Bollywood महानायक Amitabh Bachchan मना रहे 84वां जन्मदिन, 5 दशक से कायम है सिनेमा पर राज
बॉलीवुड के शहंशाह यानी की अमिताभ बच्चन आज 11 अक्तूबर को अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े अभिनेता माने जाते हैं। उन्होंने बड़े पर्दे से लेकर छोटे पर्दे पर भी फैंस का मनोरंजन किया है और आज भी यह सिलसिला जारी है। अमिताभ बच्चन को बड़े पर्दे पर राज करते हुए करीब साढ़े पांच दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अभिनेता अमिताभ बच्चन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 11 अक्टूबर 1942 को अमिताभ बच्चन का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम हरिवंश राय बच्चन था, जोकि मशहूर कवि थे और साहित्य की दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी। अमिताभ बच्चन ने दिल्ली के किरोड़ी मल कॉलेज से बी.एससी में ग्रेजुएशन किया। फिर वह नौकरी की तलाश में कोलकाता आ गए। यहं पर उन्होंने शॉ वैलेस, बर्ड एंड कंपनी और आईसीएआई कंपनी में नौकरी की थी।
फिल्मी सफर
मुंबई आने के बाद अमिताभ बच्चन फिल्मी दुनिया में अपना नाम बनाने के लिए संघर्ष करने लगे। उन्होंने साल 1969 में आई फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया। लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई। वहीं शुरूआत के दिनों में अमिताभ की हाइट और आवाज का फिल्ममेकर्स और एक्टर्स मजाक उड़ाया करते थे। वहीं उनको अपनी आवाज की वजह से 'ऑल इंडिया रेडियो' में जॉब के लिए रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।
वहीं हाइट ज्यादा होने की वजह से अमिताभ के साथ कई अभिनेत्रियां काम नहीं करना चाहती थीं। जिस कारण उनके हाथ से कई फिल्में निकल गईं। लेकिन बाद में उनकी आवाज ही उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। अमिताभ की आवाज को खूब पसंद किया जाने लगा। आज भी फैंस अमिताभ बच्चन के अभिनय के अलावा उनकी आवाज के कायल हैं।
'सदी के महानायक'
अभिनेता को पहली बड़ी पहचान साल 1971 में राजेश खन्ना के साथ आई फिल्म 'आनंद' से मिली। हालांकि इसमें अमिताभ बच्चन सपोर्टिंग रोल में थे, लेकिन यह फिल्म उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिर साल 1973 में आई फिल्म 'जंजीर' से वह रातों-रात स्टार बन गए।
इसके बाद साल 1975 में फिल्म 'दीवार' और 'शोले' ने अमिताभ बच्चन के स्टारडम को बढ़ा दिया। फिर उन्होंने 'कुली', 'डॉन', 'त्रिशूल', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'अभिमान', 'अमर अकबर एंथनी', 'लावारिस', 'बागवान', 'पीकू', 'पा' जैसी फिल्मों से फैंस के दिलों पर राज करते चले गए। वहीं साल 2019 में अमिताभ बच्चन ने बताया था कि एक रेडियो चैनल द्वारा कराए गए सर्वे में उनको 'सदी के महानायक' का टाइटल मिला था। उनको अन्य स्टार्स की तुलना में सबसे अधिक वोट मिले थे।
'जब वह 19 साल के थे...', हार्दिक पांड्या के बर्थडे पर महिका शर्मा ने लिखा ऐसा पोस्ट, आते ही हो गया वायरल, आप भी पढ़िए
Mahieka Sharma Post On Hardik Pandya Birthday: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या 11 अक्टूबर यानि आज अपना 33वां जन्मदिन मना रहे हैं. हार्दिक पिछले कुछ वक्त से इंजरी के चलते एक्शन से दूर हैं, लेकिन वह सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से जुड़े रहते हैं. इस खास मौके पर तमाम फैंस और उनके साथी खिलाड़ी हार्दिक को जन्मदिन की बधाई दे रही हैं. मगर, इस बीच हार्दिक की गर्लफ्रेंड महिका शर्मा ने बर्थडे पर पोस्ट शेयर किया जो आते ही वायरल हो गया है. इस पोस्ट में महिका ने हार्दिक की जिंदगी के शुरुआती सफर से अब तक की जर्नी लिखी है. कैसे वह 19 साल की उम्र में बल्लेबाज हुआ करते थे, फिर उन्होंने खुद को ऑलराउंडर बनाया और आज वह इस मुकाम पर पहुंचे.
