महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी हुए डिटेन, जंतर-मंतर के समर्थन में मुंबई में प्रदर्शन की थी तैयारी
Mahatma Gandhi Great Grandson Tushar Gandhi: दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बीच मुंबई में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मुंबई पुलिस ने महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. गांधी जंतर मंतर प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में विरोध प्रदर्शन करने वाले थे. इससे पहले पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया है.
बता दें कि महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में कार्यक्रम करने वाले थे. उन्होंने दोपहर 3:30 बजे अगस्त क्रांति मैदान पहुंचने की अपील की थी. इससे पहले पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. पुलिस उन्हें बांद्रा/सांताक्रूज इलाके से हिरासत में लेकर डीएन नगर पुलिस स्टेशन ले गई. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और अदालत के नियमों के तहत अगस्त क्रांति मैदान में सभा की अनुमति नहीं है. हिरासत में आने के बाद भी गांधी ने समर्थकों से जुटने की अपील की है.
#Mumbai @TusharG detained by #MumbaiPolice ahead of today protest called by #HumBharatKeLog pic.twitter.com/cxALIdIqP1
— Mayuresh Ganapatye (@mayuganapatye) October 10, 2026
वीडियो जारी कर तुषार ने की अपील
सोशल एक्टिविस्ट तुषार गांधी ने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बावजूद हम अपना विरोध जारी रखेंगे. हम सभी से अपील करते हैं कि वे आज दोपहर अगस्त क्रांति मैदान पहुंचें. तुषार गांधी को कथित तौर पर मुंबई पुलिस ने दिल्ली में CEC के खिलाफ हो रहे विरोध के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन से पहले हिरासत में ले लिया था.
सीजेपी ने भी की पोस्ट
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने घटनाक्रम पर एक्स पर पोस्ट किया. इसमें लिखा कि महात्मा गांधी के पड़पोते, तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. अब हमें समझ आया कि अंग्रेज गांधी के अहिंसा आंदोलन से इतना क्यों डरते थे.
सेबी ने नए सेटलमेंट नियम किए जारी, 10 लाख रुपए तक के मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक रूट शुरू
मुंबई, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सेटलमेंट के कैलकुलेशन के लिए नए संशोधित नियम जारी किए हैं। साथ ही, 10 लाख रुपए तक के मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक रूट शुरू किया है।
रेगुलेटर ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि सेटलमेंट और फास्ट-ट्रैक रूट के लिए बदले गए फॉर्मूले का मकसद इस सिस्टम को आसान और ज्यादा अनुमान लगाने लायक बनाना है।
सेटलमेंट रेगुलेशन्स, 2026 के तहत, सेटलमेंट की शर्तों में सेटलमेंट की रकम, जहां लागू हो वहां गलत तरीके से कमाए गए मुनाफे की वापसी और सुधारात्मक व रेगुलेटरी शर्तें (जिन्हें पहले नॉन-मॉनेटरी शर्तें कहा जाता था) शामिल होंगी।
इसमें गलत तरीके से कमाए गए मुनाफे की वापसी के लिए अलग से प्रावधान किया गया है, ताकि सेटलमेंट की गणना करते समय ऐसी रकम की दोहरी गिनती न हो।
नया फॉर्मूला सेटलमेंट की रकम को एक बेस अमाउंट से जोड़ता है, जो सिक्योरिटीज कानूनों के तहत उल्लंघन के लिए तय कम से कम पेनल्टी से जुड़ा होता है। बेस अमाउंट तय करने में कानूनी खर्च के अलावा, कार्यवाही का चरण, रेगुलेटरी एक्शन, उल्लंघन की गंभीरता, और मामले को गंभीर या कम गंभीर बनाने वाले कारकों को ध्यान में रखा जाएगा।
बेस अमाउंट की कैलकुलेशन में गलत तरीके से कमाए गए मुनाफे, बचाए गए नुकसान या निवेशकों को हुए नुकसान को शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, इन रकमों को अलग से वसूला जाएगा।
पैसे की सीमा के अलावा, उल्लंघन की प्रकृति (जैसे कुछ डिस्क्लोजर से जुड़े उल्लंघन) यह तय करेगी कि मामले नए शुरू किए गए फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट रूट से निपटाए जाएंगे या नहीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नियामक ने कहा, फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट दो तरह के होंगे -- उल्लंघन पर आधारित फीस्ट-ट्रैक सेटलमेंट और पैसे की सीमा पर आधारित फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट।
जब सेटलमेंट की रकम 10 लाख रुपए या उससे कम होगी, तो मामले सीधे इंटरनल कमिटी से होल-टाइम मेंबर्स के पैनल के पास जाएंगे।
उल्लंघन पर आधारित फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट में, सेबी संबंधित संस्था को एक नोटिस भेजेगा जिसमें नोटिस में बताई गई रकम का भुगतान करके मामले को निपटाने का मौका दिया जाएगा। सेटलमेंट की रकम का भुगतान होने के बाद सदस्यों का पैनल सेटलमेंट ऑर्डर जारी करेगा।
इन नियमों में फाइनेंशियल स्टेटमेंट को गलत तरीके से पेश करने या फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामलों का सेटलमेंट भी शामिल है, बशर्ते उचित सुधारात्मक और रेगुलेटरी उपाय किए जाएं, जिनमें डिस्क्लोजर और डायवर्ट किए गए फंड की रिकवरी शामिल है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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