सवाल सुनते ही रिपोर्टर पर भड़कीं जया बच्चन:कंगना रनोट ने कसा तंज; बोलीं- आखिर कहना क्या चाहती हैं
दिल्ली में मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस मार्च में सपा सांसद और एक्ट्रेस जया बच्चन भी शामिल हुईं। विरोध प्रदर्शन के दौरान जया बच्चन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एक न्यूज चैनल से बात करने से इनकार करते हुए वह माइक को पीछे धक्का देती नजर आईं। इस दौरान उनके चेहरे पर इरिटेशन दिखी। जिसके बाद बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने जया बच्चन पर तंज कसा। इंस्टाग्राम स्टोरी में जया बच्चन का वीडियो शेयर करते हुए कंगना ने लिखा, “जब आप पूरी दुनिया के सामने अपनी बात रखने के लिए धरने पर बैठते हैं, लेकिन जब आपसे पूछा जाता है कि आखिर आप कहना क्या चाहती हैं, तो जया बच्चन जी का जवाब होता है- नहीं बताऊंगी।” पहले भी जया बच्चन पर टिप्पणी कर चुकी हैं कंगना यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनोट ने जया बच्चन पर टिप्पणी की हो। जया बच्चन अक्सर मीडिया में अपने बर्ताव को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। पैपराजी और आम लोगों को वह कई बार डांट लगा चुकी हैं। पिछले साल नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के बाहर जया बच्चन ने एक शख्स को सेल्फी लेने से मना करते समय धक्का देकर पीछे किया था। तब कंगना ने उन्हें बिगड़ी हुईं और प्रिविलेज्ड महिला कहा था। साथ ही इस घटना को शर्मनाक बताया था। वहीं, सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में ड्रग्स और नेपोटिज्म को लेकर बहस छिड़ी थी। इसी दौरान कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री की तुलना ‘गटर’ से की थी। कंगना के बयान पर जया बच्चन ने राज्यसभा में बिना नाम लिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। जया ने बॉलीवुड को गटर कहना गलत बताया था। इसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर जया बच्चन के बयान का जवाब दिया था। उन्होंने लिखा था, "जया जी, क्या आप तब भी यही बात कहतीं अगर मेरी जगह आपकी बेटी श्वेता को टीनएज में पीटा जाता, नशीला पदार्थ दिया जाता और उसके साथ छेड़छाड़ की जाती? क्या आप तब भी यही कहतीं अगर अभिषेक लगातार बदमाशी और उत्पीड़न की शिकायत करते और एक दिन फांसी पर लटके पाए जाते? हमारे लिए भी थोड़ी करुणा (दया) दिखाइए।" मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष ने मार्च निकाला SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक ने मंगलवार को दिल्ली में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला। मार्च संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस की ओर जा रहा था। पुलिस ने रास्ते में प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। दोनों आठ घंटे से ज्यादा समय तक धरने पर बैठे रहे। वे ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे थे। रात करीब 8 बजे पुलिस ने राहुल और अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन पहुंचाया। करीब दो घंटे बाद रात 10:10 बजे सभी को छोड़ दिया गया। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। उन्होंने कहा कि इसका हिसाब होगा। चुनाव आयोग ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी पार्टी ने मिलने का समय नहीं मांगा था। आयोग ने सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन विपक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, भाजपा ने प्रदर्शन को अराजकता फैलाने की कोशिश बताया। पार्टी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। पूरी खबर यहां पढ़ें… ……………….. यह खबर भी पढ़ें… हिमाचल में कंगना रनोट बोलीं-लोग मुझे निठल्ला कह रहे: अफसरों को फटकारा- बैठक में खानापूर्ति के लिए न आएं, फैसलों पर काम भी करें हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट ने एक बैठक में अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। कंगना ने कहा था कि लोग उन्हें निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर काम करने को कहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट बोला- वकील भी अच्छी एक्टिंग करते हैं:राजपाल यादव के पैसे 'अता पता लापता' हो गए, 6 दिन में 2 करोड़ जमा करिए
