Donald Trump ने Truth Social पर पूछा सवाल, 8 युद्ध सुलझाने पर भी क्यों नहीं मिला नोबेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को भारतीय मूल की दक्षिण अफ़्रीकी कानूनविद नवी पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने के फ़ैसले की आलोचना जारी रखी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं, दो और झगड़ों को खत्म करने या सुलझाने के करीब हैं और अपनी कोशिशों के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान के हकदार हैं। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय झगड़ों को सुलझाने, बंधकों को छुड़ाने और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में अपनी उपलब्धियों का ज़िक्र किया और सवाल उठाया कि उन्हें या अमेरिका को यह पुरस्कार क्यों नहीं मिला। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपनी पोस्ट में कहा कि मैंने 8 युद्ध सुलझाए, 2 और को खत्म करने या सुलझाने के करीब हूँ, इज़राइल के सभी बंधकों को वापस लाया जिनमें आखिरी 28 लोग भी शामिल थे, चाहे वे ज़िंदा हों या मृत दुनिया भर के देशों के सैकड़ों बंधकों को छुड़ाकर घर वापस भेजा, वेनेज़ुएला में एक युद्ध जीता और उस हिंसक तानाशाह को पकड़ा जिसने उस देश को बहुत बेरहमी से चलाया था और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नंबर एक देश, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका और भी बहुत कुछ! फिर भी, इन सबके बावजूद मुझे या संयुक्त राज्य अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला।
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ट्रंप की यह टिप्पणी नॉर्वेजियन नोबेल समिति की उस घोषणा के बाद आई है जिसमें शुक्रवार को बताया गया कि पिल्ले को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। ट्रुथ सोशल पर एक पहले की पोस्ट में, ट्रंप ने पिल्ले को सम्मानित करने के फैसले पर सवाल उठाया और दावा किया कि दुनिया भर में संघर्षों को सुलझाने में अपनी भूमिका के लिए वे खुद इस सम्मान के हकदार थे। ट्रंप ने कहा कि यह वही महिला हैं जिन्हें महान संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे रखकर नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया, जबकि अमेरिका के प्रतिनिधि के तौर पर मैंने आठ युद्ध और कई अन्य मामले सुलझाए। मैं इस महिला के बारे में कुछ नहीं जानता, और न ही कोई और जानता है! उन्होंने आगे कहा असल में मेरी जानकारी के मुताबिक, उनके बारे में किसी ने तब तक नहीं सुना था जब तक यह बात सामने नहीं आई कि वे साफ तौर पर इज़राइल से नफरत करती हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका था और उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और ताइवान से जुड़े तनावों सहित अन्य क्षेत्रों में संघर्षों को टालने में मदद की थी।
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नोबेल कमिटी ने अपनी घोषणा में कहा कि पिल्ले ने एक ज़्यादा व्यापक वैश्विक कानूनी व्यवस्था को आगे बढ़ाने में असाधारण साहस और ईमानदारी दिखाई है और यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है कि युद्ध अपराधों, मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों और नरसंहार के मामलों में कानूनी कार्रवाई हो। कमिटी ने कहा 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार उस व्यक्ति को दिया जा रहा है जिसने असाधारण साहस और ईमानदारी के साथ एक ज़्यादा व्यापक वैश्विक कानूनी व्यवस्था की दिशा में नेतृत्व किया है। इस साल के विजेता ने यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है कि युद्ध अपराधों, मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों और नरसंहार के मामलों में कानूनी कार्रवाई हो। दक्षिण अफ्रीका के डरबन में रंगभेद के दौर में भारतीय तमिल मूल के परिवार में जन्मीं पिल्ले एक वकील और कानूनी क्षेत्र की अग्रणी हस्ती बनीं, जिन्होंने संरचनात्मक भेदभाव, अलगाव और बहिष्कार का सामना किया।
US हमलों के बावजूद बातचीत नहीं छोड़ेगा Iran, बैठक में Vladimir Putin ने बढ़ाया हाथ
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि मॉस्को, ईरान को अमेरिका-इज़राइल के साथ चल रहे क्षेत्रीय विवाद को सुलझाने में मदद करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करने को तैयार है। उन्होंने तुर्कमेनिस्तान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से मुलाक़ात की और दोनों देशों के संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक की शुरुआत में पुतिन ने कहा कि बेशक, आज सबसे ज़रूरी मुद्दा क्षेत्र के हालात हैं। हम जानते हैं कि ईरान उस विवाद को खत्म करने के लिए ठोस कोशिशें कर रहा है जो बिना उसकी किसी गलती के क्षेत्र में शुरू हुआ था। ईरान ने एक बार फिर शांतिपूर्ण तरीकों से हालात को सुलझाने के लिए नए प्रस्ताव रखे हैं।
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उन्होंने कहा, मिस्टर प्रेसिडेंट, आप हमारी स्थिति जानते हैं। हम इस स्थिति को सुलझाने में आपकी मदद करने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करने को तैयार हैं। पुतिन ने कहा कि इस बैठक से क्षेत्रीय स्थिति और रूस तथा ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विकास पर चर्चा करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि हम हाल ही में बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में मिले थे। आज हमारे पास अपने संबंधों के विकास, क्षेत्र की स्थिति और इन प्रक्रियाओं के आगे बढ़ने के तरीके पर चर्चा करने का मौका है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले साल की शुरुआत में हस्ताक्षरित दोनों देशों की बुनियादी संधि के तहत द्विपक्षीय संबंध सकारात्मक रूप से विकसित हो रहे हैं। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुतिन ने कहा जहां तक द्विपक्षीय संबंधों की बात है, मैं यह बताना चाहूंगा कि वे पिछले साल की शुरुआत में हस्ताक्षरित हमारी बुनियादी संधि के आधार पर सकारात्मक रूप से विकसित हो रहे हैं। आर्थिक सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार में 21 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और 2026 के पहले सात महीनों के दौरान भी यह सकारात्मक रुझान जारी रहा।
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उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में प्रगति निश्चित रूप से सकारात्मक है। 2025 में व्यापार में 21% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई और यह ट्रेंड इस साल के पहले सात महीनों में भी जारी रहा। पुतिन ने दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग पर भी ज़ोर दिया और कहा कि इससे एक अच्छी मिसाल कायम हुई है, क्योंकि रूस और ईरान दोनों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कुल मिलाकर, हमारे संबंध मज़बूत हो रहे हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आप ईरान के सर्वोच्च नेता तक उनकी अच्छी सेहत और हर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएँ पहुँचाएँ। इस बीच, पेज़ेशकियन ने पुतिन से कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत के पिछले दौरों के दौरान बार-बार हमले होने के बावजूद ईरान बातचीत जारी रखेगा। ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, पेज़ेशकियन ने कहा हम बातचीत कर रहे हैं, लेकिन हर बार जब हम अमेरिका के साथ बातचीत करते हैं, तो वे फिर से हमला कर देते हैं। फिर भी, हम बातचीत की मेज़ से पीछे नहीं हटेंगे।
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