मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ Delhi में प्रदर्शन, Saurabh Bharadwaj ने उठाए भारी फोर्स पर सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं को अपनी आवाज़ उठाने से रोक रही है। भारद्वाज ने कहा कि देश भर से युवा अपने अधिकारों की मांग करने के लिए दिल्ली में इकट्ठा हुए थे। उन्होंने कहा आज देश के हर कोने से युवा अपने अधिकारों की मांग करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं। अंग्रेज़ों ने भी ऐसा व्यवहार नहीं किया था। जब गांधीजी ने अंग्रेज़ों से अधिकार मांगने के लिए दांडी मार्च किया था, तो उन्हें मार्च करने की अनुमति दी गई थी। अंग्रेज़ों ने भी अपनी आवाज़ उठाने के अधिकार को माना था। फिर भी, मौजूदा सरकार कहती है कि आप अपनी आवाज़ भी नहीं उठा सकते; आप बोल भी नहीं सकते।
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भारद्वाज ने कहा कि अगर आप इस देश में आवाज़ उठाने की इजाज़त नहीं देते हैं, तो असल में आप अराजकता के बीज बो रहे हैं। सरकार ही इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फ़ोर्स तैनात करके यह स्थिति पैदा कर रही है। क्या पाकिस्तान ने हमला किया है? या बांग्लादेश ने? या चीन ने? उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बारे में सरकार और उसकी एजेंसियों के आरोपों का भी ज़िक्र किया और सवाल उठाया कि इतनी बड़ी सुरक्षा मौजूदगी की ज़रूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा आपकी सरकार, आपके मंत्री और आपकी इंटेलिजेंस एजेंसियां दावा करती थीं कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थक पाकिस्तानी या बांग्लादेशी हैं। खैर, अगर वे सच में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या विदेशी हैं, तो उनसे इतना डर क्यों है? वे अपने देश में हैं; वे यहाँ नहीं आ सकते। वे देश में कहीं और नहीं जा रहे हैं।" भारद्वाज ने कहा कि प्रदर्शनकारी सुबह से ही गिरफ़्तारी दे रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि AAP को हिरासत में लिए जाने से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा वे सुबह से ही गिरफ़्तारी दे रहे हैं, और मुझे लगता है कि यह दिन भर चलता रहेगा। हमें गिरफ़्तार होने से डर नहीं लगता।
Ukraine के Zaporizhzhia में रूसी हवाई हमले, बच्चों समेत 12 नागरिकों की मौत
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी हमलों में तीन बच्चों समेत कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से डीजल खरीदने का समझौता करने की घोषणा के एक दिन बाद हुआ। जेलेंस्की ने बताया कि जापोरिज्जिया में आवासीय इमारतों पर रूसी हवाई बम गिरने से ये मौतें हुईं और कम से कम 14 लोग घायल हुए।
पिछले चार दिनों में रूस की बढ़ती बमबारी में 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि रूस ने डीजल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद जापोरिज्जिया की आवासीय इमारतों पर पांच ग्लाइड बम गिराकर इसका जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दबाव कम होने से रूस को युद्ध जारी रखने और शहरों पर बमबारी करने का मौका मिलता है।
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि रूस तत्काल तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। इसके बाद नवंबर में पांच लाख टन, फिर 10 लाख टन और कुछ समय बाद अतिरिक्त 30 लाख टन डीजल दिया जाएगा। जेलेंस्की ने इस समझौते को रूस के लिए युद्ध में निवेश बताते हुए कहा कि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है।
उन्होंने इसे मजबूत साझेदारों का ‘‘कमजोर फैसला’’ बताया। यह घोषणा ऐसे समय हुई, जब अमेरिकी प्रतिनिधि यूक्रेनी अधिकारियों के साथ युद्ध समाप्त करने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे।
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