T20 World Cup 2026: भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, जानिए किस दिन टीम के साथ जुड़ेगा ये खतरनाक ऑलराउंडर
T20 World Cup 2026: भारतीय क्रिकेट टीम सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में अपने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत यूएसए पर जीत के साथ कर चुकी है. इस पहले मैच में मिली जीत के बाद टीम इंडिया के लिए एक बड़ी खुशखबरी भी आई है. ये खबर इंडियन क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर से जुड़ी हुई है.
भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने यूएसए के खिलाफ मैच के बाद वाशिंगटन सुंदर की टीम इंडिया में वापसी पर बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने बताया है कि ये स्टार ऑलराउंडर भारतीय स्क्वाड से कब तक जुड़ेगा.
A comprehensive victory ✌️#TeamIndia are off the mark in the #T20WorldCup in fine fashion ????????
— BCCI (@BCCI) February 7, 2026
They win the #INDvUSA contest by 2⃣9⃣ runs ????
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वाशिंगटन सुंदर कब करेंगे वापसी
सूर्यकुमार यादव ने कन्फर्म किया कि, वाशिंगटन सुंदर दिल्ली में हमारे साथ जुड़ रहे हैं. वह ठीक हैं, सब कुछ ठीक है. 12 फरवरी को भारत और नामीबिया के बीच मैच होने वाला है. ये भारतीय क्रिकेट टीम का टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दूसरा मैच होगा. उससे पहले कप्तान सूर्या ने सुंदर के फैंस को खुशखबरी दी है.
कब और कहां चोटिल हुए थे सुंदर
26 वर्षीय सुंदर को 11 जनवरी को बड़ौदा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में चोट लगी थी. इसके बाद वो चोटिल होकर टीम से बाहर हो गए थे. वह बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं. उन्होंने अपना रिहैब पूरा कर लिया है. वो अब फिटनेस पाने के बहुत करीब हैं. ऐसे में उनकी जल्द वापसी ने भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मजबूती दी है.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत का स्क्वाड
सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, इशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर.
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भारत ने रचा इतिहास, दुनिया का पहला AI हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म लॉन्च, अब घर बैठे मरीज की होगी 24x7 निगरानी
Home ICU Monitoring: कल्पना कीजिए कि आपके घर में ही एक पर्सनल ICU हो. डॉक्टर हर समय आपकी सेहत पर नजर रखें. किसी भी खतरे से पहले आपको अलर्ट मिल जाए तो कैसा होगा. हाल ही में ऐसा भारत की नई मेडिकल टेक्नोलॉजी iLive Connect ने करके दिखाया है. यह सिस्टम खासतौर पर बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बनाया गया है. चलिए हम आपको इसकी खासियत के बारे में विस्तार से बताते हैं.
क्या है यह डिवाइस?
iLive Connect एक AI आधारित हेल्थकेयर सिस्टम है. इसमें मरीज को एक बायोसेंसर पैच और कलाई में पहनने वाला बैंड दिया जाता है. यह डिवाइस शरीर के जरूरी संकेतों पर लगातार नजर रखता है. सभी डेटा रियल टाइम में डॉक्टरों तक पहुंचता है.
इसके अलावा अगर शरीर में कोई भी खतरनाक बदलाव शुरू होता है, तो कमांड सेंटर में मौजूद डॉक्टर दो मिनट के भीतर मरीज और उसके परिवार को सूचना देते हैं. साथ ही यह भी बताया जाता है कि तुरंत क्या करना जरूरी है. इससे कई बार अस्पताल जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.
कैसे काम करता है यह डिवाइस?
iLive Connect के फाउंडर और कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. राहुल चंदोला के अनुसार, यह सिस्टम भविष्य में होने वाली बीमारी के संकेत पहले ही पकड़ लेता है. इससे समय पर इलाज संभव हो जाता है और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम होती है.
यह डिवाइस छाती और कलाई पर पहना जाता है. यह लगातार ECG, हार्ट रेट, सांसों की गति, ऑक्सीजन लेवल, बॉडी टेम्परेचर, ब्लड प्रेशर ट्रेंड और फिजिकल एक्टिविटी को मॉनिटर करता है. सभी जानकारी सुरक्षित क्लाउड सिस्टम के जरिए डॉक्टरों तक पहुंचती है.
दुनिया का पहला AI हेल्थकेयर सिस्टम
सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और iLive Connect के को-फाउंडर डॉ. विवेका कुमार के मुताबिक, यह दुनिया का पहला ऐसा AI हेल्थकेयर इकोसिस्टम है, जिसे डॉक्टर लीड कर रहे हैं. यह मरीज के घर को ICU जैसी सुविधा में बदल देता है.
डॉ. हैं कि सिस्टम यह भी पहचान लेता है कि मरीज कितनी नींद ले रहा है. अगर नींद पूरी नहीं हो रही, तो उसका पूरा डेटा डॉक्टरों के पास होता है. ऐसे छोटे संकेत बड़ी मेडिकल इमरजेंसी को रोकने में मदद करते हैं.
24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी
कमांड सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टर 24x7 ड्यूटी पर रहते हैं. यह सिस्टम लक्षण दिखने का इंतजार नहीं करता. AI एनालिटिक्स के जरिए बीमारी के संकेत पहले ही पकड़ लिए जाते हैं.
iLive Connect खास तौर पर बुजुर्गों, हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए मरीजों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. घर पर रहते हुए भी उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी मिलती रहती है.
रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे
10 हफ्तों की एक स्टडी में 410 मरीजों पर iLive Connect का इस्तेमाल किया गया. नतीजों में अस्पताल में दोबारा भर्ती होने के मामलों में 76% तक की कमी दर्ज की गई. दिल की बीमारियों, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिक समस्याओं की पहचान समय रहते हो सकी.
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