महिका शर्मा ने पोस्ट में क्या-क्या लिखा?
गर्लफ्रेंड महिका शर्मा ने हार्दिक पांड्या को इंस्टाग्राम पर स्पेशल पोस्ट लिखकर बर्थडे विश किया. उन्होंने इस पोस्ट में हार्दिक की एक फोटो के साथ लंबा-चौड़ा कैप्शन लिखा और हार्दिक के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए हर संघर्ष का जिक्र किया.
महिका ने लिखा-“19 साल की उम्र तक, हार्दिक बड़ौदा में चौथे नंबर के बल्लेबाज थे. नटखट और चुलबुले छोटे भाई के रूप में मैदान पर उनकी मौजूदगी बस एक इत्तेफाक जैसी थी. बेहद चंचल और फुर्तीले होने के कारण, क्रिकेट उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने का जरिया बन गया. नाममात्र की पढ़ाई के चलते, यही मैदान उनके खुद को जाहिर करने का मंच भी बना.”
उन्होंने आगे लिखा, “सालों तक एक बल्लेबाज के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद भी टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो पा रही थी. पॉलिटिकल और सोशल चीजों के दिखावटी तौर-तरीकों में खुद को न ढाल पाने की मजबूरी ने उन्हें उनके हक के सिलेक्शन से दूर रखा. तेज दौड़ने के शौकीन होने के नाते जो कि आमतौर पर बल्लेबाजों में कम ही दिखता है, उनमें घोड़ों की तरह जी-तोड़ मेहनत करने का हुनर था. खुद उन्हें भी खबर नहीं थी कि यही उनका सबसे बड़ा ‘चीट कोड’ साबित होने वाला था.”
हार्दिक की शुरुआती दिनों को लेकर महिका लिखती हैं कि, “सिम्पैथी का मतलब जाने बिना भी जब बाकी सभी बल्लेबाज अपनी गेंदें खेलकर चले जाते तो हार्दिक अपनी बल्लेबाजी खत्म होने के बाद भी वहीं रुकते ताकि अपने गेंदबाज साथियों की बल्लेबाजी की प्रैक्टिस के लिए गेंद फेंक सकें. स्कूल छोड़ चुके हार्दिक के लिए यह अपने समय का अच्छा इस्तेमाल था, क्योंकि न तो वह किसी महंगे शौक का खर्च उठा सकते थे और न ही घर पर करने के लिए कुछ खास था.”
उन्होंने आगे लिखा, “गेंदबाज या ऑलराउंडर बनने के किसी इरादे के बिना, वह सेंसिटिव बॉय जो अब भी दिल से एक बल्लेबाज था, क्रिकेट के अपने इस सफर पर चलता रहा. जिंदगी की इकलौती ऐसी चीज जिसने उसे यह अहसास कराया कि उसे भी अपनाया गया है. फिर किस्मत ने करवट ली. एक सीनियर कोच ने उन्हें गेंदबाजी करते देखा और वह बेहद हैरान रह गए. क्योंकि वह तो सिर्फ हार्दिक नाम के बल्लेबाज को जानते थे.”
महिका ने आगे लिखा, “कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक ऑलराउंडर के रूप में डेब्यू किया, मैच में जिंदगी में पहली बार गेंदबाजी की और 5 विकेट झटक लिए. उस वक्त उनके पास गेंदबाजी करने वाले जूतों की एक जोड़ी तक नहीं थी. 2 साल बाद उनकी पसंदीदा आईपीएल टीम की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में उन्हें साइन कर लिया. इसके 6 महीने बाद, उन्होंने भारत के लिए अपना डेब्यू किया.”
महिका ने आगे लिखा, “कोई भी कल्पना उस स्क्रीनप्ले को नहीं लिख सकती थी, जिसे जर्सी नंबर 33 जीने वाला था. भले ही मेरा यह लेटर उनकी ग्रेटनेस की कहानी के असीमित समंदर की सिर्फ 3% बूंदें ही समेट पाया हो, फिर भी मेरे चेहरे पर मुस्कान है यह जानकर कि उनका माध्यम कभी शब्द नहीं थे. वे कभी थे भी नहीं.”
ये भी पढ़ें: IND VS WI: आज कितने बजे शुरू होगा तीसरा टी-20 मैच? जानिए बिलकुल FREE में कहां देख सकेंगे लाइव एक्शन
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation








