लिए) मौजूद रहेंगे।’’ मनसे नेता संदीप देशपांडे ने आरोप लगाया कि शिवाजी पार्क थाने के एक अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता नवरात्रि मंडलों के पदाधिकारियों को कॉजपा के प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के लिए उकसा रहे थे।
देशपांडे ने यह भी आरोप लगाया कि इन पदाधिकारियों को उनकी कार्रवाई के लिए कानूनी मदद देने का आश्वासन दिया जा रहा है। देशपांडे ने कहा, ‘‘यह कैसा लोकतंत्र है? आप लोगों को प्रदर्शन करने के लिए जगह नहीं देते और जब वे प्रदर्शन करने आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लेते हैं।
पुलिस का काम दंगे रोकना है या उन्हें भड़काना?’’ इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए हैं, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्वित करना है कि बिना अनुमति के प्रदर्शन ना हों। पुलिस ने शनिवार को भी मुंबई में विभिन्न स्थानों से करीब 600 लोगों को कॉजपा के समर्थन में बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में हिरासत में लिया था। महानगर में अगस्त क्रांति मैदान, हुतात्मा चौक और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किए गए थे।
कॉजपा मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
Moradabad: BJP MLA Kunwar Sushant Singh के सहयोगियों पर तीन युवकों को बंधक बनाकर पीटने का आरोप
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बढ़ापुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कुंवर सुशांत सिंह के सहयोगियों पर तीन लोगों को कथित तौर पर बंधक बनाकर पीटने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गयी है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि ठाकुरद्वारा थाने में तीन लोगों की ओर से शिकायत दी गई और विधायक के सहयोगियों समेत छह नामजद और नौ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गयी।
उन्होंने बताया कि अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ितों के परिजनों के अनुसार, घरेलू सहायक अतुल व लवेश और उनके दोस्त रामू को विधायक के बेटे का सोने का ब्रेसलेट गायब होने के आरोप में कथित तौर पर बंधक बनाकर पीटा गया। रामू की मां ओमवती ने आरोप लगाया कि सात अक्टूबर को विधायक के एक सहयोगी ने उनके बेटे को घर से बुलाया था, जबकि अन्य दोनों को पहले ही बंधक बना लिया गया था।
उन्होंने दावा किया कि तीनों को उल्टा लटकाकर बेल्ट से पीटा गया, बिजली के झटके दिए गए और उनके घावों पर नमक रगड़ा गया। परिजनों के मुताबिक, चोटिल होने के कारण तीनों को उत्तराखंड के काशीपुर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और रामू की हालत गंभीर बताई गई है। विधायक सुशांत सिंह ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि घरेलू सहायकों से केवल गायब ब्रेसलेट के बारे में पूछताछ की गई थी।
उन्होंने मारपीट के आरोपों से इनकार किया। वहीं, मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद रुचि वीरा ने पीड़ितों को तत्काल न्याय दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधायक सुशांत सिंह के पिता दिवंगत कुंवर सर्वेश सिंह और दादा रामपाल सिंह भी कई बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। इस परिवार का मुरादाबाद और आसपास के जिलों में राजनीतिक प्रभाव रहा है।
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