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दिल्ली में विपक्षी नेताओं की हिरासत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, मेनका गुरुस्वामी ने दी चुनौती

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने इस कार्रवाई के खिलाफ याचिका दाखिल की है. याचिका में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है. इस मामले की सुनवाई रविवार को सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ के सामने होगी.

इस मामले पर अब सबकी नजरें अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि सुनवाई के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई और उससे जुड़े कानूनी सवालों पर दलीलें रखी जा सकती हैं.

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं का मामला 

दरअसल, दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे विपक्षी नेताओं और दूसरे लोगों को लेकर भी कार्रवाई की गई. कुछ नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया. इसी कार्रवाई को लेकर अब कानूनी रास्ता अपनाया गया है.

मेनका गुरुस्वामी की ओर से दाखिल याचिका में सवाल उठाया गया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई को किस आधार पर सही ठहराया गया. याचिका में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत दूसरे विपक्षी नेताओं की हिरासत को चुनौती दी गई है.

हालांकि, याचिका में उठाए गए सवालों पर अदालत का फैसला आना अभी बाकी है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अपनी दलीलें रखी जाएंगी. इसके बाद अदालत मामले से जुड़े तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी.

रविवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई 

इस मामले को रविवार को सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ के सामने सूचीबद्ध किया गया है. ऐसे मामलों में अदालत के सामने सबसे अहम सवाल यह होता है कि संबंधित कार्रवाई कानून के दायरे में की गई या नहीं. साथ ही यह भी देखा जाता है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के पीछे क्या आधार था और अपनाई गई प्रक्रिया नियमों के मुताबिक थी या नहीं.

इस मामले में भी सुनवाई के दौरान इन पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है. हालांकि, अदालत में कौन-सी दलील दी जाएगी और पीठ क्या निर्देश देगी, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा. याचिका दाखिल होने से यह मामला अब केवल दिल्ली में हुए प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है. इसमें विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई की कानूनी जांच का सवाल भी जुड़ गया है.

प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस 

दिल्ली में किसी बड़े प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है. प्रशासन को भीड़ को नियंत्रित करने और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने पड़ते हैं. दूसरी तरफ, विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखने का अधिकार भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है.

ऐसे में किसी प्रदर्शन के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने पर यह देखना जरूरी होता है कि सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम कानून के मुताबिक थे या नहीं. हिरासत में लेने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई, यह भी जांच का विषय हो सकता है. मेनका गुरुस्वामी की याचिका इसी पूरे घटनाक्रम को लेकर दाखिल की गई है. अब अदालत के सामने इस मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार करने का मौका होगा.

अदालत के रुख पर टिकी नजरें 

रविवार को होने वाली सुनवाई इसलिए अहम है क्योंकि इसमें विपक्षी नेताओं की हिरासत को चुनौती दी गई है. याचिका में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं का मामला उठाया गया है. ऐसे में सुनवाई के दौरान अदालत के सामने हिरासत से जुड़े सवाल रखे जा सकते हैं. फिलहाल इस मामले में अंतिम फैसला नहीं आया है. याचिका में लगाए गए आरोपों और हिरासत को चुनौती देने वाली दलीलों पर अदालत का रुख सुनवाई के दौरान ही साफ होगा.

अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ पर हैं. अदालत इस मामले में क्या सवाल उठाती है, संबंधित पक्षों से क्या जवाब मांगती है और आगे क्या निर्देश देती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा. रविवार की सुनवाई से इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है.

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भारतीय घरेलू क्रिकेट में बड़ा बवाल, कोर्ट केस के चक्कर में फंसी अरुणाचल प्रदेश की टीम, नागालैंड के खिलाफ पहले मैच से बाहर

Ranji Trophy: भारतीय घरेलू क्रिकेट सीजन की शुरुआत होते ही अरुणाचल प्रदेश के क्रिकेट फैंस और खिलाड़ियों के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आई है. अरुणाचल प्रदेश की टीम रणजी ट्रॉफी प्लेट डिवीजन में नागालैंड के खिलाफ अपना पहला मुकाबला नहीं खेल पाएगी. यह मैच 11 अक्टूबर से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना था. सिर्फ रणजी ही नहीं, बल्कि अरुणाचल प्रदेश की टीम मेघालय के खिलाफ शुरू होने वाले सीके नायडू ट्रॉफी के अपने पहले मैच से भी पूरी तरह बाहर हो गई है. बीसीसीआई ने भी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि कर दी है कि ये मैच नहीं खेले जाएंगे. 

क्रिकेट एसोसिएशन की अंदरूनी लड़ाई पहुंची कोर्ट

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों को यह बड़ा नुकसान राज्य क्रिकेट बोर्ड के आपसी झगड़े के कारण उठाना पड़ा है. दरअसल, अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन (ARCA) के चुनावों को लेकर दो गुटों के बीच जमकर विवाद चल रहा है. कई जिला क्रिकेट एसोसिएशनों ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद यह पूरा मामला अब गुवाहाटी हाईकोर्ट की ईटानगर बेंच में पहुंच चुका है.

