OBC आरक्षण पर सियासी घमासान, जीतू पटवारी ने शिवराज-मोहन यादव को बताया ‘महाखलनायक’, सिंघार बोले- सरकार ने समाज की पीठ में छुरा घोंपा
भोपाल: मध्यप्रदेश में OBC के 27% आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासत तेज हो गई है। फैसले के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार की पैरवी और पेश किये गये आंकड़ों पर सवाल उठाये हैं। शनिवार को भोपाल स्थित पीसीसी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इशारे पर पिछड़े वर्ग के लोगों का हक रोका गया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे पिछड़े वर्ग के साथ विश्वासघात बताते हुए समाज की पीठ में छुरा घोंपने जैसा करार दिया है।
बता दें कि कांग्रेस ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा-RSS को जिम्मेदार ठहराया और इन्हें ‘महाखलनायक’ बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ेगी और इस कानूनी लड़ाई में होने वाला पूरा खर्च पार्टी उठाएगी।
भाजपा का संदिग्ध चरित्र अब सामने है, इसलिए कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाएगी! ओबीसी आरक्षण के लिए, पूरी ताकत से, हर संभव लड़ाई लड़ेगी!
: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री @jitupatwari जी
????भोपाल | प्रेस कॉन्फ्रेंस https://t.co/e6fxT0zTwe
— MP Congress (@INCMP) October 10, 2026
OBC आरक्षण पर जीतू पटवारी का सरकार पर गंभीर आरोप
बता दें कि जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा दावा किया कि सरकार ने OBC आरक्षण रोकने के लिए वकीलों को 200 करोड़ रुपये दिये हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने वकीलों को एक पेशी के लिए करीब 55 लाख रुपये दिये हैं। इसके बाद जब भी सुनवाई की तारीख बढ़ी, सरकार ने हर बार 1 करोड़ रुपये खर्च किये।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि.. भाजपा की सरकार ने आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र रचा है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने सर्वदलीय बैठक के नाम पर OBC समाज को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं को इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही कहा कि 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के लिये कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी।
OBC आरक्षण मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेस में OBC आरक्षण मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। सिंघार ने सीमित सर्वे, पुराने आंकड़ों और सरकारी पदों की रिक्तियों पर सरकार से सवाल किये। सिंघार ने आरोप लगाया कि.. सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट आंकड़े और मजबूत तथ्य पेश ही नहीं किये हैं। मोहन सरकार ने OBC समाज की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। इसके लिये समाज और प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने सीएम डॉ. मोहन यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो OBC आरक्षण के लिए 24 घंटे के भीतर अध्यादेश जारी करें। उन्होंने कहा कि जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उतनी उसकी भागीदारी होनी चाहिए। सिंघार ने कहा कि लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का संदेश स्पष्ट है कि जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। हर वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय कांग्रेस पार्टी का संकल्प है।
उमंग सिंघार ने भाजपा पर OBC का हक छीनने का आरोप लगाया
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार OBC वर्ग को आरक्षण देना ही नहीं चाहती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार OBC वर्ग का अन्य वर्गों के साथ तुलनात्मक अध्यन क्यों नहीं कराया गया? सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की मंशा OBC समाज को उसका अधिकार देने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि OBC वर्ग के अधिकारों के साथ खिलवाड़ और उसका हक छीनने की साजिश को कांग्रेस कभी भीा बर्दाश्त नहीं करेगी। इस अन्याय के खिलाफ पार्टी की कानूनी और वैचारिक लड़ाई सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जारी रहेगी।
बता दें कि कांग्रेस ने सरकारी नौकरियों में OBC वर्ग के प्रतिनिधित्व के मुद्दे को भी जोरशोर से उठाया। उमंग सिंघार ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए स्वीकृत प्रथम श्रेणी के 68.24 प्रतिशत पद और कुल स्वीकृत पदों में 51.17 प्रतिशत पद खाली होने का उल्लेख है। उन्होंने सवाल उठाते हुये पूछा कि जब इतने सारे पद खाली पड़े हुये हैं तो सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पूरी कर OBC वर्ग के पदों को भरने के लिये क्या जरूरी कदम उठाये हैं?
आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी एवं नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया.
https://t.co/uXBnkm85hE— MP Congress (@INCMP) October 10, 2026
Kal Ka Mausam: मन्नार की खाड़ी में बना डिप्रेशन बढ़ाएगा मुश्किलें? इन 21 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी
कल का मौसम, 11 अक्टूबर: देशभर से मानसून के शांत होने के बाद अब मौसम विभाग ने एक बार फिर से सभी को चौंकाने वाला अनुमान सामने रखा है. लोगों को लग रहा था कि अब बारिश का दौर पूरी तरह से थम चुका है और गुलाबी ठंड की शुरुआत होने वाली है, लेकिन वायुमंडल में बने नए मौसमी सिस्टम ने पूरे हालात ही बदल कर रख दिए हैं. मौसम वैज्ञानिकों के ताजा अनुमान के अनुसार 11 अक्टूबर को देश के उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के करीब 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश और भयंकर आंधी का दोहरा प्रहार देखने को मिल सकता है.
बंगाल की खाड़ी से उठने वाली तूफानी हवाएं और कई राज्यों के ऊपर बने चक्रवाती घेरे के कारण मौसम में यह अचानक भारी उथल-पुथल शुरू हुई है. कुछ संवेदनशील इलाकों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झक्कड़ चलने की आशंका है. वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी इलाकों में ओले गिरने और चोटियों पर बर्फबारी की दस्तक से कड़ाके की ठंडक बढ़ने के पूरे आसार बन रहे हैं. इस बदलते मौसम ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने के साथ-साथ किसानों के माथे पर भी गहरी चिंता की लकीरें खींच दी हैं.
बंगाल की खाड़ी और चक्रवाती घेरे ने बढ़ाई आफत
मौसम के जानकारों ने बताया है कि राजस्थान के उत्तरी हिस्से से लेकर ओडिशा के मध्य भागों तक निचले वायुमंडल में हवा का एक कम दबाव का दायरा बना हुआ है. इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के क्षेत्रों में हवा का एक चक्रवाती घेरा पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. इन दोनों सिस्टम के आपस में मिलने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते देश के एक बड़े भूभाग में तेज बारिश की स्थिति पैदा हो गई है. विशेष रूप से पूर्वी भारत के राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और वज्रपात की बड़ी आशंका जताई गई है. इस बड़े खतरे को देखते हुए प्रशासन ने किसानों और मछुआरों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी है. मछुआरों को समुद्र और उफनती नदियों से दूर रहने को कहा गया है, जबकि खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की हिदायत दी गई है ताकि किसानों को भारी आर्थिक मार से बचाया जा सके.
दिल्ली में बादलों का डेरा और तापमान में गिरावट
देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम करवट लेने के लिए पूरी तरह तैयार है. दिल्ली में 11 अक्टूबर को आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा और मध्यम स्तर की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान राजधानी में 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा के झोंके चल सकते हैं. इससे पारे में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की जाएगी. अनुमान के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बना रहेगा. इस बारिश और हवाओं के कारण उमस से तो राहत मिल जाएगी, लेकिन खुले रास्तों पर चलने वाले मुसाफिरों को सतर्क रहने की जरूरत होगी क्योंकि अचानक होने वाली बारिश सड़कों पर जाम और दूसरी परेशानियां खड़ी कर सकती है.
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने आंधी और बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है. पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक मौसम का कड़ा मिजाज साफ तौर पर दिखाई देगा. मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, गोंडा, सोनभद्र, कानपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, बलरामपुर, महाराजगंज, उन्नाव, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, आजमगढ़, कासगंज और मैनपुरी में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है. राजधानी लखनऊ में अधिकतम पारा 31 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहेगा, जिससे दिन और रात के पारे में काफी गिरावट देखने को मिल सकती है. ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी से कच्चे मकानों और छप्परों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका बनी हुई है.
