Rajasthan Police ANTF ने नेपाल सीमा से दबोचा 75 हजार का इनामी तस्कर सोहनलाल
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में छह साल से फरार चल रहे 75 हजार रुपये के इनामी आरोपी सोहनलाल उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है। उसे भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल के पास पकड़ा गया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी नेपाल में रहकर राजस्थान में अपने तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसे पकड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान को ‘ऑपरेशन विषनहस’ नाम दिया गया। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में एक मामले में नाम आने के बाद सोहनलाल फरार हो गया था।
वह अक्टूबर 2025 में नेपाल चला गया और काठमांडू में रहने लगा। आरोप है कि वहां से भी वह राजस्थान में सक्रिय अपने साथियों के संपर्क में रहकर तस्करी नेटवर्क चला रहा था। उन्होंने बताया कि एएनटीएफ की टीम ने आरोपी के सक्रिय गुर्गों से संपर्क साधा और खुद को पंजाब का मादक पदार्थ का बड़ा अवैध खरीदार बताते हुए भारी मात्रा में माल खरीदने की इच्छा जताई।
गुर्गों ने शर्त रखी कि इतनी बड़ी डील के लिए नेपाल में बैठे उनके आका से ही मिलना होगा। इसके बाद टीम काठमांडू पहुंची। कुमार के अनुसार, स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी से पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भगवान पशुपतिनाथ के नियमित दर्शन करने लगा था।
वह गिरफ्तारी से बचने की मन्नत मांगते हुए रोजाना मंदिर में धोक लगाने आता था। आरोपी की पहचान छिपाने के लिए एएनटीएफ की टीम ने विशेष रणनीति अपनाई। टीम का एक अधिकारी मंदिर के प्रवेश मार्ग पर माला बेचने वाला बन गया, जबकि दूसरा माथे पर चंदन लगाने वाले व्यक्ति के रूप में श्रद्धालुओं को तिलक लगाने लगा।
टीम के अन्य सदस्य आम श्रद्धालुओं की तरह आसपास तैनात रहे। कुछ देर बाद हुलिया मिलने पर संदिग्ध तस्कर की पहचान कर ली गई। उन्होंने बताया कि बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में सोहनलाल टीम के साथ नेपाल से भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल पहुंचा।
भारतीय सीमा में प्रवेश करते ही एएनटीएफ की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
Delhi में DTC बसों में 2,947 मार्शल तैनात, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 56 विशेष बसें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के उपायों के तहत दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में 2,947 बस मार्शल तैनात किए हैं और महिलाओं के लिए 56 विशेष बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इन 56 विशेष बसों में से 15 शाम की पाली में चलती हैं और शाम पांच बजे के बाद इनमें सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। गुप्ता ने एक बयान में कहा कि सभी बसों को बस प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) से जोड़ा गया है।
इनमें आपातकालीन अलार्म लगाए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज तथा जीपीएस के जरिये चौबीसों घंटे नियंत्रण केंद्र से निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग जल्द ही विश्वास नगर और रोहिणी में कामकाजी महिलाओं के लिए अतिरिक्त आवासीय सुविधाएं शुरू करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है, ताकि संकट के समय महिलाओं को तुरंत सहायता मिले, कामकाजी महिलाओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में सीखने, आगे बढ़ने तथा अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिले।’’ उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बाल कल्याण समितियां और किशोर न्याय बोर्ड वैधानिक निकायों के रूप में काम कर रहे हैं।
गुप्ता ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को बाल विवाह निषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। बच्चों की सुरक्षा और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए स्कूलों में करीब 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1,397 स्कूलों में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार के उपायों का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत सड़कों पर 96,000 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें 45,000 हाई-प्रेशर सोडियम वेपर (एचपीएसवी) लाइट और 51,000 एलईडी लाइट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के तहत कुल 2,53,983 सीसीटीवी कैमरे चालू हैं।
नागरिक टोल-फ्री नंबर 1908 और पीडब्ल्यूडी सेवा पोर्टल के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने महिला हेल्पलाइन 181, डीटीसी की सेवाओं और बच्चों की सुरक्षा पर केंद्रित उपायों सहित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
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