Supreme Court का निर्देश, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से हिरासत में न लें
उच्चतम न्यायालय ने रविवार को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। न्यायालय ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भी जारी किया, जिसमें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर ‘‘पूरी तरह रोक’’ नहीं लगाने संबंधी न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो अपनी सामान्य समय-सारिणी के अनुसार चले और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।
पीठ ने कहा, ‘‘नौ अक्टूबर 2026 के हमारे पिछले आदेश के उल्लंघन और 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली तत्काल सुनवाई की याचिकाओं के मद्देनजर न्यायालय ने विशेष सुनवाई की।’’ पीठ ने कहा, ‘‘वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया- मेट्रो रेल सेवा संचालित नहीं हो रही थी, नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बंद रहे, यातायात संबंधी कोई परामर्श जारी नहीं किया गया और बड़ी संख्या में लोगों को अनुचित रूप से परेशान किया गया तथा अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। जिन स्थानों पर यह सब हुआ, उनमें वे इलाके भी शामिल थे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के दायरे में नहीं आते थे।’’ उच्चतम न्यायालय ने मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोका जाए। सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो नेटवर्क के कुल 303 स्टेशन में से केवल 45 पर प्रवेश और निकास प्रतिबंधित था।
सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले में अदालत के निर्देशों के कथित खुले उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर सभी वकीलों को अपनी दलीलें रखने का अवसर देगा। उच्चतम न्यायालय ने नेताओं की हिरासत को चुनौती देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर भी सुनवाई की। अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की अध्यक्ष डी. थारा को प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिका में उच्चतम न्यायालय के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है। यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉजपा और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का आह्वान किया था।
सरकार ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में कॉजपा नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे।
Nepal में बाढ़ का कहर, 35 से ज्यादा घर और कई पुल बहे; बचाव के लिए उतारे गए हेलीकॉप्टर
नेपाल के गोरखा जिले में रविवार तड़के अचानक आए तेज सैलाब ने भारी तबाही मचाई। बूढ़ी गंडकी नदी में मलबे के साथ तेज बहाव आने से 35 से ज्यादा घर और कई पुल बह गए। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण लोगों को घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। राहत की बात यह है कि अब तक किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान
चुमनुव्री ग्रामीण नगर पालिका के वार्ड नंबर 3 के अध्यक्ष राम कुमार गुरुंग के मुताबिक, बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर बढ़ने से सालेरी, पैयुका और जगत के नदी किनारे बसे इलाकों में दर्जनों घर बह गए। बाढ़ में वार्ड को जोड़ने वाला एक झूला पुल भी बह गया। इसके अलावा न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाला पुल भी पानी में बह गया है।
#WATCH | Nepal | Visuals from flooding in the Budhi Gandaki River, affecting surrounding areas https://t.co/TrRcB3ZNpd
— ANI (@ANI) October 11, 2026
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सुबह 4 बजे से सुनाई देने लगी थी तेज आवाज
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 4 बजे से ही नदी और आसपास की जलधाराओं से तेज गरजने जैसी आवाजें आने लगी थीं। पानी का बहाव बार-बार रुक रहा था और फिर अचानक तेज हो जा रहा था। इस वजह से लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। कई लोग अपना सामान तक नहीं निकाल पाए और जान बचाने के लिए घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए।
भूस्खलन से आई बाढ़? प्रशासन ने बताई शुरुआती जानकारी
गोरखा जिले के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में पता चला है कि सिउरिबास के ऊपर भूस्खलन हुआ था। वहीं, स्थानीय लोगों को आशंका है कि चुमनुव्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी स्यर का रास्ता मलबे से बंद हो गया था। माना जा रहा है कि इसी वजह से अचानक बाढ़ आई। हालांकि, बाढ़ आने की सही वजह की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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बचाव के लिए हेलीकॉप्टर तैनात
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सामान बांटने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव के काम में जुटे हैं।
लाउडस्पीकर से लोगों को किया जा रहा सतर्क
प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से सतर्क रहने और ऊंचाई वाली सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की जा रही है।
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