'जब वह 19 साल के थे...', हार्दिक पांड्या के बर्थडे पर महिका शर्मा ने लिखा ऐसा पोस्ट, आते ही हो गया वायरल, आप भी पढ़िए
Mahieka Sharma Post On Hardik Pandya Birthday: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या 11 अक्टूबर यानि आज अपना 33वां जन्मदिन मना रहे हैं. हार्दिक पिछले कुछ वक्त से इंजरी के चलते एक्शन से दूर हैं, लेकिन वह सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से जुड़े रहते हैं. इस खास मौके पर तमाम फैंस और उनके साथी खिलाड़ी हार्दिक को जन्मदिन की बधाई दे रही हैं. मगर, इस बीच हार्दिक की गर्लफ्रेंड महिका शर्मा ने बर्थडे पर पोस्ट शेयर किया जो आते ही वायरल हो गया है. इस पोस्ट में महिका ने हार्दिक की जिंदगी के शुरुआती सफर से अब तक की जर्नी लिखी है. कैसे वह 19 साल की उम्र में बल्लेबाज हुआ करते थे, फिर उन्होंने खुद को ऑलराउंडर बनाया और आज वह इस मुकाम पर पहुंचे.
महिका शर्मा ने पोस्ट में क्या-क्या लिखा?
गर्लफ्रेंड महिका शर्मा ने हार्दिक पांड्या को इंस्टाग्राम पर स्पेशल पोस्ट लिखकर बर्थडे विश किया. उन्होंने इस पोस्ट में हार्दिक की एक फोटो के साथ लंबा-चौड़ा कैप्शन लिखा और हार्दिक के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए हर संघर्ष का जिक्र किया.
महिका ने लिखा-“19 साल की उम्र तक, हार्दिक बड़ौदा में चौथे नंबर के बल्लेबाज थे. नटखट और चुलबुले छोटे भाई के रूप में मैदान पर उनकी मौजूदगी बस एक इत्तेफाक जैसी थी. बेहद चंचल और फुर्तीले होने के कारण, क्रिकेट उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने का जरिया बन गया. नाममात्र की पढ़ाई के चलते, यही मैदान उनके खुद को जाहिर करने का मंच भी बना.”
उन्होंने आगे लिखा, “सालों तक एक बल्लेबाज के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद भी टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो पा रही थी. पॉलिटिकल और सोशल चीजों के दिखावटी तौर-तरीकों में खुद को न ढाल पाने की मजबूरी ने उन्हें उनके हक के सिलेक्शन से दूर रखा. तेज दौड़ने के शौकीन होने के नाते जो कि आमतौर पर बल्लेबाजों में कम ही दिखता है, उनमें घोड़ों की तरह जी-तोड़ मेहनत करने का हुनर था. खुद उन्हें भी खबर नहीं थी कि यही उनका सबसे बड़ा ‘चीट कोड’ साबित होने वाला था.”
हार्दिक की शुरुआती दिनों को लेकर महिका लिखती हैं कि, “सिम्पैथी का मतलब जाने बिना भी जब बाकी सभी बल्लेबाज अपनी गेंदें खेलकर चले जाते तो हार्दिक अपनी बल्लेबाजी खत्म होने के बाद भी वहीं रुकते ताकि अपने गेंदबाज साथियों की बल्लेबाजी की प्रैक्टिस के लिए गेंद फेंक सकें. स्कूल छोड़ चुके हार्दिक के लिए यह अपने समय का अच्छा इस्तेमाल था, क्योंकि न तो वह किसी महंगे शौक का खर्च उठा सकते थे और न ही घर पर करने के लिए कुछ खास था.”
उन्होंने आगे लिखा, “गेंदबाज या ऑलराउंडर बनने के किसी इरादे के बिना, वह सेंसिटिव बॉय जो अब भी दिल से एक बल्लेबाज था, क्रिकेट के अपने इस सफर पर चलता रहा. जिंदगी की इकलौती ऐसी चीज जिसने उसे यह अहसास कराया कि उसे भी अपनाया गया है. फिर किस्मत ने करवट ली. एक सीनियर कोच ने उन्हें गेंदबाजी करते देखा और वह बेहद हैरान रह गए. क्योंकि वह तो सिर्फ हार्दिक नाम के बल्लेबाज को जानते थे.”
महिका ने आगे लिखा, “कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक ऑलराउंडर के रूप में डेब्यू किया, मैच में जिंदगी में पहली बार गेंदबाजी की और 5 विकेट झटक लिए. उस वक्त उनके पास गेंदबाजी करने वाले जूतों की एक जोड़ी तक नहीं थी. 2 साल बाद उनकी पसंदीदा आईपीएल टीम की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में उन्हें साइन कर लिया. इसके 6 महीने बाद, उन्होंने भारत के लिए अपना डेब्यू किया.”
महिका ने आगे लिखा, “कोई भी कल्पना उस स्क्रीनप्ले को नहीं लिख सकती थी, जिसे जर्सी नंबर 33 जीने वाला था. भले ही मेरा यह लेटर उनकी ग्रेटनेस की कहानी के असीमित समंदर की सिर्फ 3% बूंदें ही समेट पाया हो, फिर भी मेरे चेहरे पर मुस्कान है यह जानकर कि उनका माध्यम कभी शब्द नहीं थे. वे कभी थे भी नहीं.”
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अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ीं, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन के प्रवक्ता सौरव दास व आशुतोष रांका के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने तीनों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई है.
तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट स्थित एसीएम कोर्ट में पेश किया जाना है. इसके बाद अदालत मामले के तथ्यों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे का फैसला करेगी. कोर्ट उन्हें मुचलका भरने की शर्त पर रिहा कर सकती है या कानून के अनुसार अन्य आदेश दे सकती है.
दिल्ली पुलिस ने क्यों की कार्रवाई?
पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई को निवारक कार्रवाई यानी प्रिवेंटिव एक्शन बताया गया है. इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य संभावित शांति भंग होने या किसी अन्य अप्रिय स्थिति को रोकना होता है. पुलिस को यदि आशंका होती है कि किसी व्यक्ति की गतिविधियों से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, तो वह कानूनी प्रावधानों के तहत कदम उठा सकती है. हालांकि, इस मामले में तीनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा.
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BNS की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई
तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 और 170 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इसे निवारक कार्रवाई बताया है. निवारक कार्रवाई का उद्देश्य संभावित खतरे को रोकना होता है. ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति से शांति बनाए रखने के लिए मुचलका भरवाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है. मुचलके और रिहाई से जुड़े मामलों में अदालत कानून के अनुसार फैसला करती है.
कोर्ट तय करेगी आगे क्या होगा
तीनों नेताओं को अदालत में पेश किए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी. यदि अदालत मुचलके की शर्तों से संतुष्ट होती है, तो उन्हें रिहा किया जा सकता है. वहीं, यदि अदालत को कानूनी आधार पर ऐसा जरूरी लगता है, तो वह अन्य आदेश भी दे सकती है. इस मामले में तीनों नेताओं को राहत मिलेगी या उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा, यह अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा.
IGI एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए थे तीनों नेता
दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) से हिरासत में लिया था. जानकारी के मुताबिक, तीनों नेता शनिवार सुबह विमान से मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था. अब तीनों के खिलाफ मामला दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई अदालत में पेशी के दौरान तय होगी.
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