हफ्ते की टॉप जॉब्स:रेलवे में 2008 पदों पर निकली भर्ती, पंजाब हाईकोर्ट में 1270 वैकेंसी, इस हफ्ते निकलीं 4 हजार से ज्यादा नौकरियां
इस हफ्ते रेलवे और पंजाब हाईकोर्ट सहित पांच विभागों में 4842 पदों पर नौकरियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक
CJP का आज फिर जंतर-मंतर मार्च:कल 7000 लोग हिरासत में लिए गए थे; मेट्रो बैन-पुलिस एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को लगातार दूसरे दिन सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर मार्च बुलाया है। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को भी समर्थक प्रोटेस्ट करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। करीब 7000 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए। अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह ही एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था। दिल्ली में 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। 3 से 5 लेयर की बैरिकेडिंग है। शनिवार को करीब 250 ट्रेनें कैंसिल कर दी गईं थीं। मेट्रो स्टेशन भी बंद रखे गए थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मेट्रो बैन पर फिर से विचार करने का आदेश दिया था। अब मेट्रो-ट्रेन सेवाओं पर पूरी रोक के आदेश की अनदेखी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में अधिकारियों पर अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। 10 अक्टूबर का प्रदर्शन, 4 तस्वीरें… CJP के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त क्यों; 4 वजहें… 1. SIR पर 14 बार आपत्ति: SIR को लेकर कॉकरोच पार्टी पहले से ही सवाल उठा रही है। इस बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट पब्लिश हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई। 2. वोटर लिस्ट पर सवाल: दोनों आयुक्तों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। 3. फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति: एक मामले में फॉर्म-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़ने पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। 4. डेटा और काम के बंटवारे पर चिंता: दोनों ने चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। वहीं, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश को भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया था। आरोपों पर चुनाव आयोग का जवाब- सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए चुनाव आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर कहा था कि सदस्यों की अलग-अलग राय और सुझाव किसी भी संस्थान की निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक, पिछले एक साल में SIR समेत सभी बड़े फैसले और निर्देश पूरी कमिशन की सर्वसम्मति से लिए गए। रिपोर्ट सामने आने के बाद SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा। विपक्षी दलों और CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसी मामले को लेकर अदालत में भी याचिकाएं दायर की गई हैं। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 9 बड़े प्रदर्शन 2 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक देशभर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए 9 बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। CJP का पिछला प्रदर्शन 36 दिनों का, धर्मेंद्र प्रधान को देना पड़ा इस्तीफा कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले इस प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 20 जुलाई को CJP ने संसद तक का मार्च भी किया था। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था। -----------------------------
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