बिहार में भारी बारिश और वज्रपात का बड़ा खतरा
बिहार में भी 11 अक्टूबर का दिन मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहने वाला है. राज्य के कई जिलों में जोरदार बादलों की गरज और चमक के साथ झमाझम बारिश की भविष्यवाणी की गई है. राजधानी पटना समेत गया, जहानाबाद, सिवान, बक्सर, सारण, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं.
इन जिलों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. पटना शहर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने की उम्मीद है. यहां आकाशीय बिजली गिरने का भी बड़ा खतरा बना हुआ है, इसलिए आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को आंधी और बारिश के समय पक्के मकानों की शरण में रहने और ऊंचे पेड़ों या खंभों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है.
झारखंड में दो दिनों तक जमकर बरसेंगे बदरा
पड़ोसी राज्य झारखंड में 11 और 12 अक्टूबर दोनों दिन मौसम का असर बहुत गंभीर रहने वाला है. राजधानी रांची, सिमडेगा, धनबाद, गिरिडीह, साहेबगंज, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर, गुमला, गढ़वा और बोकारो में मध्यम से भारी बारिश की आशंका जताई गई है. इस दौरान 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. रांची में दिन का पारा 27 डिग्री और रात का पारा 19 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है, जिससे लोगों को अच्छी खासी ठंडक का अहसास होने लगेगा. पहाड़ी और जंगली इलाकों में बिजली गिरने की घटनाओं से जानमाल का नुकसान न हो, इसके लिए सभी जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राहत दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं
पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय और मैदानी इलाकों में भी मौसम भारी तबाही मचा सकता है. पश्चिम बंगाल के नादिया, कोलकाता, अलीपुरद्वार, बीरभूम और दार्जिलिंग में मूसलाधार बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी है. कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
वहीं ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और सिक्किम में भी तेज आंधी चलने से पेड़ उखड़ने और बिजली के तार टूटने की आशंका बनी हुई है. समुद्र तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की कड़ी चेतावनी जारी कर दी गई है.
राजस्थान और MP में बादलों का डेरा
मध्य और पश्चिमी भारत के राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा और मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखेगा. राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, कोटा और बूंदी में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की हवाओं के साथ हल्की बरसात की उम्मीद है. जयपुर में अधिकतम पारा 34 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री रहेगा.
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, विदिशा, अशोक नगर, नीमच, उमरिया, होशंगाबाद, मांडला, अनूपपुर, मुरैना, धार और देवास में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बूंदाबांदी का अनुमान है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा.
पंजाब में हो सकती है जोरदार बारिश
पंजाब के लुधियाना, पठानकोट, चंडीगढ़, बरनाला, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर में भी 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाओं के साथ जोरदार बारिश हो सकती है.
पहाड़ी राज्यों में पर बर्फबारी की संभावना
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ने जा रहा है. उत्तराखंड के देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है. यहां 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हो सकता है.
उधर हिमाचल प्रदेश के मंडी, सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा में बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की चेतावनी दी गई है. मनाली में पारा लुढ़ककर अधिकतम 6 डिग्री और न्यूनतम शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के बारामूला, बडगाम, गांदरबल, अनंतनाग, डोडा, कठुआ और सांबा में भी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी, जिससे श्रीनगर में न्यूनतम पारा 11 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा और वादियों में ठंडक बढ़ जाएगी.
सतर्कता और सावधानी बरतने की सख्त जरूरत
कुल मिलाकर 11 अक्टूबर का दिन पूरे देश में मौसमी बदलाव का एक बड़ा गवाह बनने जा रहा है. 21 राज्यों में एक साथ सक्रिय हुए इस मौसमी तंत्र ने तापमान में गिरावट लाने का काम शुरू कर दिया है. मौसम विभाग और आपदा राहत दलों ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें, पुराने पेड़ों और जर्जर ढांचों के नीचे कतई शरण न लें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से सुरक्षित रहा जा सके.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
News Nation









