न्यूजीलैंड सीरीज से पहले रणजी ट्रॉफी में टीम इंडिया के स्टार्स हुए फेल, जायसवाल शून्य पर आउट, केएल राहुल का भी छूटा पसीना
Ranji Trophy: भारतीय घरेलू क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2026-27 का रविवार, 11 अक्टूबर से आगाज हो गया है. बीसीसीआई के कहने पर, न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टेस्ट टीम के मुख्य खिलाड़ियों को मैच की तैयारी के लिए इस टूर्नामेंट के पहले दौर में खेलने का मौका दिया गया था. लेकिन, टूर्नामेंट का पहला ही दिन भारतीय टेस्ट टीम के दो मुख्य ओपनर्स यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल के लिए बेहद खराब रहा. दोनों स्टार बल्लेबाज फ्लॉप रहे.
वानखेड़े में नहीं चला जायसवाल का जादू, 13 गेंदें खेलकर हुए बोल्ड
मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ खेले जा रहे मैच में मुंबई की ओर से खेलने उतरे स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल बिना कोई रन बनाए आउट हो गए. जायसवाल ने पिच पर टिकने की कोशिश की और 13 गेंदें भी खेलीं, लेकिन वे चंडीगढ़ के गेंदबाज जगजीत सिंह की गेंद को समझ नहीं पाए और शिवम भांबरी को कैच दे बैठे. शानदार फॉर्म में चल रहे जायसवाल का अपने ही घरेलू मैदान पर शून्य पर आउट होना मुंबई और टीम इंडिया के फैंस के लिए एक बड़ा झटका है.
A tough start for the star batters! ????
— Sportstar (@sportstarweb) October 11, 2026
Yashasvi Jaiswal is out for a duck, while KL Rahul departs for four as the Ranji Trophy season gets underway.
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केएल राहुल भी रहे नाकाम
कर्नाटक की टीम से खेल रहे अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल भी इस मैच में पूरी तरह नाकाम रहे. आंध्र प्रदेश के खिलाफ विजयवाड़ा में खेले जा रहे इस मुकाबले में फैंस को राहुल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए. उन्हें आंध्र के गेंदबाज कवुरी साई तेजा ने अपना शिकार बनाया. राहुल के इतनी जल्दी पवेलियन लौटने के कारण कर्नाटक की टीम शुरुआत में ही भारी दबाव में आ गई और बिखरती हुई नजर आई.
???? Team India test players in domestic cricket ????
— VIKAS (@Vikas662005) October 11, 2026
Yashasvi Jaiswal - 0(13)
Kl Rahul - 4(11)
Karun Nair - 8(19)
Mayank Agarwal - 5(8)
Devdutt Padikkal - 2(6)
Flopped ???? pic.twitter.com/foe9QUB9HH
सरफराज खान भी हुए फेल, शमी की घातक गेंदबाजी
रणजी ट्रॉफी के पहले दिन सिर्फ ओपनर्स ही नहीं, बल्कि भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सरफराज खान भी पूरी तरह फ्लॉप रहे और महज 1 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, जहां एक तरफ बल्लेबाजों ने निराश किया. वहीं दूसरी तरफ लंबे समय बाद चोट से लौट रहे स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बंगाल के लिए खेलते हुए मैदान पर तहलका मचा दिया. शमी ने दिल्ली के खिलाफ बेहद खतरनाक गेंदबाजी की और अपने 17 ओवरों में 9 मेडन ओवर फेंकते हुए सिर्फ 29 रन देकर 3 बड़े विकेट चटकाए.
