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Horoscope 07 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल

आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।

मेष

अप्रिय घटना या समाचार से मन दुखी होगा। विद्यार्थियों के लिए विशेष उत्तम दिन। घरेलू उपयोग की महंगी खरीदारी। अवकाश का आनंद लेकर मौजमस्ती।

वृष

धन का लेनदेन आसान नहीं रहेगा। प्रेम प्रसंग भी आगे बढ़ेंगे। सप्ताह का श्रेष्ठ दिन सिद्ध होगा। आवश्यक काम शीघ्र निपटा लें।

मिथुन

गुप्त रहस्य उजागर हो सकता है। समय सावधानी से बिताए। धन मन तन तीनों की चिंता। चुनौतियों से दिन भरा हुआ है।

कर्क

बनते हुए कामों में रूकावटें आएगी। संतान संबंधी चिंताओं का निराकरण। अखबारों में नाम छप सकता है। रोजगार संबंधी समस्याएं खड़ी होंगी।

सिंह

व्यापार विस्तार- नए व्यापार की योजना भी। अप्रिय मेहमानों का आगमन अच्छा नहीं लगेगा। लाभकारी सम्पर्क बढ़ेंगे, नई योजना भी। व्यावसायिक साझेदारी में मनमुटाव समाप्त होगा।

कन्या

सार्वजनिक सभा में सम्मानित हो सकते हैं। आर्थिक विकास के लिए नया कदम उठायेंगे। धन की स्थिति मजबूत होगी। आर्थिक मामलों में उलझे रहेंगे।

तुला

शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में सफलता। परिवार के लिए धन की व्यवस्था में व्यस्त रहेंगे। विवाह समारोह आदि शुभ कार्य में भाग लेंगे। खर्च कम करें, कर्ज की नौबत आ सकती है।

वृश्चिक

धन की प्राप्ति, आध्यात्मिक उन्नति भी। पुण्य कार्यों में रूचि बढ़ेगी- तीर्थ यात्रा भी संभव। दृढ़ संकल्प सफलता की कुंजी है। रोजगार व्यवसाय में नई स्थापना।

धनु

दाम्पत्य जीवन का समस्याएं हल होंगी। कार्य की अधिकता से थकान और परेशानी। परिवार के सदस्यों की उन्नति में योगदान रहेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

मकर

जीवनसाथी की सलाह लेकर काम करें। दोपहर बाद किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें। घरेलू समस्याएं घेरे रहेगी। कार्य सम्पन्न होने पर सुख चैन का अनुभव।

कुंभ

प्रचुर मात्रा से धन की प्राप्ति। मित्रों आदि की सहायता से उलझन सुलझेगी। आवास परिवर्तन का प्रयास सफल रहेगा। पारिवारिक परिस्थितियों सुधार होगा, धन लाभ।

मीन

फिजूलखर्ची के योग हैं। सपने साकार करने का दिन है। महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। पूर्वाद्ध उत्तम रहेगा, अपराहन में परेशानियां।

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Pitru Paksha: मातृ नवमी पर घर की बहुएं इस विधि से करें महिला पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण


हिंदू धर्म पितृ पक्ष का समय बेहद खास माना जाता है और यह समय पितृ पक्ष का चल रहा है। आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को 'मातृ नवमी' के नाम से जाना जाता है। यह तिथि पितृ पक्ष की पावन अवधि में पड़ती है और इस दौरान सभी महिला पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है।

जैसे बेटे अपने पिता और पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं, उसी तरह इस दिन घर की बहुएं दिवंगत महिला पूर्वजों का श्राद्ध विधि-विधान से करती हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। मातृ नवमी के दिन दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं।

जिन विवाहित महिलाओं की मृत्यु नवमी तिथि को हुई हो या जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो, उनका श्राद्ध भी इसी दिन किया जाता है। मातृ नवमी के दिन सभी मृत महिलाओं का श्राद्ध करने के लिए एक विशेष दिन माना जाता है। आइए आपको बताते हैं किस दिन मातृ नवमी है और किस विधि से श्राद्ध करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

मातृ नवमी 2026 कब है?

नवमी तिथि आरंभ - 04अक्टूबर, रविवार को प्रातः 05:51 बजे
नवमी तिथि समाप्त - 05 अक्टूबर, सोमवार प्रातः 03:53 बजे तक
उदया तिथि के अनुसार मातृ नवमी 04 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी।
मातृ नवमी कुतुप मूहूर्त - प्रातः 11:46 से दोपहर 12:33 तक, इस दिन श्राद्ध के लिए 47 मिनट की अवधि शुभ मानी जा रही है।
रौहिण मूहूर्त - दोपहर 12:33 से दोपहर 01:20 तक

मातृ नवमी का श्राद्ध करने की विधि

- इस दिन सुबह जल्दी उठकर सभी दिवंगत महिलाओं का आह्वाहन किया जाता है और उनके लिए श्राद्ध कर्म का संकल्प लिया जाता है।

- महिला पूर्वजों के लिए तर्पण में काले तिल और सफेद पुष्पों के लेकर उनके लिए तर्पण किया जाता है। यह कार्य मुख्य रुप घर की बहू और अन्य कोई स्त्री कर सकती है।

- मातृ नवमी के दिन चावल या जौ के आटे से पिंड बनाए जाते हैं और इसे घी के मिश्रण में दूध और चीनी भी मिलाकर भी बनाया जा सकता है।

- पिंडदान के साथ ही जल का तर्पण किया जाता है और पूर्वजों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की जाती है।

- इतना ही नहीं, इस दिन पंचबलि भोग भी निकला जाता है और माता की पंसद को भोजन तैयार किया जाता है। ब्राह्मणी को भोज कराया जाता है।

- अगर दिवंगत महिला सुहागिन थी, तो दान में श्रृंगार की चीजें दी जाती हैं।

- गोबर के उपले से हवन करते हुए मृत महिलाओं की विदाई की जाती है और फिर उनकी मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। इसके साथ ही घर की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

मातृ नवमी का महत्व

हिंदू धर्म में नवमी श्राद्ध तिथि को 'मातृ नवमी' भी कहा जाता है। महिलाओं का श्राद्ध करने के लिए यह तिथि सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। परिवार की उन सभी दिवंगत महिला सदस्यों को प्रसन्न करने के लिए नवमी तिथि पर श्राद्ध किया जाता है। जिन महिलाओं का निधन शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि में हुआ है या किसी भी तिथि में हुआ है। इस दिन समस्त मृत महिला पूर्वजों का श्राद्ध करके उन्हें धरती लोक से विदा किया जाता है।

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  Sports

अभिषेक या ईशान, किसके बैट से निकलेगा इतिहास बनाने वाला छक्का, हैदराबाद में बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड, कैसे रोकेगी वेस्टइंडीज?

cricket records: होल्कर स्टेडियम इंदौर में खेले गए तीसरे टी20 मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन बनाए थे. जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 209 रन ही बना सकी और 14 रन से हार गई. इसके बावजूद कैरेबियाई टीम ने छक्कों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. टीम इंडिया अब तक 1997 सिक्स लगा चुकी है. वहीं 1585 छक्के लगाकर न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर है Mon, 12 Oct 2026 17:14:54 +0530

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