कांगो में इबोला पर आंशिक नियंत्रण, लेकिन खतरा अभी बरकरार: डब्ल्यूएचओ प्रमुख
जिनेवा, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने शनिवार को कहा कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के खिलाफ लड़ाई में मजबूत प्रगति हुई है, और इसिरो के एक उपचार केंद्र से 25 ठीक हुए मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ क्षेत्रों में महामारी धीमी हो रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह अभी भी बढ़ रही है।
टेड्रोस ने एक्स पर कहा कि डीआरसी में इबोला के खिलाफ लड़ाई में लगातार मजबूत प्रगति हो रही है।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि बुंडीबुग्यो वायरस रोग (बीवीडी) से ठीक हुए 25 मरीज (13 महिलाएं और 12 पुरुष) को शुक्रवार को हौत-उएले प्रांत की राजधानी इसिरो में डब्ल्यूएचओ समर्थित इबोला उपचार केंद्र में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से और मेडिसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स (एमएसएफ) के साथ मिलकर उद्घाटन किए गए इस केंद्र में 10 बेड का विस्तार किया गया है, जिससे इसकी क्षमता बढ़कर 50 बेड हो गई है।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र मरीजों की देखभाल को मजबूत करता है, साथ ही इसिरो जनरल रेफरल अस्पताल को अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते रहने में सक्षम बनाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसिरो अस्पताल को एक टन से अधिक चिकित्सा सामग्री भी प्रदान की, जिसमें ऑक्सीजन सामग्री, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए दस्ताने और मास्क, साथ ही बिस्तर और गद्दे शामिल हैं। टेड्रोस ने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने इटुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में स्थित अपने नैदानिक प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 211 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया है और जल्द ही उत्तरी किवू में एक नया केंद्र खोलेगा।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण पर भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कल ही, दक्षिण कैरोलिना सरकार के नेतृत्व वाले टीकाकरण कार्यक्रम के तहत, हौत-उएले प्रांत के पहले 100 अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को एर्वेबो का टीका लगाया गया, जो इबोला जैरे स्ट्रेन से सुरक्षा प्रदान करने में सिद्ध हो चुका है, और वर्तमान प्रकोप का कारण बन रहे बुंडीबुग्यो वायरस रोग (बीवीडी) के खिलाफ इसकी प्रभावशीलता का अध्ययन भी किया जा रहा है। इस प्रयास के तहत अब तक 9000 से अधिक अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को एर्वेबो का टीका लगाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि एमएसएफ और उसके साझेदारों ने बुंडीबुग्यो से होने वाली गंभीर बीमारी और मृत्यु को रोकने पर इसके प्रभाव का आकलन करने वाले ब्रावो अध्ययन के हिस्से के रूप में कम से कम 870 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को एर्वेबो का टीका लगाया है, जबकि डब्ल्यूएचओ एर्वेबो और बीवीडी-विशिष्ट टीकों दोनों के लिए एक वैक्सीन प्रभावकारिता मंच परीक्षण का समर्थन कर रहा है, जिसके आने वाले हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है।
टेड्रोस ने कहा कि हालांकि कुछ क्षेत्रों में महामारी की रफ्तार धीमी होने के स्पष्ट संकेत हैं, लेकिन अन्य क्षेत्रों में यह अभी भी बढ़ रही है। इसलिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि राहत कार्य को और बढ़ाया जाए और उन क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए जहाँ प्रकोप पहले से मौजूद है और जहाँ यह आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि डब्ल्यूएचओ डीआरसी सरकार और सभी साझेदारों को प्रकोप को यथाशीघ्र नियंत्रण में लाने के लिए सहयोग दे रहा है, साथ ही भविष्य में क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रहा है ताकि समुदायों को भविष्य में होने वाले प्रकोपों के खतरे से बचाया जा सके।
--आईएएनएस
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पुलिस हिरासत में केजरीवाल की देश से अपील, ‘‘सब लोग दिल्ली चलो’’
देश की राजधानी में शनिवार को वोट चोरी के खिलाफ सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित सभी बड़े नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इससे पहले,अरविंद केजरीवाल के घर को छावनी में तब्दील कर दिया. जिसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि सब लोग दिल्ली आएं. अगर पुलिस रोके तो उसी जगह को जंतर-मंतर बनाकर धरने पर बैठ जाएं.
देशवासी अपने-अपने घरों से निकलिए
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अंदर चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स हैं. किसी को अपने घर से नहीं निकलने दिया जा रहा है. सड़क पर चलते हुए लोगों को पुलिस पकड़ रही है और किसी को कहीं जाने नहीं दिया जा रहा है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरभ दास और गुरुग्राम से ध्रुव राठी तथा रत्ना सिंह जैसे सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे देश के युवा बहुत गुस्से में हैं.
अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग देश में जहां भी हैं, अभी अपने घर से निकलिए और दिल्ली की तरफ कूच कीजिए. दिल्ली आइए, चाहे स्कूटर पर आइए, पैदल आइए, बस में आइए, हवाई जहाज में आइए या ट्रेन में आइए. जैसे भी आ सकते हैं, आइए. जहां मोदी जी लोगों को रोकें, वहीं बैठ जाइए और उसी जगह को जंतर-मंतर बना दीजिए. पूरे देश को जंतर-मंतर बना दीजिए. लेकिन मोदी जी को वोट चोरी करने से रोकना पड़ेगा, नहीं तो यह देश और जनतंत्र नहीं बचेगा.
पूरे देश में आपातकाल लगा दिया- संजय सिंह
“आप” के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि पूरी दिल्ली बंद कर दी गई है और दिल्ली आने वाली ट्रेनें भी रोक दी गई हैं. केवल एक चोर को बचाने के लिए मोदी द्वारा आपातकाल से भी बुरी स्थिति पैदा कर दी गई है, क्योंकि उस वोट चोर ने वोट चोरी करके इनकी कई सरकारें बनवाई हैं. इसीलिए आम आदमी पार्टी सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन कर रही है. संजय सिंह ने कहा कि एक वोट चोर सबसे महत्वपूर्ण हो गया है.
नागरिक अपनी आवाज भी नहीं उठा सकते
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोग अपना हक मांगने देश की राजधानी आए हुए हैं. ऐसे तो अंग्रेज भी नहीं करते थे, जब महात्मा गांधी अपना हक मांगने के लिए दांडी मार्च करते थे, तो अंग्रेज भी उन्हें साबरमती से दांडी तक जाने देते थे और अपनी आवाज उठाने का मौका देते थे. आज की सरकार कह रही है कि नागरिक अपनी आवाज भी नहीं उठा सकते.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इतनी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स लगा दी गई है, जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश या चीन ने हमला कर दिया हो. सरकार, मंत्री और इंटेलिजेंस कहते थे कि ये लोग पाकिस्तानी और बांग्लादेशी हैं. अगर ये विदेशी हैं तो इनसे इतना डर क्यों है, पाकिस्तानी तो पाकिस्तान में बैठे हैं और बांग्लादेशी बांग्लादेश में बैठे हैं. ये हमारे ही देश के युवा हैं और वामपंथी संगठनों, हमारी छात्र विंग सहित कई अन्य छात्र संगठनों ने इस प्रदर्शन को समर्थन दिया है. ये लोग सुबह से अपनी गिरफ्तारियां दे रहे हैं और हम गिरफ्तारियां देने से डरते नहीं हैं.
एहतियातन हिरासत में लिया गया है
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम अपने देश के संविधान और अहिंसा में विश्वास रखने वाले लोग हैं. जो भी लोग आ रहे हैं, वे पूरी तरह अहिंसक तरीकों से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने आ रहे हैं. इसलिए सरकार को उन्हें अपनी बात कहने देनी चाहिए और उनके खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. 45,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है. हजारों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है.
आतिशी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने पर दिल्ली के तीन बार मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने बर्बरतापूर्वक हिरासत में ले लिया. उन्होंने सवाल किया कि मोदी जी, आप ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कितने लोगों को सलाखों के पीछे डालेंगे?
ट्रेनें और मेट्रो बंद कर दी है
“आप” के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पूरी दिल्ली के अंदर इन्होंने ब्लैक इमरजेंसी लागू कर रखी है. लाखों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, लोगों को जबरन गिरफ्तार किया जा रहा है और छात्र-युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है. सरकार ने दिल्ली आने वाली ट्रेनें और मेट्रो बंद कर दी है. इसके बावजूद हजारों लोग पहुंच रहे हैं और लोकतंत्र की रक्षा तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए आंदोलन कर रहे हैं. आज ये हमें गिरफ्तार कर रहे हैं, तो हम गिरफ्तारियां देंगे और जेल जाएंगे.
दिल्ली को छावनी बना दिया गया
बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि पूरी दिल्ली की किलाबंदी कर दी गई है और बीएसएफ, आईटीबीपी, दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ को तैनात करके दिल्ली को छावनी बना दिया गया है. लोगों को परेशान करते हुए ट्रेनें और बसें बंद कर दी गई हैं और यह सब सिर्फ ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किया जा रहा है. ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी करके देश से गद्दारी की है, इसलिए उनसे इस्तीफा लिया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार उन्हें बचाने के लिए यह किलाबंदी कर रही है.
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