पंडित धीरेंद्र शास्त्री की रथयात्रा आज से होगी शुरू, कई संत भी होंगे शामिल, 5 जिलों से गुजरकर 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ पहुंचेगी
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा आज छतरपुर से शुरू होगी। इस बार पदयात्रा की जगह रथयात्रा निकाली जा रही है जो बुंदेलखंड के 5 जिलों से होकर गुजरेगी। करीब 500 किलोमीटर की यात्रा 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में खत्म होगी। बता दें यात्रा में करीब 300 गाड़ियों और 5 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। रास्ते में लोगों को सात संकल्प भी दिलाए जाएंगे।
दरअसल यात्रा की शुरुआत रविवार सुबह 10 बजे छतरपुर जिले के गढ़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम से होगी। हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के बाद रथ आगे बढ़ेगा। पहले दिन करीब 100 किलोमीटर का सफर तय कर यात्रा पन्ना पहुंचेगी। रास्ते में बमीठा, चंद्रनगर, अजयगढ़ और सिंहपुर में कार्यक्रम रखे गए हैं। हर पड़ाव पर लोगों के लिए आशीर्वचन और संकल्प दिलाने की व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय समेत कई संतों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।
धीरेंद्र शास्त्री की रथयात्रा का रूट
वहीं सनातन हिंदू एकता रथयात्रा की शुरुआत बागेश्वर धाम से होगी। यहां सुबह 10 बजे हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और धर्म ध्वजा के साथ यात्रा रवाना की जाएगी। पहले दिन का रूट बागेश्वर धाम से बमीठा, चंद्रनगर, अजयगढ़ और सिंहपुर होते हुए पन्ना तक तय किया गया है। पहले दिन करीब 100 किलोमीटर चलने के बाद यात्रा पन्ना में रात को रुकेगी। यहां रघुलीला पैलेस और मधुवन पैलेस में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।
बमीठा के मैरिज हाउस में करीब 20 मिनट का मंचीय कार्यक्रम होगा। चंद्रनगर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री वैन में बैठकर करीब 20 मिनट लोगों को संकल्प दिलाएंगे। इसके बाद यात्रा अजयगढ़ पहुंचेगी, जहां आश्रम में दोपहर के भोजन के लिए करीब 90 मिनट का ठहराव रखा गया है। यहां श्रद्धालुओं और सेवादारों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। सिंहपुर में भी करीब 20 मिनट का आशीर्वचन कार्यक्रम होगा। यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर स्वागत कार्यक्रम रखे गए हैं और हर 20 किलोमीटर पर छोटा आयोजन कर लोगों को संकल्प दिलाने की योजना है।
जानिए क्या हैं सात संकल्प
दरअसल यात्रा के पहले दिन कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय भी शामिल होंगे। उनके साथ जगद्गुरु चिन्ना जियर स्वामी, देवी चित्रलेखा, अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजूदास महाराज, मलूक पीठ के गंगादास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज के शामिल होने की जानकारी दी गई है। यात्रा में करीब 5 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो संदेश में कहा कि यात्रा का उद्देश्य छुआछूत, भेदभाव और जाति-पाति के बंधनों को खत्म कर हिंदू समाज को एकजुट करना है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध के बावजूद यात्रा सफल होगी।
यात्रा के दौरान लोगों को सात संकल्प दिलाए जाएंगे। इनमें भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कराने, जातिवाद और छुआछूत खत्म करने, गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने, अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाने, हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों की मुक्ति और सुरक्षा, आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म के संस्कारों से जोड़ने और हिंदुओं को एकजुट करने के संकल्प शामिल हैं। ये संकल्प यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर दोहराए जाएंगे। यात्रा आयोजकों के मुताबिक इसका मकसद समाज में एकता का संदेश देना है।
हाइड्रोलिक लिफ्ट वाली वैनिटी वैन से यात्रा
वहीं इस बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पैदल चलने के बजाय हाइड्रोलिक लिफ्ट वाली वैनिटी वैन में सवार होकर यात्रा करेंगे। इस वैन को रथ का रूप दिया गया है। इसमें हाइड्रोलिक लिफ्ट लगाई गई है जिसकी मदद से शास्त्री ऊपर आकर लोगों को संबोधित कर सकेंगे। वैन पर हनुमान, गदा और सनातन धर्म से जुड़े प्रतीक बनाए गए हैं। दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। यात्रा के पड़ावों पर सुबह हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम रखा गया है।
रूस की लैब में कर्मी की मौत पर WHO की रिपोर्ट, बीमारी की पुष्टि के लिए अतिरिक्त जांच जरूरी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि प्लेग और अन्य बीमारियों संबंधी शोध पर ध्यान केंद्रित करने वाली रूस की प्रयोगशाला में कार्यरत एक युवा कर्मचारी की मौत का कारण अब भी पता नहीं चल पाया है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने शुरुआती अपुष्ट खबरों का हवाला देते हुए कहा कि कर्मचारी की मौत संभवत: ‘न्यूमोनिक प्लेग’ से हुई। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसके मामले मध्य युग में ‘ब्लैक डेथ’ महामारी से जुड़े ‘ब्यूबोनिक प्लेग’ की तुलना में कम पाए जाते हैं।
‘न्यूमोनिक प्लेग’ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है और इससे गंभीर निमोनिया हो सकता है लेकिन समय पर बीमारी का पता चलने और उपचार मिलने पर मरीज के ठीक होने की संभावना अधिक होती है। डब्ल्यूएचओ ने इस महीने की शुरुआत में मामला सामने आने के बाद ‘डिजीज आउटब्रेक न्यूज’ के तहत जारी अपनी पहली विस्तृत रिपोर्ट में मामले की जांच जारी रखने का आह्वान किया है। संगठन ने कहा कि रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 5,500 से अधिक नमूनों की जांच की हैं, लेकिन इनमें किसी खतरनाक रोगजनक सूक्ष्मजीव की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला।
डब्ल्यूएचओ ने कहा, ‘‘स्थिति का अधिक सटीक आकलन करने के लिए चिकित्सकीय जांच, महामारी विज्ञान और प्रयोगशाला से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी की जरूरत है। साथ ही, यह पुष्टि होना भी जरूरी है कि प्रयोगशाला में कार्यरत कर्मचारी की मौत किस बीमारी से हुई थी।’’ डब्ल्यूएचओ ने ‘‘एक कथित दूसरे मामले’’ का भी उल्लेख किया है। संगठन ने इससे पहले ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को ईमेल के जरिए बताया था कि दूसरे मामले की जानकारी ब्रिटेन और सर्बिया के दो समाचार पत्रों से मिली थी।
इन समाचार पत्रों ने रूस की कुछ खबरों का हवाला दिया था, लेकिन उनके स्रोत स्पष्ट नहीं थे। रूस ने ऐसे किसी दूसरे मामले से इनकार किया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
prabhasakshi









