Delhi में कॉजपा के प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती, देश-विदेश की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर की विभिन्न फाइल से शनिवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं: दि36 कॉजपा प्रदर्शन पुलिस कार्रवाई जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे कॉजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने खदेड़ा, शीर्ष नेता हिरासत में नयी दिल्ली, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों को शनिवार को खदेड़ दिया और जब कार्यकर्ताओं ने फिर से एकत्र होकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
दि39 दिल्ली प्रदर्शन पथराव कॉजपा प्रदर्शन: आकाशवाणी भवन के निकट पुलिस पर पथराव, दो पुलिसकर्मी घायल नयी दिल्ली, दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को लांघने के बाद आकाशवाणी भवन के निकट इम्तियाज अली मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दि37 न्यायालय कॉजपा प्रदर्शन लीड अवमानना कॉजपा प्रदर्शन: अदालती आदेश के उल्लंघन के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय में शनिवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के मद्देनजर 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो और भारतीय रेलवे की ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी उसके आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है और अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू किये जाने का अनुरोध किया गया है।
दि19 राहुल सीईसी ज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार जाएगी: राहुल गांधी नयी दिल्ली, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी जाएंगे तथा मोदी सरकार भी जाएगी और इसके बाद लोकतंत्र को दुरुस्त करने का काम शुरू होगा।
दि31 नवीन विपक्ष कॉजपा प्रदर्शन भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी, केजरीवाल और कॉजपा को दी चेतावनी नयी दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) पर विदेशी ताकतों के समर्थन से देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
अर्थ1 अमेरिका मस्क रिलायंस लीड भाजपा एलन मस्क ने रिलायंस समर्थित कंपनियों की ओर से भाजपा को दिए चंदे की खबरों को साझा किया वाशिंगटन, अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने शनिवार को भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी पर अपने तीखे हमले जारी रखते हुए मीडिया खबरों के स्क्रीनशॉट साझा किए। इन खबरों में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा वित्तपोषित एक कंपनी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के अभियानों को बढ़ावा देने में मदद की और रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी ने सत्तारूढ़ दल को बड़ा राजनीतिक चंदा दिया।
प्रादे17 मणिपुर हिंसा मणिपुर के कामजोंग में महिला की गोली मारकर हत्या, निषेधाज्ञा लागू इंफाल, मणिपुर के हिंसा प्रभावित कामजोंग जिले में एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राज्य में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी, जिसके मद्देनजर अधिकारियों ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
दि32 ईडी गिरफ्तारी दिवाला प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े मामले में साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता गिरफ्तार नयी दिल्ली, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन के एक मामले में दिल्ली स्थित मीडिया एवं प्रसारण कंपनी साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
वि10 संरा भारत पाकिस्तान परमाणु हथियारों को ‘शासन चलाने का सामान्य साधन’ न माना जाए: भारत संयुक्त राष्ट्र, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि परमाणु हथियारों को शासन चलाने का ‘‘सामान्य साधन नहीं माना जाना’’ चाहिए।
वि7 अमेरिका ट्रंप नोबेल मैंने जितने युद्ध रुकवाए, उस हिसाब से मुझे आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था: ट्रंप वाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किए जाने को लेकर नॉर्वे पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने जितने युद्ध रुकवाए हैं, उसके हिसाब से उन्हें आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था।
अर्थ2 आरबीआई ओएमसी डॉलर आरबीआई तीन सरकारी तेल कंपनियों के लिए विशेष डॉलर सुविधा शुरू करेगा मुंबई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की संपूर्ण दैनिक डॉलर जरूरतों को पूरा करने के लिए सोमवार से एक विशेष सुविधा शुरू करेगा।
खेल8 खेल भारत गावस्कर गावस्कर ने महत्वपूर्ण मौके पर मयंक को गेंद नहीं सौंपने के फैसले पर सवाल उठाए नयी दिल्ली, 10/10/2026 2:03:46 PM दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने तेज गेंदबाज मयंक यादव या बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के बजाय कुलदीप यादव को महत्वपूर्ण 17वां ओवर सौंपकर बड़ी गलती की।
खेल3 खेल भारत गंभीर गंभीर ने दुबे को ऊपर भेजने का समर्थन किया, कहा, टी20 में केवल ओपनर की जगह पक्की होती है रांची, भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ऑलराउंडर शिवम दुबे को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने का बचाव करते हुए कहा कि टीम आगे भी खेल के सबसे छोटे प्रारूप में बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन बनाए रखेगी।
Yes Milord: आंदोलनजीवी की सरकारी भाषा बताओ? सत्यम वर्मा पर NSA आदेश में इस्तेमाल शब्द को लेकर हाईकोर्ट ने मेधा रूपम से पूछा सवाल