फैंस की बढ़ी चिंता, सुधार का अभी भी है मौका
भारतीय टीम को 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 और 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जिसके तुरंत बाद नवंबर में 2 मैचों की मुख्य टेस्ट सीरीज शुरू होगी. BCCI ने इस न्यूजीलैंड दौरे की तैयारियों के लिए यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल को 'इंडिया ए' टीम के साथ-साथ रणजी ट्रॉफी में खेलने उतारा था. ऐसे में इतने बड़े दौरे से ठीक पहले दोनों ओपनर्स का सस्ते में आउट होना फैंस के मन में चिंता जरूर पैदा करता है. हालांकि रणजी ट्रॉफी का यह सिर्फ पहला ही दिन है और इन दिग्गज बल्लेबाजों के पास अगली पारियों में अपनी गलतियों को सुधारकर दमदार वापसी करने का पूरा मौका रहेगा.
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नई पीढ़ी के निवेशकों के नेतृत्व में भारतीय पारिवारिक कार्यालयों ने स्टार्टअप में बढ़ाया निवेश: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पारिवारिक कार्यालय (फैमिली ऑफिसेज) देश के निवेश परिदृश्य में तेजी से प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, संपत्ति प्रबंधन की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के हाथों में आने के साथ स्टार्टअप्स, इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट और अंतरराष्ट्रीय निवेशों में उनकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट में उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारत में वर्तमान में 300 से अधिक फैमिली ऑफिसेज हैं, जो सामूहिक रूप से 30 अरब डॉलर से अधिक की संपत्तियों का प्रबंधन कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 करोड़ डॉलर से अधिक संपत्ति वाले भारतीय परिवारों की संख्या 2025 के करीब 16,000 से बढ़कर 2030 तक 26,000 होने की संभावना है। वहीं अगले दशक में पीढ़ीगत स्तर पर संपत्ति का हस्तांतरण 1.3 ट्रिलियन डॉलर से 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
नई पीढ़ी को संपत्ति हस्तांतरित होने के साथ निवेश रणनीतियों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब भारत के आधे से अधिक फैमिली ऑफिसेज में मिलेनियल्स और जेन-जेड परिवार के सदस्य निवेश संबंधी फैसलों में भागीदारी कर रहे हैं। इसके चलते पारंपरिक निवेश विकल्पों की जगह वैकल्पिक परिसंपत्तियों और तकनीक आधारित व्यवसायों में रुचि बढ़ी है।
इसी वजह से फैमिली ऑफिसेज अब हेल्थटेक, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप्स में अधिक निवेश कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 30 प्रतिशत फैमिली ऑफिसेज अब पारंपरिक निवेश साधनों की तुलना में स्टार्टअप निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
यह बदलाव फंडिंग गतिविधियों में भी साफ दिखाई दे रहा है। फैमिली ऑफिसेज समर्थित स्टार्टअप निवेश 2023 के 876.7 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया, यानी यह लगभग दोगुना हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रमुख कारण पेशेंट कैपिटल की उपलब्धता है। पारंपरिक वेंचर कैपिटल फंड्स की तरह निश्चित समय सीमा के दबाव में काम करने के बजाय फैमिली ऑफिसेज लंबी अवधि का नजरिया अपनाते हैं, जिससे स्टार्टअप्स को विस्तार और लाभप्रदता हासिल करने के लिए अधिक समय मिलता है।
कई प्रमुख भारतीय फैमिली ऑफिसेज अपने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़ चुके हैं। सत्त्वा ग्रुप के फैमिली ऑफिस ने तकनीकी निवेशों में विविधता लाई है, जबकि अर्था इंडिया वेंचर्स शुरुआती चरण के स्टार्टअप निवेशों के लिए पहचान बना चुका है। कंपनी ने ओयो जैसे स्टार्टअप्स में भी निवेश किया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्टार्टअप फंडिंग के अलावा इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग भी भारत के धनाढ्य परिवारों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। 2021 से 2024 के बीच 900 से अधिक उच्च संपत्ति वाले परिवारों ने इम्पैक्ट निवेश किए, जिनमें से कई ने अपने फैमिली ऑफिस ढांचे के माध्यम से पूंजी लगाई।
--आईएएनएस
डीबीपी
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