एलन मस्क की स्टारलिंक पर भारत को क्यों नहीं करना चाहिए भरोसा? रिपोर्ट ने गिनाए सुरक्षा के बड़े जोखिम
थिंक टैंक द तक्षशिला इंस्टीट्यूशन की अप्रैल 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट 'स्टारलिंक एंड रिस्क्स फॉर इंडिया' ने चेतावनी दी है कि स्टारलिंक पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए जोखिम पैदा कर सकती है. अश्विन प्रसाद राव, आदित्य रामनाथन और रिटायर्ड कर्नल दास की इस रिपोर्ट का तर्क है कि भारत ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के लिए कड़े नियम तो बनाए हैं, लेकिन इन नियमों के बावजूद नेटवर्क के संचालन पर अंतिम नियंत्रण स्पेसएक्स के पास रहता है. चलिये जानते हैं स्टारलिंक को लेकर और कौन-कौन सी चिंताएं जताई गई हैं.
'धांधली के सबूत कहां हैं?', चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों से 124 पूर्व IAS-IFS अधिकारियों ने पूछा, पढ़ें लेटर
124 पूर्व नौकरशाहों ने एक साझा पत्र लिखकर चुनाव आयोग (ECI) और मतदाता सूची को अपडेट करने की SIR (विशेष सघन संशोधन) प्रक्रिया का समर्थन किया है. उनका कहना है कि बिना सबूत के 'चुनाव में धांधली' का आरोप लगाना आम जनता के लोकतांत्रिक विश्वास को ठेस पहुंचाता है. अधिकारियों ने कहा कि चुनाव में जीतने पर प्रक्रिया को सही मानना और हारने पर धांधली का आरोप लगाना गलत है; इसी चुनाव आयोग के रहते सत्तारूढ़ दल ने भी कई चुनाव हारे हैं.
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