चयन समिति न होने से फंसा पेंच

कोर्ट में मामला लंबित होने और स्टे ऑर्डर लगे होने के कारण राज्य क्रिकेट संघ में इस समय कोई भी वैध संस्था काम नहीं कर पा रही है. नतीजा यह हुआ कि टूर्नामेंट के लिए अरुणाचल प्रदेश की टीम का चयन ही नहीं हो सका. टीम के सीनियर खिलाड़ी तेची नेरी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वे अभी ईटानगर में ही फंसे हैं और टीम का सिलेक्शन तक नहीं हुआ है. खिलाड़ियों का कोई तैयारी कैंप भी आयोजित नहीं हो सका.

खिलाड़ियों के करियर और आजीविका पर संकट

एसोसिएशन के पदाधिकारियों की इस अंदरूनी कलह और कानूनी लड़ाई का सबसे बड़ा खामियाजा वहां के युवा और प्रोफेशनल खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है. खिलाड़ियों का कहना है कि क्रिकेट ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है. इस प्रशासनिक संकट के कारण जूनियर क्रिकेट भी प्रभावित हुआ है और राज्य की अंडर-19 टीम वीनू मांकड़ ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं ले पाई थी.

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अय्यर बोले-गेंदबाजों की सोच में स्पष्टता थी, इसलिए जीते:शाई होप बोले-गेंदबाजी में और बेहतर कर सकते थे

भारतीय टीम ने तीसरे टी-20 इंटरनेशनल में वेस्टइंडीज को 14 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जीत का श्रेय गेंदबाजों के आत्मविश्वास और अपनी योजनाओं पर अमल करने की क्षमता को दिया। उन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की आक्रामक बल्लेबाजी की भी तारीफ की। श्रेयस ने कहा कि गेंदबाज अपनी योजनाओं को लेकर स्पष्ट थे और हर गेंदबाज चुनौती के लिए तैयार था। वहीं, वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने माना कि उनकी टीम गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की यॉर्कर डालने की क्षमता की तारीफ भी की। श्रेयस बोले- हर गेंदबाज चुनौती के लिए तैयार था मैच के बाद प्रेजेंटेशन में श्रेयस ने कहा, 'यह शानदार जीत थी, क्योंकि गेंदबाज अपनी योजनाओं को लेकर काफी आत्मविश्वास से भरे थे। उनकी सोच में स्पष्टता दिख रही थी। वे अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। जब भी मैंने किसी गेंदबाज को गेंद सौंपी, वह चुनौती के लिए तैयार था। कप्तान के तौर पर आप अपने गेंदबाजों से यही चाहते हैं।” अभिषेक-ईशान की आक्रामक बल्लेबाजी की तारीफ भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों पर 69 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 18 गेंदों पर 37 रन की पारी खेली। श्रेयस ने दोनों की बल्लेबाजी को शानदार शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, “'पावरप्ले में अभिषेक ने जिस तरह बल्लेबाजी की और फिर ईशान ने पारी को आगे बढ़ाया, वह शानदार था। ईशान पिछले कुछ महीनों से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। आखिर में प्रिंस यादव की छोटी लेकिन तेज पारी भी अहम रही। उनके बनाए रन निर्णायक साबित हुए।” श्रेयस ने कहा कि वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसे मैदानों पर जहां बड़े स्कोर बनते हैं, वहां अपनी रणनीति पर टिके रहना और आक्रामक खेलना जरूरी है। शाई होप बोले- गेंदबाजी में और बेहतर कर सकते थे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने हार के बाद कहा कि उनकी टीम को गेंदबाजी में ज्यादा सटीक प्रदर्शन करना चाहिए था। उन्होंने कहा, “क्रिकेट में जीत और हार का अंतर बहुत कम होता है। कई ऐसे मौके होते हैं, जो मैच का रुख बदल सकते हैं। हम गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे और हमने कुछ बाउंड्री आसानी से दे दीं।” होप ने अभिषेक और ईशान की साझेदारी को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि रोस्टन चेज ने विकेट लेकर वेस्टइंडीज की वापसी कराई, जो तारीफ के काबिल थी। होप बोले- ओपनिंग पार्टनरशिप की जरूरत होप ने माना कि वेस्टइंडीज को पारी की शुरुआत में एक अच्छी साझेदारी की जरूरत है, ताकि टीम मजबूत स्कोर की नींव रख सके। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके लिए एक-दो खिलाड़ियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ओस के असर पर होप ने कहा कि पारी के आखिर में इसका प्रभाव दिखा और गेंद ज्यादा टेल करने लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ की। होप ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और दबाव में यॉर्कर डालने का हुनर दिखाया। ------------------------------------------------- मैच से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत ने वेस्टइंडीज को 14 रन से हराया:तीसरे टी-20 में अभिषेक शर्मा ने 69 रन बनाए, अर्शदीप सिंह को 3 विकेट भारत ने तीसरे टी-20 में वेस्टइंडीज को 14 रन से हरा दिया है। इसी के साथ 5 मैचों की सीरीज में भारत ने 2-1 की बढ़त बना ली है। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 223 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 30 बॉल पर 69 रन की पारी खेली। ईशान किशन ने 37 रन बनाए। पूरी खबर Mon, 12 Oct 2026 00:40:36

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