दक्षिण एशिया में ‘फोर नेशन कार्ड’:पाकिस्तान का नया पैंतरा; बांग्लादेश, चीन और म्यांमार के साथ नई धुरी बनाने की कोशिश
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले पाकिस्तान और चीन ने ‘फोर नेशन कार्ड’ खेला है। दोनों देश बांग्लादेश और म्यांमार को साथ जोड़कर चार देशों का एक क्षेत्रीय फोरम बनाना चाहते हैं, जिसे दक्षिण एशिया में नए ‘पावर ब्लॉक’ की दिशा में कदम माना जा रहा है। पाकिस्तान चुनाव से पहले इसकी पहली बैठक चाहता है। चीन ने पहले पाक व बांग्लादेश के साथ त्रिपक्षीय फोरम की कोशिश की थी, पर ढाका की उदासीनता के कारण वह योजना सफल नहीं हो सकी। अब पाकिस्तान ने म्यांमार को जोड़कर नया प्रस्ताव रखा है। बांग्लादेश ने इस पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि चुनाव के चलते अंतरिम सरकार किसी उच्चस्तरीय बैठक के लिए तैयार नहीं है। विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा, ‘हमने उन्हें बताया है कि इस पर बैठक नई सरकार के गठन के बाद ही हो सकती है।’ बांग्लादेश फूंक-फूंक कर रख रहा हर कदम, जल्दबाजी में फैसला नहीं फिलहाल बांग्लादेश ने संकेत दिया है कि इस प्रस्ताव पर कोई भी फैसला नई सरकार के गठन के बाद ही लिया जाएगा। वहीं, पाकिस्तान चाहता है कि चुनाव से पहले ही बैठक हो जाए। यह फोरम आगे बढ़ेगा या नहीं, यह बांग्लादेश के चुनाव बाद के रुख और क्षेत्रीय हालात पर निर्भर करेगा। एक राजनयिक के शब्दों में, ‘ढाका की सक्रिय भागीदारी के बिना न तो त्रिपक्षीय और न ही चार पक्षों का फोरम आगे बढ़ सकता है।’ प्रस्ताव भारत के प्रभाव को संतुलित करने की कोशिश 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। दूसरी ओर, चीन ने भी पिछले 18 महीने में बांग्लादेश में अपनी कूटनीतिक और कारोबारी स्थिति मजबूत की है। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रस्ताव इस क्षेत्र में भारत के प्रभाव को संतुलित करने की कोशिश है। हालांकि बांग्लादेश की सतर्कता यह दिखाती है कि वह घरेलू राजनीतिक हालात को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहता है। पाकिस्तान रोहिंग्या का मुद्दा सुलझाने का लालच भी दे चुका जनवरी में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने बांग्लादेश के विदेश सलाहकार से कई बार बातचीत की। 24 जनवरी को दोनों के बीच 15 मिनट से ज्यादा बातचीत हुई, जो म्यांमार के विदेश मंत्री की इस्लामाबाद यात्रा से दो दिन पहले हुई थी। डार ने म्यांमार यात्रा के दौरान रोहिंग्या मुद्दे को उठाने पर भी ढाका की राय मांगी थी। इस पर हुसैन ने पाकिस्तान से इस संकट के समाधान में रचनात्मक भूमिका निभाने को कहा था। चीन 3 साल से कर रहा नया फोरम बनाने की कोशिश चीन लंबे समय से बांग्लादेश को क्षेत्रीय फोरम में शामिल करना चाहता है। जून 2023 में चीन और पाकिस्तान ने कुनमिंग में एक अनौपचारिक बैठक की थी, बांग्लादेश ने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि बिना चौथे देश (जैसे श्रीलंका या नेपाल) के यह फोरम संतुलित नहीं होगा। इसके बाद भी ढाका और कुआलालंपुर में कई प्रयास हुए, लेकिन त्रिपक्षीय योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब पाकिस्तान ने इसे आगे बढ़ाया है।
टॉप-10 फर्म्स में 8 की वैल्यू ₹4.55 लाख करोड़ बढ़ी:रिलायंस को ₹1.41 लाख करोड़ का फायदा; AI की वजह से IT कंपनियों की वैल्यूएशन गिरी
पिछले हफ्ते शेयर बाजार में रही तेजी के कारण भारत के टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल फर्म्स में से 8 की कम्बाइंड मार्केट वैल्यूएशन 4.55 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज इनमें सबसे बड़ी गेनर रही। बीते 5 दिनों में सेंसेक्स 2,857.46 अंक या 3.53% चढ़ा। इससे टॉप-10 में रिलायंस, HDFC बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बजाज फाइनेंस, लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर गेनर्स रहे, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस की वैल्यूएशंस घटीं। बैंकिंग और टेलीकॉम शेयरों में रही तेजी बाजार की इस रैली में बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। भारती एयरटेल की मार्केट वैल्यू ₹52,516.39 करोड़ बढ़कर ₹11.62 लाख करोड़ के पार पहुंच गई। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक की वैल्यू में ₹52,476.97 करोड़ का उछाल आया, जबकि एचडीएफसी बैंक की वैल्यू ₹32,350.28 करोड़ बढ़ी है। सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) की मार्केट कैप भी ₹45,460.79 करोड़ बढ़कर ₹9.84 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गई। एलआईसी और बजाज फाइनेंस को भी फायदा सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) की मार्केट वैल्यू में भी पिछले हफ्ते बड़ा सुधार दिखा। एलआईसी की वैल्यूएशन ₹64,926.1 करोड़ बढ़कर ₹5.70 लाख करोड़ हो गई। वहीं, बजाज फाइनेंस की मार्केट कैप में ₹48,659.83 करोड़ का इजाफा हुआ, जिससे इसकी कुल वैल्यू ₹6.10 लाख करोड़ पर पहुंच गई। एफएमसीजी सेक्टर की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) की वैल्यू में भी ₹17,058.03 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आईटी कंपनियों की वैल्यू ₹1.51 लाख करोड़ घटी एक तरफ जहां 8 कंपनियों ने मुनाफा कमाया, वहीं आईटी सेक्टर की दो सबसे बड़ी कंपनियों टीसीएस और इंफोसिस के लिए पिछला हफ्ता खराब रहा। टीसीएस की मार्केट वैल्यू ₹88,172.8 करोड़ कम होकर ₹10.64 लाख करोड़ रह गई। इसी तरह इंफोसिस की वैल्यू में भी ₹63,462.66 करोड़ की गिरावट आई। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में टेक कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन और एआई (AI) तकनीक की तेज रफ्तार को लेकर भविष्य की चिंताओं की वजह से निवेशकों ने आईटी शेयरों में बिकवाली की। इसके अलावा वैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी इन शेयरों पर दबाव बनाया।
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