आंदोलनजीवी शब्द आखिर आया कहाँ से और यह किसी आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ में कैसे दर्ज हो गया? यह तीखा सवाल किसी राजनीतिक मंच पर नहीं, बल्कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की उस पीठ ने उठाया है जो पत्रकार सत्यम वर्मा पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की वैधता परख रही है। मामला अप्रैल 2026 में नोएडा के मज़दूर आंदोलन से जुड़ा है, जहाँ न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर 8 अप्रैल से शुरू हुआ प्रदर्शन 13 अप्रैल तक आते-आते पथराव और हिंसा में बदल गया। इसके चार दिन बाद 17 अप्रैल को यूपी पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में पत्रकार सत्यम वर्मा को गिरफ्तार किया और फिर 12 मई को गौतमबुद्ध नगर की ज़िलाधिकारी मेधा रूपम ने उन पर रासुका (NSA) तामील कर दिया। डीएम मेधा रूपम खुद चर्चा के केंद्र में हैं। एक तरफ पत्रकार पर सख्त कार्रवाई को लेकर, तो दूसरी तरफ उनकी पहचान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी के रूप में भी है, जो पहले से ही चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं। जब सत्यम की हिरासत को जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ में चुनौती दी गई, तो 8 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रखते हुए अदालत ने सीधे प्रशासन की मंशा और शब्दावली पर ही सवाल दाग दिए।
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यह दूसरी बार है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट एक ही मामले में मेधा रूपम को जबरदस्त फटकार लगा चुका है। इससे पहले 2 सितंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने अकृति चौधरी की हिरासत को रद्द कर दिया था और उन्हें 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया था। हालांकि मुआवजा राशी को लेकर मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से राहत भी मिल गई थी। लेकिन वर्तमान मामले में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। आपको बता दें यह मामला अप्रैल 2026 में नोएडा में मजदूर के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा के बाद पत्रकार सत्यम वर्मा को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में ले जाने से संबंधित है। जहां गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने 12 मई 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धारा 3 2 और 33 के तहत वर्मा की निवारक हिरासत का आदेश जारी किया था। आकृति चौधरी को रिहाई दिए जाने के बाद सत्यम वर्मा ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। अपनी याचिका में उन्होंने हिरासत आदेश के अलावा राज्य सरकार के 20 मई के अनुमोदन आदेश और 10 जून के पुष्टि आदेश को भी चुनौती दी है। उन्होंने इन आदेशों को रद्द करने और तत्काल रिहाई और कथित अवैध हिरासत के लिए मुआवजे की भी मांग की है। सत्यम वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंजालविस ने दलील दी कि हिरासत के आधार पर उनकी राजनीतिक विचारधारा आरडब्ल्यूपीआई से कथित संबंधों और साहित्य पढ़ने लिखने, अनुवाद करने और प्रकाशित करने जैसी गतिविधियों को अपराध की तरह पेश करते हैं। जिसको लेकर सत्यम वर्मा ने भी गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने खुद कहा कि किसी व्यक्ति का राजनीतिक विचार रखना, अकादमिक साहित्य पढ़ना, पत्रकारिता करना या किसी संगठन से वैचारिक जुड़ाव होना अपने आप में निवारक हिरासत का पर्याप्त आधार नहीं है और ना यह हो सकता है। इधर सत्यम वर्मा की याचिका में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि 12 मई को जारी हिरासत के आधार 14 अप्रैल 2026 को द क्रोनोलॉजी नाम के सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रकाशित एक पोस्ट का सीधा बिना सत्यापन के पेश किया गया था। वर्मा की याचिका के मुताबिक इस पोस्ट का शीर्षक था रेवोलशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी कि आरडब्ल्यूपीआई ए मल्टीफ्रंट एजिटेशन सिंडिकेट इनसाइड स्टोरी ऑफ़ नोएडा वायलेंस।
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सत्यम की तत्काल रिहाई की मांग
याचिका में हिरासत आदेश और उसके परिणामस्वरूप पारित आदेशों को रद्द करने के साथ-साथ सत्यम वर्मा की तत्काल रिहाई तथा कथित अवैध हिरासत के लिए मुआवजे की मांग की गई है। याचिका का मुख्य आधार यह है कि हिरासत आदेश इस तथ्यात्मक रूप से असंभव धारणा पर आधारित था कि सत्यम वर्मा 13 अप्रैल 2026 को नोएडा में हिंसा में शामिल थे। याचिका के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पता चलता है कि वर्मा उस दिन लगभग 500 किलोमीटर दूर लखनऊ में थे, जहां उन्हें उसी दिन दोपहर 2:14 बजे हसनगंज पुलिस ने कथित तौर पर हिरासत में लिया था।
पीठ ने पूछा सवाल
पीठ ने सवाल किया कि इस प्रकार की शब्दावली आधिकारिक सरकारी हिरातस दस्तवेज में कैसे आई। साथ ही, एनएसए के तहत हिरासत के आधारों को लेकर अलग से उल्लेख किया गया। बेंच ने सवाल किया कि केवल एक विशेष विचारधारा को धारण करना या साहित्य रखना निवारक हिरासत का आधार कैसे बन सकता है।
आंदोलनजीवि शब्द आया कहां से?
8 फरवरी 2021 की बात है। देश के पीएम नरेंद्र मोदी राज्यसभा में खड़े थे। राष्ट्रपति के अभिभाषण धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए। पीएम मोदी ने उस दिन कहा हम लोग कुछ शब्दों से परिचित हैं। श्रमजीवी, बुद्धिजीवी यह सारे शब्द से हम सब परिचित हैं। लेकिन मैं देख रहा हूं कि पिछले कुछ समय से देश में एक नई जमात पैदा हुई है। एक नई बिरादरी सामने आई है और वो है आंदोलनजीवी। ये जमात आप देखेंगे। वकीलों का आंदोलन है। वहां नजर आएंगे। स्टूडेंट्स का आंदोलन है। वहां नजर आएंगे। मजदूरों का आंदोलन है। वो वहां नजर आएंगे। कभी पर्दे के पीछे तो कभी पर्दे के आगे। यह पूरी टोली है जो आंदोलनजीवी है। यह आंदोलन के बिना जी नहीं सकते हैं और आंदोलन से जीने के लिए जीने के रास्ते ढूंढते रहते हैं। नरेंद्र मोदी देश की संसद में जब यह बयान दे रहे थे तब दिल्ली की सीमाओं पर किसान बैठे हुए थे। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ धरना चल रहा था। पीएम ने इस बयान के करीब 8 महीने बाद खुद ही तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था और किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की थी। इस संदर्भ के साथ पहली बार देश की संसद में नरेंद्र मोदी ने आंदोलनजीवी शब्द उछाला।
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