चीनी राज्य परिषद की स्थाई बैठक में कारगर निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया
बीजिंग, 7 फरवरी (आईएएनएस)। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 6 फरवरी को राज्य परिषद की स्थाई बैठक बुलाकर वर्ष 2025 में राज्य परिषद के विभिन्न विभागों द्वारा राष्ट्रीय जन प्रतिनिधियों की रायों और जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की राष्ट्रीय समिति (सीपीपीसीसी) के सुझावों से निपटने की रिपोर्ट सुनी, कारगर निवेश बढ़ाने के कदमों पर विचार किया, पर्यावरण वायु गुणवत्ता मापदंड के संशोधन का इंतजाम किया और बोली निमंत्रित करने और लगाने पर कानून के संशोधन मसौदे पर विचार किया।
इस बैठक में कहा गया कि जन प्रतिनिधियों की रायों और सीपीपीसीसी के सुझावों का अच्छा निपटारा करना सरकार के लिए निगरानी स्वीकारने और कानून के मुताबिक अपना कर्तव्य निभाने की मांग है। यह समग्र प्रक्रिया वाला लोकतंत्र गहराई से लागू करने का महत्वपूर्ण प्रतिबिंब भी है।
इस बैठक में कहा गया कि कारगर निवेश बढ़ाना स्थिर आर्थिक वृद्धि और विकास की मजबूती के लिए बड़ा महत्व रखता है। नीतिगत सुधार कर केंद्रीय बजट में निवेश, बेहद-लंबे विशेष राजकोषीय बांड, स्थानीय सरकार के विशेष बांड ,तथा नयी किस्म के नीतिगत वित्तीय संसाधनों का कुशल प्रयोग करना चाहिए।
15वीं पंचवर्षीय योजना से जुड़कर दूरगामी विकास की मांग और भावी प्रतिस्पर्द्धात्मक लाभ की स्थापना का ख्याल रखते हुए बुनियादी संस्थापन, शहरी जीर्णोद्धार, सार्वजनिक सेवा, नवोदित व भावी व्यवसायों में श्रृंखलात्मक महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तुत कर उनको लागू करना चाहिए।
इस बैठक में कहा गया कि निरंतर कोशिशों के बाद इधर के कुछ सालों में चीन की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और इस संदर्भ में जनता का संतोष स्तर निरंतर उन्नत हो रहा है। संशोधित होने वाले पर्यावरण वायु गुणवत्ता मापदंड में पीएम 2.5 के वार्षिक घनत्व के प्रति अधिक ऊंची मांग की जाएगी। हमें सुंदर नीला आकाश सुरक्षित करना है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेइत के साथ विशेष साक्षात्कार
बीजिंग, 7 फरवरी (आईएएनएस)। चीन और अरब देशों के बीच राजनयिक संबंध शुरू होने की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर, अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेइत ने चाइना मीडिया ग्रुप को एक विशेष साक्षात्कार दिया।
कई बार चीन आने और उसके तेज़ी से विकास को देखने के बाद, उन्होंने कहा, “चीन का विकास और बदलाव पहले कभी नहीं हुआ और यकीन नहीं होता। यह चीन के नेताओं और पूरे चीनी लोगों की वजह से हुआ है।”
उन्होंने कहा कि चीन और अरब देशों के बीच दोस्ती “मज़बूत, करीबी और उम्मीद जगाने वाली” है, और कहा, “चीन कभी भी दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देता, न ही वह सहयोगी संबंध में कोई एकतरफ़ा मांग थोपता है। सिर्फ़ बराबरी और साथ मिलकर काम करने में ईमानदारी पर आधारित दोस्ती है।”
दूसरे चीन-अरब शिखर सम्मेलन का इंतज़ार करते हुए, उन्हें उम्मीद है कि चीन में और अरब नेता इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में चीन और अरब देशों के बीच सहयोग से वलंबे समय का और टिकाऊ विकास हो सके।”
हाल के सालों में, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अरब नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में, चीन और अरब देशों के बीच व्यवहारिक सहयोग और गहरा होता गया है। 2004 में, चीन और अरब देशों के बीच आपसी व्यापार सिर्फ़ 46 अरब अमेरिकी डॉलर था। 2025 तक, यह आंकड़ा लगभग 409 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था, जो लगभग दस गुना ज़्यादा है। यह पूरी तरह से दिखाता है कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग से चीन और अरब देशों दोनों को फ़ायदा होता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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