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के सात मामलों में दोषी एक्टर राजपाल यादव को बुधवार को अल्टीमेटम दिया। कोर्ट ने कहा- 13 अक्टूबर तक 2 करोड़ रुपए जमा कराइए। इसके बाद ही हम दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ आपकी याचिका पर विचार करेंगे, जिसमें राजपाल को दोषी ठहराते हुए 3 महीने की सजा सुनाई गई थी। सुनवाई के दौरान राजपाल ने हाथ जोड़कर बेंच के सामने प्रणाम किया। बताया कि फिल्म 'अता पता लापता' में ₹200-250 करोड़ का नुकसान हुआ था। प्रोड्यूसर्स के साथ उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद उनसे ₹5 करोड़ की देनदारी वसूली जा रही है। इस पर CJI ने मजाकिए लहजे में कहा- आपकी फिल्म की तरह आपका पैसा भी 'अता पता लापता' हो गया। CJI ने सलाह दी कि वे अच्छी फिल्में बनाएं और लोगों का मनोरंजन करें। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाले वकील भी अच्छे कलाकार होते हैं। उन्हें भी फिल्मों में कास्ट किया जा सकता है। मामला 2010 में राजपाल की फिल्म 'अता पता लापता' के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लिए गए ₹5 करोड़ के लोन से जुड़ा है। इसमें ₹1.05 करोड़ के सात चेक बाउंस हो गए। ब्याज और दूसरे चार्ज के साथ बकाया रकम समय के साथ बढ़ती गई। सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए राजपाल, प्रॉपर्टी बेचकर पैसे देने को कहा चेक-बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी चेतावनी के बाद राजपाल यादव सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को बताया कि वे शिकायतकर्ता को 2 करोड़ रुपए देने को तैयार हैं। उन्होंने कोर्ट को 1.15 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भी दिखाया। बाकी 85 लाख अपनी एक प्रॉपर्टी बेचकर देने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी खरीदने वाला इस वक्त कोर्ट में मौजूद है। सजा बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है कोर्ट कोर्ट ने साफ किया कि राजपाल को बार-बार समय इसलिए दिया जा रहा है, ताकि शिकायतकर्ता को उसका पैसा मिल सके। कोर्ट ने बार-बार देरी वाले बर्ताव को लेकर चेतावनी देते हुए कहा- कानून का इस्तेमाल इस तरह नहीं किया जाना चाहिए। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि कोर्ट उनकी सजा को बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है। राजपाल बोले- फिल्मों के लिए लोन नहीं लिया जाता एक्टर राजपाल यादव ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा था कि फिल्मों के लिए लोन नहीं लिया जाता। आप घर बनाने या जमीन खरीदने के लिए लोन लेते हैं। यह एक पैकेज डील होती है या फिर इन्वेस्टमेंट। राजपाल खुद पहले से ही 100 फिल्मों पर काम कर रहा है, तो उसे एक फिल्म बनाने के लिए लोन की क्या जरूरत होगी? मुझे अपने देश, सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका के पर पूरा भरोसा है। जो भी फैसला होगा, उसे सभी स्वीकार करेंगे। बता दें कि राजपाल यादव शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र के कुंडरा गांव के रहने वाले हैं। उनके ऊपर जिस कंपनी ने केस किया है। उसके मालिक उद्योगपति माधौ गोपाल अग्रवाल भी शाहजहांपुर के निवासी हैं। ‘आपको पता होना चाहिए कि कब मुंह खोलना है’ दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाई थी 3 महीने की सजा मामले में राजपाल यादव को दोषी ठहराया गया था। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सातों मामलों में उनकी सजा बरकरार रखते हुए तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया था। इसके बाद राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में उन्हें सरेंडर करने से अंतरिम राहत दी थी, लेकिन इसके लिए भुगतान की शर्त रखी थी। 15 सितंबर को कोर्ट ने उन्हें रकम जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया था। अब भुगतान की शर्त पूरी नहीं होने पर कोर्ट ने उन्हें आखिरी मौका दिया है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर राजपाल से कहा-आपकी जगह जेल में:घमंड को सही जगह दिखानी होगी, पता होना चाहिए कब मुंह खोलना है चेक बाउंस के सात मामलों में दोषी एक्टर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट के आदेश के बावजूद 5 करोड़ नहीं जमा करने पर सोमवार को जस्टिस जॉयमाल्य बागची नाराज हो गए। इससे पहले 15 सितंबर को भी उन्हें भुगतान के लिए समय दिया था। साथ ही उन्हें सरेंडर करने से मिली अंतरिम राहत 5 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। पूरी खबर पढ़िए
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